Rajasthan

भक्त को सपने में दिखी जगह, कुंड से 52 कदम दूर खुदाई में मिली थी मां जमवाय की शिला; जानें 2000 साल पुरानी मंदिर की मान्यता

Last Updated:October 29, 2026, 08:45 IST

Jhunjhunu Bhorki Jamwai Mata Temple History: झुंझुनूं जिले के भोड़की गांव में स्थित माँ जमवाय का मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है. भक्त धामा गढ़वाल को सपने में मिले संकेत के बाद कुंड से 52 कदम दूर जमीन की खुदाई में चार फीट लंबी शिला प्रकट हुई थी. करीब 560 बीघा के धमाणा जोहड़ के बीच बने इस 2000 साल पुराने मंदिर में शिला पर ‘सन 38’ अंकित है. नवरात्र पर यहाँ भव्य मेले लगते हैं और देश-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

ख़बरें फटाफट

झुंझुनूं: राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरा पर अनेक ऐसे पावन धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जिनकी लोक मान्यताएं और चमत्कार पीढ़ियों से लोगों की गहरी आस्था का केंद्र बने हुए हैं. शेखावाटी के झुंझुनूं जिले के भोड़की गांव में स्थित माँ जमवाय का मंदिर भी ऐसा ही एक अलौकिक शक्तिपीठ है. स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की अटूट मान्यता के अनुसार इस प्राचीन मंदिर का इतिहास लगभग 2,000 वर्ष पुराना है. इस भव्य मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां विराजित माता की पावन शिला किसी निर्माण के दौरान नहीं, बल्कि जमीन की खुदाई में प्रकट हुई थी.

लोककथाओं और ग्रामीणों के अनुसार, भोड़की गांव के धमाणा जोहड़ में पोषाणा रोड पर स्थित इस स्थान पर माँ जमवाय का चमत्कारिक वास है. माता के अनन्य भक्त धामा गढ़वाल को एक बार स्वप्न में इस विशेष स्थान पर खुदाई करने का संकेत मिला था. भक्त को मिले इसी दिव्य निर्देश के बाद ग्रामीणों ने उस स्थल पर खुदाई शुरू की. मंदिर के पास बने कुंड से ठीक 52 कदम की दूरी पर जब खुदाई की गई, तो जमीन के भीतर से लगभग चार फीट लंबी एक भव्य शिला प्राप्त हुई. इसी शिला को माँ जमवाय के स्वरूप के रूप में स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई.

शिला पर अंकित है ‘सन 38’, दो हजार साल पुरानी है मान्यतामंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, प्राप्त हुई इस प्राचीन शिला पर ‘सन 38’ भी अंकित किया हुआ है. हालांकि इस अंकन के वास्तविक काल निर्धारण, ऐतिहासिक संदर्भ या लिपि को लेकर कोई प्रमाणित पुरातात्विक लिखित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, फिर भी जनमानस में इस मंदिर की प्राचीनता लगभग दो हजार वर्ष पुरानी होने की बात दृढ़ता से जुड़ी हुई है. राजस्थान में माँ जमवाय के दो प्रमुख और अति प्रसिद्ध मंदिर माने जाते हैं, जिनमें एक जयपुर के समीप ऐतिहासिक जमवारामगढ़ में है और दूसरा झुंझुनूं जिले के भोड़की गांव में स्थित है.

560 बीघा के जोहड़ में स्थित है मंदिर, नवरात्र में उमड़ती है भारी भीड़यह अनूठा मंदिर करीब 560 बीघा क्षेत्र में फैले विशाल धमाणा जोहड़ के ठीक मध्य में प्राकृतिक परिवेश के बीच स्थित है. यह स्थान गुढ़ागौड़जी से लगभग पांच किलोमीटर और भोड़की गांव से दो किलोमीटर दक्षिण दिशा में है. यहाँ वर्ष में दोनों यानी चैत्र और आश्विन नवरात्र की अष्टमी व नवमी तिथियों पर भव्य मेलों का आयोजन होता है, जिसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी हजारों भक्त पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को सुविधा देने के लिए वर्ष 1998 में जमवाय माता विकास समिति का गठन किया गया था, जिसके तहत अब परिसर में 145 कमरे और तीन आधुनिक धर्मशालाएं भी बन चुकी हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

और पढ़ेंLocation :

Jhunjhunu,Jhunjhunu,Rajasthan

First Published :

October 29, 2026, 08:45 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj