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देश की पाठशाला: पीएम मोदी के ‘नए भारत’ को रोकने की साजिश कौन कर रहा, किसका नाम सामने आ गया?

देश की पाठशाला. जो लोग रिजीम चेंज की बात कर रहे थे, उनके एजेंडे को लेकर बड़ा खुलासा हो गया. अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स न्यूज ने खुलासा किया है कि दिल्ली और पेरिस में हुए प्रोटेस्ट एक ही पैटर्न पर किए गए. यानी जिन्होंने फ्रांस में बवाल किया है, वो उसी नेटवर्क के लोग हैं, जो नेटवर्क भारत को भी फ्रांस की तरह ही जलाने के इरादे रखता है. इस रिपोर्ट और इसके खुलासे के बारे में आपको डिटेल में बताते हैं.

अमेरिकी चैनल फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में हैरान करने वाली बातें सामने आ रही हैं. इस रिपोर्ट का टाइटल ही है Global ‘Chaos Inc’ Grows to 101 Groups With Plans For New Rounds of Demonstration… फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के कई देशों में अलग अलग संगठन ग्लोबल लेवल पर प्रोटेस्ट को बढ़ावा दे रहे हैं. इनका काम अलग अलग देशों में युवाओं और छात्रों को सड़क पर लाकर प्रदर्शन करवाना है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक प्रोटेस्ट के पीछे 9 देशों में फैले 101 संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है.

ये संगठन प्रदर्शनों के आयोजन, तालमेल और बढ़ावा देने में भूमिका निभा रहे हैं. 101 संगठनों में से 33 संगठनों का का नेतृत्व छात्रों या युवाओं के हाथ में है. रिपोर्ट में वामपंथी, कम्युनिस्ट और समाजवादी समूहों के साथ छात्र संगठनों का भी जिक्र है. रिपोर्ट में इस नेटवर्क को रेड-ग्रीन प्रोटेस्ट इकोसिस्टम नाम दिया गया है. रेड का संबंध कम्युनिस्ट और समाजवादी समूहों से बताया गया है, जबकि ग्रीन का संबंध इस्लामी संगठनों से बताया गया है

ऑर्गैनिक हैं या फिर जानबूझकर कराया गया प्रोटेस्‍ट

इस रिपोर्ट के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अलग अलग देशों में जो प्रोटेस्ट हो रहे हैं. वो ऑर्गैनिक हैं या फिर प्रोटेस्ट जानबूझकर करवाया गया है. युवाओं को जानबूझ कर भड़का के सड़कों पर उतारा गया है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में 5 ऐसे संगठनों का नाम है जो प्रदर्शनों जिनकी वजह से दिल्ली के प्रोटेस्ट का कनेक्शन फ्रांस के साथ जोड़ा जा रहा है.
पहला संगठन है इंडिया अलायंस पेरिस यानी IAP. फ्रांस के इस संगठन का कनेक्शन दिल्ली प्रोटेस्ट से बताया गया है. ये संगठन फ्रांस औऱ भारत में प्रदर्शनों से जुड़े मैसेज शेयर करता है.
दूसरा संगठन है प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल यानी PI. ये एक इंटरनेशनल राजनीतिक संगठन है. 16 अक्टूबर की ब्रीफिंग में फ्रांस, भारत, स्पेन और अल्बानिया के आंदोलन का जिक्र किया है. संगठन ने इन प्रदर्शनों में सहयोग बढ़ाने की बात कही थी.तीसरा संगठन है Peoples Forum. न्यूयॉर्क का राजनीतिक और सामाजिक शिक्षा से जुड़ा संगठन है. इंडिया अलायंस पेरिस में इस संगठन की हिस्सेदारी है.
चौथा संगठन है कोड पिंक. इसे अमेरिकी कारोबारी नेविल राय सिंघम आर्थिक मदद करता है.
पांचवा संगठन है ब्रेकथ्रू न्यूज. इस संगठन को भी नेविल राय सिंघम फंडिंग करता है.

खुलासे के बाद बीजेपी हुई हमलावर

इस खुलासे के बाद बीजेपी हमलावर है. बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी बिक गए हैं. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में पांचों संगठनों का जिक्र है. और प्रदर्शनों में इनकी भूमिका के बारे में भी बताया गया है. इनमें से दो संगठनों को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया है. बीजेपी ने दो तस्वीरें शेयर की हैं, जिस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी प्रोगेर्सिव इंटरनेशनल संगठन के डेलिगेशन से मिल रहे हैं. ये अप्रैल 2025 को मुलाकात 10 जनपथ में हुई थी. इसी को लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया है कि मामला जितना दिख रहा है उस से कहीं ज्यादा गहरा है. प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल के साथ ये शिष्टाचार भेंट नहीं थी.सोनिया गांधी और राहुल को इसका जवाब देना पड़ेगा कि प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल के साथ क्या क्या चर्चा हुई थी ? इन विरोध-प्रदर्शनों का खर्च कौन उठा रहा है? और भारत के खिलाफ हर साजिश में कांग्रेस क्यों शामिल होती है?

आगे भी प्रोटेस्ट की प्लानिंग कर रहे हैं 101 संगठन

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ये 101 संगठन आगे भी प्रोटेस्ट की प्लानिंग कर रहे हैं. इन प्रदर्शनों का कैलेंडर बनाया जा रहा है. फ्रांस में 24 अक्टूबर को Act-2 नाम से प्रदर्शन की तैयारी है. फ्रांस में एक साथ 212 जगहों पर प्रदर्शन की तैयारी हो रही है. एक डिजिटल मैप से प्रदर्शन की योजना का जिक्र किया गया है. 31 अक्टूबर को फ्रांस में Act-3 प्रोटेस्ट की प्लानिंग की जा रही है. प्रदर्शन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति का इस्तीफा मांगा जाएगा. 20 नवंबर को इंटरनेशनल यूथ स्ट्राइक करने का जिक्र भी है. इस दौरान पूरे यूरोप में प्रोटेस्ट, हड़ताल, नाकेबंदी की प्लानिंग है

अब इसे संयोग कहें या फिर कुछ और…

23 अक्टूबर को प्रशांत भूषण ने प्रदर्शन मार्च बुलाया है. दिल्ली के पालमपुर में प्रशांत भूषण ने ये मार्च बुलाया है. और इसे मार्च फॉर डेमोक्रेसी का नाम दिया है. ये वही प्रशांत भूषण हैं, जो खुल कर रिजीम चेंज और क्रांति, खून खराबे की बात कर चुके हैं. इधर रिजीम चेंज वाली साजिश बेनकाब हो गई. खुलासे के बाद ये साजिश करने वाले अपना बोरिया बिस्तर समेट रहे होंगे. उधर जो लोग सड़क से क्रांति करने निकले थे. उनका पैकअप हो गया है. सात दिन तिहाड़ जेल की हवा खाने के बाद कॉकरोच पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका के सुर बदल गए हैं. जो लोग इस्तीफे से नीचे बात नहीं करते थे वो अब तिरंगा पकड़कर भारत माता की जय बोल रहे हैं.

अब कॉकरोच पार्टी नहीं करेगी कोई नया उछल कूद?

आशुतोष रांका और सौरव दास के चेहरे बता रहे हैं कि अब कॉकरोच पार्टी कोई नया उछल कूद नहीं करने वाली. करेगी भी कैसे..ये लोग शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरकर छूटे हैं. कल रात को जब ये तिहाड़ जेल से छूट तो इनसे पूछा गया कि इनका अगला प्लान क्या है इस सवाल पर ये लोग बिना कुछ कहे निकल गए. सौरव और रांका जेल से बाहर तो आ गए हैं लेकिन ये कानून के शिकंजे से अभी पूरी तरह बाहर नहीं आए हैं. कल रात को जेल से छूटते ही क्राइम ब्रांच ने दोनों को नोटिस थमा दिया है. दोनों से पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए आज दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बुलाया था. सूत्रों से खबर है कि सौरव और रांका पेश नहीं हुए दिल्ली पुलिस से और वक्त मांगा है. ये मामला सरकारी आदेश को ना मानना और किसी निजी प्रॉपर्टी में घुसकर जंतर मंतर पहुंचने से जुड़ा है. इसी मामले में कॉकरोच पार्टी के नेता अजिंक्य शिंदे से भी पूछताछ होगी.

जेल से छूटे लेकिन मुसीबत बाकी है!

कॉकरोच पार्टी के नेता अब कानूनी एक्शन में फंस गए हैं. जमीन पर उतरने कोई प्लान नहीं हैं. ये लोग सोशल मीडिया पर ही माहौल बनाएंगे लेकिन वहां भी इनकी हालत खराब है, इनकी फॉलोवर्स कम हो गए हैं, लाइक्स, कमेंट्स कम हो गए हैं. इनके सोशल मीडिया अकाउंट की इंगेजमेंट लगातार गिर रही है.

इंस्‍टाग्राम पर CJP की परफॉर्मेंस10 से 25 जुलाई के बीच4.25 करोड़ Likes1 से 15 अक्टूबर के बीच2.88 करोड़ Likes79.8% की गिरावट

10 से 25 जुलाई के बीच20.04 लाख कमेंट1 से 15 अक्टूबर के बीच4.18 लाख कमेंट79.1 % की गिरावट

इसी तरह आप कॉकरोच पार्टी के नेताओं का हाल देख लीजिए. उनका इंस्‍टाग्राम इंगेजमेंट भी लगातार गिर रहा है.

अभिजीत दीपके का इंस्‍टाग्राम पर इंगेजमेंट10 से 25 जुलाई के बीच4.56 करोड़ इंगेजमेंट1 से 15 अक्टूबर के बीच3.31 करोड़ इंगेजमेंट27.3 % की गिरावट

आशुतोष रांका का इंस्‍टाग्राम पर इंगेजमेंट10 से 25 जुलाई के बीच3.30 करोड़ इंगेजमेंट1 से 15 अक्टूबर के बीच1.62 करोड़ इंगेजमेंट51.1 % की गिरावट

जमीन पर धड़ाम से गिरे कॉकरोच वाले

इधर हवा में उड़ रहे कॉकरोच वाले जमीन पर धड़ाम से गिरे हैं. उधर बांग्लादेश मॉडल का नाम लेने वाली नेहा बोरा भी फंस गई है. 16 अक्टूबर को कॉकरोच पार्टी ने तिरंगा वाले प्रदर्शन का ऐलान किया था. नेहा बोरा भी सड़क पर उतरी थी. उसी मामले में नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया था. उनसे पीस बॉन्ड भरने को कहा था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्हें प्रशासन के इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी.

लेकिन नेहा बोरा को भी दिल्ली हाईकोर्ट ने जाना भारी पड़ गया है. क्योंकि आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जो दलीलें सामने आई . उससे तो यही लग रहा है कि नेहा बोरा और प्रशांत भूषण दोनों दिल्ली पुलिस की नजर में हैं. नेहा बोरा ने जो बांग्लादेश वाला बयान दिया था. प्रशांत भूषण ने जो रिजीम चेंज वाली बातें कही थी उसे आज दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने रखा.

हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने बताया कि जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेहा बोरा थी उसी में रिजीम चेंज जैसे बयान दिए गए. नेहा बोरा की तरफ से दलील दी गई कि लोकतंत्र में रिजीम चेंज की बात करने में कुछ भी गलत नहीं है. इस पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि रिजीम चेंज मतदान से होता है, एंटी असामाजिक तत्वों के दम पर नहीं. नेहा बोरा के वकील ने जो बॉन्ड भरने का विरोध किया तो एडिशनल सॉलिसिटर जनरल की तरफ से कहा गया कि बॉन्ड तो भरना पड़ेगा.

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने ये भी बताया कि एक बार नहीं 12 बार नेहा बोरा ने नियमों को उल्लंघन किया है. अपनी दलील में नेहा बोरा ने ये भी कहा कि वो कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थी. उन्होंने अपना प्रदर्शन मंडी हाउस पर बुलाया था. यानी दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा ने खुद को कॉकरोच पार्टी से अलग कर लिया है. नेहा बोरा को पीस बॉन्ड भरना होगा या नहीं इस पर कल दिल्ली हाईकोर्ट में फैसला देगा. कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है

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