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Ayurvedic Home Remedy: दादी-नानी की रसोई में था घरेलू नुस्खों का खजाना, छोटी-मोटी परेशानियों में काम आती थीं ये 7 चीजें

Last Updated:October 22, 2026, 15:29 IST

Dadai Nani Ke Gharelu Nuskhe : भारतीय रसोई में मौजूद अजवाइन, हींग, लौंग, हल्दी, सौंफ, अदरक और काली मिर्च जैसे मसाले सदियों से घरेलू नुस्खों और स्वास्थ्य लाभ के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं. दादी-नानी अक्सर गैस या पेट फूलने पर हींग को पानी में घोलकर पेट पर लगाने जैसे पारंपरिक नुस्खे अपनाती थीं. ऐसे उपायों को घरेलू तौर पर राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है.Amazon Prime DayTop Deals Inside

दादी-नानी की रसोई में अजवाइन सिर्फ मसाला ही नहीं, बल्कि घरेलू नुस्खों का हिस्सा भी हुआ करती थी. खाना ज्यादा हो जाने, गैस या पेट में भारीपन महसूस होने पर अजवाइन को सेंककर या गुनगुने पानी के साथ लेने का चलन रहा है. सर्दियों में अजवाइन की चाय या काढ़ा भी घरों में बनाया जाता है.

दाल और सब्जियों का स्वाद बढ़ाने वाली हींग का इस्तेमाल पुराने समय में पेट से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियों के घरेलू उपायों में भी किया जाता था. दादी-नानी अक्सर गैस या पेट फूलने पर हींग को पानी में घोलकर पेट पर लगाने जैसे पारंपरिक नुस्खे अपनाती थीं. ऐसे उपायों को घरेलू तौर पर राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है.

लौंग की खुशबू और स्वाद के साथ इसके कई पारंपरिक घरेलू इस्तेमाल भी रहे हैं. दांत में हल्का दर्द होने पर लौंग रखने या लौंग का तेल लगाने का चलन पुराने समय से रहा है. मुंह की बदबू दूर करने और सांसों में ताजगी बनाए रखने के लिए भी खाना खाने के बाद लौंग चबाई जाती थी.

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भारतीय रसोई में हल्दी को मसाले के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में भी खास जगह मिली हुई है. सर्दियों में हल्दी वाला दूध पीने की परंपरा आज भी कई घरों में है. हल्दी का इस्तेमाल छोटी-मोटी चोट या त्वचा की देखभाल से जुड़े पारंपरिक उपायों में भी किया जाता रहा है.

खाना खाने के बाद सौंफ खाने की परंपरा आज भी कई घरों में देखने को मिलती है. दादी-नानी इसे मुंह की ताजगी और पाचन के लिए उपयोगी मानती थीं. सौंफ का पानी बनाकर पीने का घरेलू चलन भी पुराने समय से रहा है. इसे भोजन के बाद माउथ फ्रेशनर के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता रहा है.

अदरक का इस्तेमाल चाय और सब्जियों में स्वाद बढ़ाने के अलावा पुराने घरेलू नुस्खों में भी खूब होता रहा है. सर्दी या गले में खराश होने पर अदरक वाली चाय, अदरक का काढ़ा या शहद के साथ अदरक लेने का चलन रहा है. इसकी गर्म तासीर के कारण सर्दियों में इसे खास तौर पर पसंद किया जाता है.

काली मिर्च भारतीय रसोई का ऐसा मसाला है, जिसका इस्तेमाल दादी-नानी सर्दियों में खास तौर पर करती थीं. इसे चाय, काढ़े या शहद के साथ लेने का पारंपरिक चलन रहा है. खाने में इसका इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सर्दियों के घरेलू नुस्खों में भी किया जाता रहा है.

लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍िया✅देखें.First Published :

October 22, 2026, 15:29 IST

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