पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में 3 आरोपी गिरफ्तार, अब तक 22 अरेस्ट

Last Updated:October 25, 2026, 22:14 IST
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड मामले में भरतपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी समेत कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान दानवीर , बलराम उर्फ पप्पू और राजो उर्फ राजू के रूप में हुई है. जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना के कड़े निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के बाद बहुचर्चित भौंडागांव प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की कुल गिनती अब 22 तक पहुंच गई है.अतर सिंह भड़ाना. फाइल फोटो
भरतपुर. पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. भौंडागांव प्रकरण में पुलिस ने 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में दानवीर, बलराम उर्फ पप्पू और राजो उर्फ राजू शामिल हैं. इस कार्रवाई के साथ ही भौंडागांव प्रकरण में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की गिनती बढ़कर 22 हो गई है. जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना के निर्देशन में पुलिस ने यह कार्रवाई की.
पुलिस ने मामले में दानवीर, बलराम उर्फ पप्पू और राजो उर्फ राजू को गिरफ्तार किया है. इनमें एक आरोपी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. मामले में उनकी भूमिका और अन्य जानकारी जुटाई जा रही है.
अब तक 22 आरोपी गिरफ्तार
भौंडागांव प्रकरण में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. इस मामले में अब तक कुल 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस जल्द ही न्यायालय में पेश करेगी. यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना के निर्देशन में की गई. पुलिस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई में जुटी है.
सोची समझी साजिश थी अतर सिंह भड़ाना की हत्या
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बाकायदा एक सोची-समझी साजिश रची गई थी. आरोपी मुकेश को जैसे ही अतर सिंह भड़ाना के खदान पर होने की खबर मिली, उसने गांव में यह झूठी अफवाह फैला दी कि खदान पर फायरिंग हो रही है. कई ग्रामीण घायल हो गए हैं. इस अफवाह के भड़कते ही भारी भीड़ खदान की तरफ दौड़ी और वारदात को अंजाम दे दिया गया.
इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाला पहलू पहाड़ी पर स्थित भैरव मंदिर के पुजारी का सामने आया है. पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पुजारी के भी इस षड्यंत्र में शामिल होने की जानकारी मिली है. हालांकि, पुजारी की सटीक भूमिका क्या थी और उसके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई है. इसकी कानूनी और न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है.
अफवाह से भड़की भीड़ और मर्डर का प्लान
जांच में साफ हुआ है कि गोलीबारी और अपनों के घायल होने की बात सुनकर गांव वाले गुस्से से बेकाबू हो गए थे. इसी गुस्से का फायदा उठाकर भीड़ को घटनास्थल की ओर मोड़ा गया. अब भरतपुर पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि अफवाह फैलाने का यह जाल किन-किन लोगों के जरिए फैलाया गया था. आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस अब इस पूरे मर्डर मिस्ट्री के हर एक किरदार को बेनकाब करने में लगी हुई है.
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 25, 2026, 22:13 IST



