CMHO विकास मारवाल ने बताए मिलावट से बचाव के टिप्स

Last Updated:October 25, 2026, 08:34 IST
Food Safety Tips By CMHO Vikas Marwal: पाली में दीपावली पर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान चला रहा है. CMHO विकास मारवाल ने बताया कि जांचे गए 370 सैंपलों में से 92 सब-स्टैंडर्ड और 34 अनसेफ पाए गए हैं, जिन पर कड़ी कार्रवाई हो रही है. जिले में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब ऑन-द-स्पॉट निःशुल्क खाद्य जांच की सुविधा दे रही है. विभाग ने ग्राहकों को पैक्ड सामान की एक्सपायरी जांचने और होटल-रेस्टोरेंट के किचन का निरीक्षण करने के अधिकारों के प्रति जागरूक किया है.
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Pali: दीपावली का पावन पर्व बेहद नजदीक है और बाजारों में तरह-तरह की मिठाइयों व स्वादिष्ट पकवानों की रौनक लगातार बढ़ती जा रही है. हालांकि इस त्योहारी चमक-धमक के बीच कहीं आपकी सेहत दांव पर तो नहीं लग रही, यह सोचना बेहद जरूरी है. शुद्ध आहार पाना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है. इसी को ध्यान में रखते हुए पाली चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. पाली के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) विकास मारवाल ने आमजन से अपील की है कि त्योहार पर बाजार से कुछ भी खरीदने या खाने से पहले खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जरूरी बातों का विशेष ध्यान रखें.
जिले में आमजन को पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले मुनाफाखोरों पर नकेल कसने के लिए विभाग की टीमें जिले भर में औचक निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई कर रही हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अभियान के तहत गत वर्ष दिसंबर 2025 तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 370 खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्र किए गए, जिनकी लैब जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
370 में से 126 सैंपल पाए गए सब-स्टैंडर्ड व अनसेफविभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल एकत्र किए गए 370 सैंपलों में से 92 सैंपल अमानक (Sub-standard) पाए गए, जो गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरे. वहीं 34 सैंपल पूरी तरह से अनसेफ (Unsafe for Consumption) यानी मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक पाए गए हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यापारियों और प्रतिष्ठानों के सैंपल सब-स्टैंडर्ड या अनसेफ पाए गए हैं, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत नियमानुसार कड़ी legal कार्रवाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब: ऑन-द-स्पॉट जांच सुविधामिलावट की रोकथाम और आम जनता को जागरूक करने के लिए जिले में एक चलंत खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (Mobile Food Testing Lab) निरंतर सक्रियता से काम कर रही है. यह मोबाइल लैब प्रतिदिन जिले के अलग-अलग कस्बों, गांवों और शहरी इलाकों में भ्रमण करती है. इस लैब के जरिए कोई भी नागरिक अपने घर में इस्तेमाल होने वाले दूध, दही, मावा, तेल या मसालों की निःशुल्क प्राथमिक जांच (Screening) करवा सकता है. यदि जांच में मिलावट का संदेह होता है, तो संबंधित क्षेत्र के फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर को सूचित कर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है.
ग्राहक के रूप में जानें अपने अधिकारस्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों को जागरूक रहने की सलाह दी है. यदि आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं, तो आपको वहां के किचन में जाकर साफ-सफाई देखने और उपयोग हो रही सामग्रियों की एक्सपायरी डेट जांचने का पूरा अधिकार है. इसके अलावा कोई भी पैक्ड सामान खरीदते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी (Best Before) डेट जरूर देखें. यदि आपको किसी खाद्य सामग्री में मिलावट का जरा भी संदेह होता है, तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग या नजदीकी मोबाइल टेस्टिंग लैब में इसकी शिकायत दर्ज कराएं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
October 25, 2026, 08:34 IST



