जयपुर में सजा लोकरंग उत्सव, 26 राज्यों के कलाकार 10 दिनों तक बिखेरेंगे लोक कला, संस्कृति और नृत्य के रंग

Last Updated:October 29, 2026, 18:23 IST
Jaipur News: जयपुर में 29वें लोकरंग कार्यक्रम का आयोजन शुरू हो गया हैं. लगातार 10 दिनों तक जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में लद्दाख से लक्षद्वीप तक के 3700 से ज्यादा लोक कलाकार लोकरंग कार्यक्रम में अपने राज्यों की लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति देंगे.
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जयपुर: दिपावली का फेस्टिवल सीजन नजदीक आ रहा हैं और जयपुर के अलग-अलग इलाकों में शॉपिंग फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन हो रहे हैं. इनमें सबसे खास जयपुर के जवाहर कला केंद्र में हर साल आयोजित होने वाला 29वें लोकरंग कार्यक्रम का आयोजन शुरू हो गया हैं. लगातार 10 दिनों तक जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में लद्दाख से लक्षद्वीप तक के 3700 से ज्यादा लोक कलाकार लोकरंग कार्यक्रम में अपने राज्यों की लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति देंगे. एक जगह जयपुर में देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति एक साथ जयपुर वासियों को देखने को मिलेगी.
6 नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव में 26 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कलाकार यहां अपने राज्यों की कला संस्कृति को लेकर पहुंचे हैं. जहां लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ लोग अलग-अलग राज्यों के बेहतरीन प्रोडक्ट्स की शॉपिंग भी कर सकते हैं. लोकरंग में राजस्थान के कलाकारों के साथ हर बार की तरह इस बार भी उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत की कला संस्कृति की सुंदरता के साथ लोक कलाएं, पारंपरिक वाद्ययंत्र और पहनावे भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे. पहली बार लोकरंग कार्यक्रम में श्रीलंका के कलाकार भी अपनी लोक कला पेश करेंगे.
इस बार युवाओं के लिए लोकरंग में सजा हैं ओपन माइकहर बार की तरह लोकरंग कार्यक्रम में लोक कलाकारों की खास प्रस्तुति और शिल्पग्राम में मेले का आकर्षण खास होता हैं, लेकिन इस बार लोकरंग में युवाओं के लिए ओपन माइक का मंच रखा गया हैं. जहां युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. ओपन माइक का मंच पर हर कलाकार को 5 से 7 मिनट का समय दिया जाएगा. जिसमें खास बात यह है कि इस मंच पर प्रस्तुति देने के लिए कोई फीस नहीं लगेगी क्योंकि हर युवा कलाकार को अपनी कला लोगों तक पहुंचाने का मौका लोकरंग में मिल रहा हैं. लोकरंग के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इस बार मध्य प्रदेश के गुदुम बाजा, भील भगोरिया, गोंड कर्मा और सैला नृत्य होंगे, तो गुजरात के मणियारो रास, राठवा नृत्य, सिद्दी धमाल, तलवार रास व गरबा पंजाब की लुड्डी से मणिपुर के चेरोल जगोई, राजस्थान की चरी नृत्य और अग्नि नृत्य, छत्तीसगढ़ के गेड़ी नृत्य और जम्मू-कश्मीर की जागरणा की प्रस्तुतियां खास होंगी.
लोकरंग में शिल्पकारों का राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला भी इस बार खासलोकरंग में अलग-अलग राज्यों की कला संस्कृति और लोकनृत्य के साथ शिल्पग्राम में 150 शिल्पकारों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला भी खास होगा. जहां अलग-अलग राज्यों से कारीगर और शिल्पकला के कलाकार हथकरघा कपड़े, पारंपरिक आभूषण, टेराकोटा, लकड़ी और चमड़े की कारीगरी, लोक चित्रकला और धातु शिल्प से जुड़े उत्पादों की खास स्टॉल्स सजी हैं. इसके अलावा लोकरंग के राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में राष्ट्रीय पुरस्कार और GI टैग के स्थानीय प्रोडक्ट्स भी खास हैं. जिन्हें लोग यहां बिल्कुल कम कीमत में खरीद सकते हैं. इसके अलावा दिपावली के फेस्टिवल सीजन को देखते हुए दिपावली की सजावट की स्टॉल्स भी सजाई गई हैं. जहां लोग बेहतरीन फर्नीचर, बर्तन, पूजा पाठ के सामान जैसी सभी वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं. शिल्पग्राम में आयोजित इस मेले का समय सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक रखा गया हैं और लोगों की एंट्री मेरे में बिल्कुल फ्री रखी गई हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 29, 2026, 18:23 IST



