मेहरानगढ़ म्यूजियम में रखी हैं राजा-महाराजाओं की ये अनोखी चीजें, इस्तेमाल करने का तरीका चौंकाएगा

Last Updated:October 23, 2026, 08:50 IST
Mehrangarh Museum Key Features: जोधपुर के मेहरानगढ़ म्यूजियम में राजा-महाराजाओं के दौर की ऐसी अनूठी वस्तुएं संरक्षित हैं, जिनकी बनावट और इस्तेमाल का तरीका आज भी लोगों को हैरान कर सकता है. इनमें डांसिंग गर्ल की आकृति वाली वाइन बोतल और सुनहरी नक्काशी से सजा सुपारीदान खास आकर्षण हैं. वाइन बोतल को इस तरह तैयार किया गया था कि उसकी चोटी से वाइन भरी जा सके और आकृति के हाथ में बने छेद से जुड़ी पतली नली के जरिए उसे पिया जा सके. वहीं, सुपारीदान पर तलवारों जैसी बारीक कारीगरी और सुनहरा काम दिखाई देता है. मेहरानगढ़ से जुड़े शक्ति सिंह ने इन वस्तुओं की खासियत बताते हुए शाही दौर की कलात्मकता और कारीगरों के हुनर की जानकारी दी. ये धरोहरें उस समय की जीवनशैली और शिल्पकला की झलक पेश करती हैं.
जोधपुर. राजा-महाराजाओं के दौर में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें ऐसी होती थी, जिन्हें देखकर आज भी हर कोई हैरान रह जाता है. इनकी बनावट, बारीक कारीगरी और इस्तेमाल करने का तरीका उस समय की शाही जीवनशैली की झलक दिखाता है. जोधपुर के मेहरानगढ़ म्यूजियम में आज भी ऐसी कई अनूठी वस्तुएं सहेजकर रखी गई हैं, जो अपने आप में इतिहास की कहानी कहती है. इनमें डांसिंग गर्ल की आकृति वाली वाइन बोतल और बारीक सुनहरी नक्काशी से सजा सुपारीदान खास आकर्षण का केंद्र है. मेहरानगढ़ से जुड़े शक्ति सिंह ने इन वस्तुओं की खासियत और इनके इस्तेमाल के तरीके के बारे में जानकारी दी.
मेहरानगढ़ म्यूजियम में रखी डांसिंग गर्ल की आकृति वाली यह बोतल अपनी बनावट के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित करती है. पहली नजर में यह किसी कलात्मक प्रतिमा जैसी दिखाई देती है, लेकिन इसका इस्तेमाल वाइन रखने और पीने के लिए किया जाता था. शक्ति सिंह ने बताया कि इस बोतल की चोटी को ऊपर से खोलकर इसमें वाइन भरी जाती थी. इसकी आकृति के हाथ में एक छेद बनाया गया है, जिससे एक पतली नली अंदर तक जुड़ी हुई है. इसी नली के माध्यम से मुंह लगाकर वाइन पी जाती थी. बोतल का यह अनूठा स्वरूप उस दौर में उपयोगिता के साथ कलात्मकता को महत्व दिए जाने की झलक पेश करता है.
तलवार जैसी बारीक कारीगरी से सजा है सुपारीदान
म्यूजियम में मौजूद सुपारीदान भी अपनी विशेष बनावट और महीन नक्काशी के लिए खास है. इस पर किया गया सुनहरी काम इसकी खूबसूरती को और बढ़ाता है. मेहरानगढ़ से जुड़े गाइड शक्ति सिंह ने बताया कि इस पर तलवारों पर की जाने वाली नक्काशी जैसी बारीक कारीगरी की गई है. इसकी सतह पर उकेरी गई कलात्मक बारीकियां उस समय के कारीगरों के हुनर को दर्शाती है. सुपारीदान जैसी रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं को भी किस तरह कलात्मक रूप दिया जाता था, यह इसका खास पहलू है.
शाही जीवनशैली और कारीगरों के हुनर की है अनमोल निशानी
मेहरानगढ़ म्यूजियम में संरक्षित ये वस्तुएं केवल पुराने समय की चीजें नहीं हैं, बल्कि उस दौर की सोच, रहन-सहन और कला की परंपरा को भी सामने लाती है. वाइन बोतल की अनोखी बनावट से लेकर सुपारीदान पर की गई सुनहरी नक्काशी तक, हर वस्तु में शिल्पकला की अलग छाप दिखाई देती है. इन धरोहरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजा-महाराजाओं के समय उपयोग में आने वाली वस्तुओं को तैयार करने में कितनी बारीकी और रचनात्मकता का ध्यान रखा जाता था. यही वजह है कि मेहरानगढ़ म्यूजियम में सहेजी गई ये कलाकृतियां आज भी इतिहास और कला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
October 23, 2026, 08:50 IST



