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दीये की लौ को एकटक देखने से क्या होता है? आयुर्वेद में त्राटक क्रिया को क्यों माना जाता है तनाव-अनिद्रा का रामबाण

Last Updated:October 26, 2026, 14:38 IST

Trataka Benefits: त्राटक आयुर्वेद के हठयोग की एक क्रिया है. जिसमें दीपक के लौ या किसी केंद्र पर बिना पलकों को झपके देखते रहना होता है. माना जाता है कि इससे फोकस बढाने में मदद मिलती है. साथ ही ओवरथिंकिंग को भी रोकने में भी मदद मिलती है. यहां जानें त्राटक करने का सही तरीका क्या है.

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आज के समय में तनाव, बेचैनी और ओवरथिंकिंग की समस्या कई सारे लोगों के जीवन का एक सामान्य हिस्सा बन गयीं हैं. जिसके कारण अब लोग पहले से ज्यादा मानसिक रूप से अशांत रहते हैं. काम का दबाव, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल और अनियमित दिनचर्या भी नींद को प्रभावित करती है. ऐसे में योग की प्राचीन साधना त्राटक मन को एक जगह केंद्रित करने का अभ्यास सिखाती है.

इसमें किसी एक बिंदु, वस्तु या दीपक की लौ को ध्यान से देखा जाता है. योग की हठयोग परंपरा में त्राटक को शुद्धिकरण की क्रिया माना गया है. इसके अभ्यास का उद्देश्य ध्यान केंद्रित करना और मन को भटकने से रोकना है. कुछ लोगों को यह अभ्यास मानसिक सुकून पाने में मददगार लग सकता है.

क्या होता है त्राटक और इसे कैसे करते हैं?त्राटक हठयोग की एक पारंपरिक क्रिया है. इसमें किसी एक वस्तु, बिंदु, प्रतीक या दीपक की लौ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. इसका उद्देश्य मन को एकाग्र करना और विचारों की भागदौड़ से कुछ समय के लिए दूरी बनाना है. त्राटक करने के लिए शांत और आरामदायक जगह चुनें. रीढ़ सीधी रखकर बैठें और सामने आंखों के अनुकूल दूरी पर किसी बिंदु या वस्तु को रखें. शुरुआत में थोड़े समय तक सहजता से उसे देखें. आंखों में दर्द, जलन या ज्यादा पानी आने लगे, तो तुरंत रुक जाएं. पलकें जबरदस्ती खुली रखने या आंखों पर दबाव डालने से बचें.

त्राटक के फायदे

किसी एक वस्तु पर ध्यान टिकाने का अभ्यास मन को वर्तमान पल पर केंद्रित करने में मदद कर सकता है. इससे पढ़ाई या काम के दौरान ध्यान लगाने की आदत विकसित हो सकती है.
शांत वातावरण में कुछ समय बैठकर ध्यान लगाने से मन को सुकून मिल सकता है. हालांकि, तनाव पर इसका असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है.
दिनभर की चिंताओं के कारण कई लोगों को सोते समय बेचैनी होती है. सोने से पहले हल्का ध्यान और धीमी सांसों का अभ्यास मन को आराम देने में मदद कर सकता है. लेकिन त्राटक अनिद्रा का प्रमाणित इलाज नहीं है.
नियमित ध्यान अभ्यास से व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को बेहतर ढंग से समझना सीख सकता है.

त्राटक करते समय रखें सावधानीत्राटक के दौरान आंखों में जलन, दर्द या धुंधलापन महसूस हो, तो अभ्यास रोक दें. चश्मा पहनने वाले लोग भी अपनी सुविधा और आंखों की स्थिति के अनुसार सावधानी बरतें. सूर्य को सीधे देखकर त्राटक न करें, क्योंकि इससे आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. दीपक की लौ से अभ्यास करना हो, तो सुरक्षित दूरी रखें और आग से जुड़े जोखिमों का ध्यान रखें.

About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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New Delhi,Delhi

First Published :

October 26, 2026, 14:38 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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