‘जिस कंपनी में राहुल गांधी रहे वो बंद हुई, पार्टी संभाली तो वो भी डूब गई’: बीजेपी ने कसा तंज

Sudhanshu Trivedi News: विदेश दौरों पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकातों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ा एतराज जताया है. पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने 23 अक्टूबर को सीधे तौर पर कहा कि राहुल गांधी का विदेशी एजेंडा भारत विरोधी प्रोपेगैंडा को खाद-पानी देने जैसा है. मीडिया से मुखातिब त्रिवेदी ने उनकी राजनीतिक समझ पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि कांग्रेस का नेतृत्व अब पार्टी को मजबूती देने के बजाय उसकी साख और संसद में विपक्ष के नेता की मर्यादा दोनों को चोट पहुंचा रहा है.
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “… राहुल गांधी जब-जब बाहर जाते हैं, वो अज्ञात स्थानों पर जाते हैं और संदिग्ध लोगों से मिलकर आते हैं. यहां आकर वो भारत विरोधी प्रचार करते हैं. मैं यह भी कहना चाहता हूं कि पूरी दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है, आपने भारत के जैसा उदाहरण कहीं नहीं देखा होगा. यूरोप हो, फ्रांस हो, इटली हो, अल्बेनिया हो; उपद्रवी उपद्रव करते नजर आ रहे हैं, कहीं पर भी नेता प्रतिपक्ष प्रधानमंत्री आवास के सामने लोटपोट करता हुआ, आकाशवानी भवन में घुसता हुआ और कहीं कूदफान करता हुआ नजर नहीं आ रहा है…”
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “जब भी राहुल गांधी विदेश जाते हैं, तो वे ऐसी जगहों पर जाते हैं जिनका खुलासा नहीं किया जाता और संदिग्ध लोगों से मिलकर आते हैं. यहां आकर वो भारत विरोधी प्रचार करते हैं.” त्रिवेदी ने राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों के दौरान गांधी के बर्ताव की भी आलोचना की. उन्होंने कहा, “मैं यह भी कहना चाहता हूं कि पूरी दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है, आपने भारत के जैसा उदाहरण कहीं नहीं देखा होगा. यूरोप हो, फ्रांस हो, इटली हो, अल्बेनिया हो; उपद्रवी उपद्रव करते नजर आ रहे हैं, कहीं पर भी नेता प्रतिपक्ष प्रधानमंत्री आवास के सामने लोटपोट करता हुआ, आकाशवानी भवन में घुसता हुआ और कहीं कूदफान करता हुआ नजर नहीं आ रहा है…”
बीजेपी सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर पार्टी को कमजोर करने और देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर खुद को स्थापित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. उन्होंने राहुल गांधी के राजनीतिक रिकॉर्ड, कांग्रेस में नेतृत्व और परिवारवाद को लेकर निशाना साधा. त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड उपलब्धियों से भरा है, जबकि राहुल गांधी का रिकॉर्ड कांग्रेस के लिए लगातार समस्याएं पैदा करने वाला रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता से बाहर रहते हुए बेचैन है और राहुल गांधी पार्टी के लिए एक पहेली बन गए हैं.
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के शुरुआती करियर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज में राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज के रूप में दाखिला लिया था, लेकिन इसके बाद उनके निशाने चूकते चले गए. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने 1996 से 1999 के बीच ब्रिटिश कंपनी मॉनिटर में काम किया, जिसके बाद कंपनी बंद हो गई. इसके बाद उन्होंने बैकॉप्स नाम की कंपनी में साझेदारी की और 2003 से 2009 तक उसके निदेशक रहे. त्रिवेदी के मुताबिक, 2014 में कांग्रेस के नेतृत्व में राहुल गांधी की प्रमुख भूमिका के बाद पार्टी लोकसभा में अपनी सबसे कम सीटों के स्तर पर पहुंच गई. उन्होंने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व की विफलता बताते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया.
बीजेपी सांसद ने कांग्रेस में संगठनात्मक सुधारों के दावों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस के चुनावों को लोकतांत्रिक बनाने और पार्टी में वंशवाद खत्म करने की बात कही थी, लेकिन उनके मुताबिक, इन दावों का अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आया. त्रिवेदी ने कहा कि आज नेहरू-गांधी परिवार के तीन सदस्य – सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा – संसद में हैं. उन्होंने इसे कांग्रेस में परिवारवाद जारी रहने का उदाहरण बताया.
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को कमजोर करने के बाद अब राहुल गांधी भारतीय संस्थाओं और व्यवस्थाओं को कमजोर करके खुद को एक नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं. उन्होंने राहुल गांधी के भारतीय राज्य से संघर्ष और धर्म में ‘शक्ति’ से लड़ने संबंधी पुराने बयानों का भी उल्लेख किया. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए. उनके बयान कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी के राजनीतिक हमले का हिस्सा हैं; राहुल गांधी और कांग्रेस का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है.



