Success Story: 12वीं मे दो सब्जेक्ट में मिले थे 3-3 नंबर, सिरोही के बृजेश परमार अब बने डीएसपी

Last Updated:October 20, 2026, 17:42 IST
Success Story:12वीं में फेल होने वाले बृजेश को कभी फिजिक्स में 3 और मैथ्स में 4 नंबर मिले थे, पढ़ाई में असफलता के बाद उन्होंने डांस की दुनिया में करियर बनाया, लेकिन फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. RAS-2023 में अधिकारी बनने के बाद अब RAS-2024 में सफलता हासिल कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पद प्राप्त किया है.
कभी 12वीं की परीक्षा में असफल होने वाले बृजेश ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा में सफलता हासिल की. अब आरएएस-2024 के परिणाम में के बाद पुलिस उपाधीक्षक का पद प्राप्त कर अपने सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है. बृजेश की शुरुआती पढ़ाई आसान नहीं रही. 11वीं कक्षा में अपने दोस्तों को देखकर उन्होंने भी फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित यानी पीसीएम विषय चुन लिए, लेकिन इन विषयों को समझने में उन्हें काफी परेशानी हुई.
इसका असर 12वीं के परिणाम में भी दिखाई दिया, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान में उन्हें 56 में से केवल 3-3 अंक मिले, जबकि गणित में 80 में से महज 4 अंक ही मिले थे. वह 12वीं की परीक्षा में फेल हो गए. इसके बाद बीए प्रथम वर्ष में भी उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन इन नतीजों ने उनके जीवन की कहानी को यहीं समाप्त नहीं किया.
पढ़ाई में लगातार मिली असफलताओं के बाद बृजेश ने अपने बचपन के शौक डांस को करियर बनाने का फैसला किया और दिल्ली के प्रतिष्ठित डांस अकादमी ‘द डांसवॉक्स’ से प्रोफेशनल कोर्स किया. यहां उन्होंने बैले, कंटेम्पररी और जैज जैसी डांस की तकनीक को बारीकी से सीखा और अमेरिका, जर्मनी, इटली और मैक्सिको के कोरियोग्राफरों के साथ काम किया. बृजेश ने नवधारा इंडिया डांस थिएटर से जुड़कर डांसर शक्ति मोहन की टीम का भी हिस्सा बने.
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डांस का अनुभव हासिल करने के बाद बृजेश ने एक बार फिर पढ़ाई की ओर लौटने का फैसला किया. कोरोना काल के बाद उन्होंने फिर से अपनी पढ़ाई को आगे जारी रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को अपना लक्ष्य बना लिया. बृजेश ने अपनी पिछले फैलियर को पीछे छोड़कर प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए लगातार मेहनत की. उनकी मेहनत के बलबूते पर आरएएस-2023 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर सहकारिता विभाग में अधिकारी बने.
इस उपलब्धि के बाद उन्होंने यहीं रुकने के बजाय आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा. आरएएस-2024 में उन्होंने फिर सफलता हासिल की और इस बार पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) की पोस्ट पर पोस्टिंग मिली है. इस उपलब्धि के साथ बृजेश ने यह साबित किया कि जीवन में लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोई असफलता रास्ता नहीं रोक सकती है.
छोटे से गांव गोयली के बृजेश परमार की कहानी गांव और जिले के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो परीक्षा में असफल होने या पढ़ाई में कमजोर रहने के कारण अपने भविष्य को लेकर निराश हो जाते हैं. बृजेश से कई अन्य युवा भी प्रेरणा लेकर सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं. 12वीं में बेहद कम अंक अंक और असफलता के बावजूद डीएसपी पद तक का सफर हर किसी के लिए मिसाल बन रहा है.
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October 20, 2026, 17:42 IST



