Shushant Sinha Desh Ki Pathshala: पीएम मोदी के एक्शन से विरोधियों की भाषा बदली! रिजीम चेंज का एजेंडा चलाने वाले बेनकाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जो लोग रिजीम चेंज का एजेंडा चला रहे थे, आज की डेट में ये सारे सन्नाटे में चले गए हैं, लेकिन रिजीम चेंज के इनके एजेंडे के सबूत सामने निकल कर आ रहे हैं. राहुल गांधी से लेकर कॉकरोच पार्टी वाले तक लगातार प्रोटेस्ट की भाषा में बात कर रहे हैं. चुनाव आयोग के जरिए पीएम मोदी पर निशाना साधा जा रहा है. रिजीम चेंज की बातें खुलेआम की जा रही हैं. बांग्लादेश मॉडल की बातें कर रहे हैं. इसी पर एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिससे पता चला है कि फ्रांस से लेकर भारत तक आग लगाने वाले कौन लोग है. इनका नेटवर्क कितना बड़ा है. इन्हें पैसा कहां से आ रहा है. इसके बड़े राज खुल गए हैं.
नरेंद्र मोदी ने इन सबका इलाज कैसे शुरू कर दिया है. आप देखिए कि जो लोग मोदी के खिलाफ रिजीम चेंज की बातें कर रहे थे उनकी भाषा बदल गई है. कॉकरोच वालों का हाल तो ये है कि तिहाड़ से निकलने के बाद से इनके हाल चाल सब बदल गए हैं. देखिए इस रिपोर्ट में…
प्रधानमंत्री मोदी ने आज वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो देखा. भारतीय वायुसेना के 100 विमानों ने इसमें हिस्सा लिया. राफेल और सुखोई जैसे 52 लड़ाकू विमान इसमें शामिल हुए. पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने भी एयर शो देखा. एयर शो में आसमान पर भारतीय वायुसेना का दम दिखाने से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में विकास और रोजगार से जुड़ी एक नई पहल का उद्घाटन किया. वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू हुई. इस दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. पीएम मोदी ने फैक्ट्री का जायजा लिया और वहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों से बातचीत की. इस यूनिट में आधुनिक तकनीक से कपड़े तैयार किए जाएंगे. खास जोर महिलाओं के रोजगार पर है. कंपनी के वैश्विक ग्राहक हैं, इसलिए यहां बनने वाले कपड़ों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर रहेगा.
पीएम मोदी ने देखा ‘विंग्स ओवर गंगा’
काशी में पीएम मोदी ने फूलों से सजी गाड़ी में रोड शो किया. सनरूफ से अभिवादन करते प्रधानमंत्री दिखे और हर-हर महादेव के नारे लगे. इसके बाद नमो घाट पर भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो का कार्यक्रम हुआ. पीएम मोदी के काशी के आज के कार्यक्रम से तीन तस्वीरें सामने आई. पीएम मोदी का रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर… काशी में जनता से सीधा संपर्क और नमो घाट पर भारतीय वासुसेना की ताकत… इन तीनों कार्यक्रमों का संदेश अलग-अलग है. फैक्ट्री के जरिये रोजगार और औद्योगिक विकास पर जोर, रोडशो के जरिए जनता से जुड़ाव और एयर शो के जरिए भारतीय वायुसेना की क्षमता का प्रदर्शन.
काशी में पीएम मोदी ने जहां 100 करोड़ रुपए की लागत से बनी कपड़ा फैक्ट्री यूनिट का उद्घाटन किया तो भुवनेश्वर में आरबीआई के 169 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया. इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा, ओडिशा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मौजूद रहे. आरबीआई का ये डेटा सेंटर करीब 19 एकड़ में बना है. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी प्राथमिता विकास है.
पीएम मोदी ने कहा, ‘विकास का मतलब है भारत का संतुलित विकास, गांवों को भी अवसर, छोटे शहरों को भी अवसर. हमारा लक्ष्य है दूर दराज़ के क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी देना.’
खरगे ने पीएम मोदी के पिता को कहा अपशब्द
इधर पीएम मोदी देश के विकास की बात कर रहे थे…राजोगार और आर्थिक मोर्चे की नींव रख रहे थे… उधर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पटना में मोदी सरकार और उनकी नीतियों के खिलाफ बोल रहे थे… इस दौरान खरगे ने रिजीम चेंज का माहौल बनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी के पिता तक के लिए अपशब्द बोल दिए…
दरअसल जब पटना में जब खरगे सभा में पीएम मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे थे तभी हंगामा हो गया…एक शख्स उठकर बोला कि मोदी जी नहीं जाने वाले हैं. जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, मोदी सरकार नहीं हटेगी. शख्स की बात पर खरगे को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने पीएम मोदी के पिता के लिए अपशब्द बोल दिए. उन्होंने कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा.’
खरगे पर बीजेपी हमलावर
इसके बाद वहां मौजूद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उस शख्स की पिटाई कर दी और इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि अब बीजेपी हमलावर है. बीजेपी ने ट्वीट कर लिखा, कभी जिस भाषा को गुंडे-मवालियों से जोड़ा जाता था, आज कांग्रेस अध्यक्ष उसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. इनके युवराज इसी खीझ में कभी सड़क पर महिला पुलिसकर्मियों से गलत बर्ताव करते हैं, तो कभी अपने ही नेताओं से धक्का-मुक्की करते हैं. इनकी पूरी कार्यशैली माफिया प्रवृत्ति की हो गई है. ये राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक माफिया गैंग अधिक प्रतीत होती है.
बीजेपी ने इसके साथ ही लिखा, ‘वैसे खरगे जी के बयान वाले ख़्वाब को पूरा करने के लिए तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्षा ने दस साल तक हर पैंतरा चला, लेकिन कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई. आज उनका बेटा इसी ख़्वाब को पूरा करने के लिए कभी वियतनाम, तो कभी कोलंबिया के बीच दर-दर भटक रहा है. देश की जनता आपका यह ख़्वाब कभी पूरा नहीं होने देगी!’
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ‘आज पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति जिस प्रकार की अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया है, वो कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है. राजनीतिक विरोध की भी एक गरिमा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंच से स्वर्गीय परिजनों को भाषणों में घसीटना ही अब राहुल गांधी और समूचे विपक्ष का असली ‘संस्कार’ बन चुका है. ये खरगे जी का व्यक्तिगत बयान नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस की शिष्टाचार-विहीन सोच का प्रकटीकरण है. जब विपक्ष के पास देश के विकास, नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं पर बहस करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचता, तो वे इसी प्रकार की हताशा और व्यक्तिगत आक्षेपों का सहारा लेते हैं.’
वहीं अमित शाह ने कहा कि ‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज पटना में मोदी जी के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं. ये पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों. कभी उनकी पूजनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा, तो कभी ‘चायवाला’ कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया. राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है. बीते 12 वर्षों में लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस पार्टी में हताशा और निराशा इतनी बढ़ चुकी है कि अब उसके पास न कोई नीति बची है, न कोई मुद्दा, बस गाली-गलौज की राजनीति बची है. जनता के बीच जनाधार खो चुकी कांग्रेस, अब अपने कार्यकर्ताओं में भी आधार खोती जा रही है. जब-जब इन्होंने मोदी जी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियाँ की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है.’
कांग्रेस को घेरने में जुटे बीजेपी के बड़े-बड़े नेता
पीएम मोदी के पिता पर अमर्यादित बयान देकर मल्लिकार्जुन और कांग्रेस बुरी तरह घिर गई है. अब बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है. बीजेपी के बड़े-बड़े नेता अब कांग्रेस को घेरने में लगे हैं.
असम के CM हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि इस बैठक में एक ही समझदार कांग्रेसी था, जिसने हिम्मत दिखाके खरगे जी के ख्याली पुलाओ को पकड़ा . और बाक़ी कांग्रेसियों ने मिलके उस एक मात्र समझदार कांग्रेसी को पीटा और ये लोग EC पर सवाल उठाते हैं . बीजेपी के साथ ही उनकी सहयोगी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है.’
जेडीयू नेता राजीव रंजन ने कहा, ‘बीजेपी ने अब कांग्रेस एंड कंपनी के प्रोटेस्ट से रिजीम चेंज का काट निकाल लिया है और पीएम मोदी के पिता पर दिए अमर्यादित बयान के बाद देश भर में इसके खिलाफ मार्च निकालने की तैयारी में है.’
पीएम मोदी उम्मीद की किरण
कीशी में रोजगार सृजन और संस्कृति की बात हुई तो भुवनेश्वर में RBI के डेटा को और मजबूत करने की नींव रखी गई, लेकिन राहुल गांधी एंड कंपनी को प्रधानमंत्री मोदी के ये काम बेकार लगते हैं, क्योंकि उनका असली एजेंडा तो रिजीम रेंज है. एक माहौल बनाकर राहुल गांधी विदेश दौरे से लौटने के बाद वो फिर नया माहौल बनाने की तैयारी में हैं.
लेकिन ये देखिए राहुल गांधी पीएम मोदी के जिस विदेश दौरे की आलोचना कर रहे थे. उसी विदेशी धरती से आए पोलैंड के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी की तारीफ की. पोलैंड के पीएम ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान सबके सामने ये कहा कि ग्लोबल संकट के बीच नरेंद्र मोदी उम्मीद की किरण हैं.
भारत में रिजीम चेंज की साजिश फेल
आप देखिए कि जिन लोगों को लगता था कि नरेंद्र मोदी को बैकफुट पर डालना आसान है. जैसे एक मंत्री से इस्तीफा ले लिया था. वैसे दूसरों से भी इस्तीफे ले लेंगे. और सड़कों पर गदर काटकर मोदी सरकार को हिला देंगे. लेकिन जो लोग इस्तीफे से नीचे बात नहीं करते थे, वो अब भारत माता की जय बोलकर काम चला रहे हैं. जो लोग बांग्लादेश की बात करते थे वो कानूनी एक्शन से बचने के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं. लेकिन इनकी मुसीबतें खत्म नहीं होने वाली. क्योंकि रिजीम चेंज वाली साजिश को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है.
हिंसा की आग में झुलसा यूरोप
भारत में रिजीम चेंज गैंग का एजेंडा तो फेल हो गया, लेकिन जो लोग फ्रांस जैसे माहौल भारत में बनाने की कोशिश कर रहे थे. उसी फ्रांस और यूरोप के उन देशों से फिर नए बवाल की तस्वीरें आई हैं. पेरिस में महंगाई पर शुरू हुआ मार्च शनिवार को फिर हिंसक झड़प में बदल गया, जिसे काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और वाटर कैनन चलाने पड़े.
स्पेन के बार्सिलोना में प्रदर्शन करने वाली भीड़ ने हुड़दंग मचाया और दुकानों को लूट कर उसमें आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों के निशाने पर 14 से ज्यादा दुकानें आईं. पुलिस ने 100 लोगों को गिरफ्तार किया है. इटली के मिलान की सड़कों पर दुकानों की सुरक्षा के लिए फौज को ही उतराना पड़ा. सड़कों पर स्पेशल फोर्सेस के जवान हथियारों के साथ गश्त करते दिखाई दिए. अल्बानिया में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी पटाखे फोड़ने लगे, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस और रबर के बुलटे चलाने पड़े.
प्रदर्शन के नाम पर यूरोप के ये देश जल रह हैं. कहीं पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हो रही है. कहीं दंगाई दुकानों को लूट रहे हैं . कहीं प्रदर्शन को काबू करने के लिए फौज ही उतरानी पड़ रही है. कहीं प्रदर्शन के मौज मस्ती का जरिया बना दिया गया है. लेकिन भारत में जब प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए सिर्फ अर्धसैनिकों की तैनाती भर हुई तो CJP वालों के समर्थकों ने फौज को ही भगावत करने पर उकसाने लगे. विदेश टूर से लौटने के बाद राहुल गांधी एक बार फिर एक नवंबर को माहौल बनाने की तैयारी कर रहे हैं.



