Jodhpur: कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को मिलेगी AI की ट्रेनिंग, 20 घंटे में सीखेंगे फेक न्यूज और डीपफेक पहचानने का तरीका

Last Updated:October 30, 2026, 08:18 IST
IIT Jodhpur NCERT AI Module: सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली फर्जी खबरों और डीपफेक वीडियो से बचाव के लिए अब स्कूली बच्चों को जागरूक किया जाएगा. एनसीईआरटी ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 20 घंटे का विशेष एआई मॉड्यूल लागू किया है, जिसे तैयार करने में आईआईटी जोधपुर और आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की अहम भूमिका रही है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्र इंटरनेट पर मिलने वाली सूचनाओं की सत्यता जांचने, डेटा प्राइवेसी और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसी बारीकियां सीख सकेंगे.
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Jodhpur: सोशल मीडिया के इस दौर में इंटरनेट पर वायरल होने वाली हर खबर सच नहीं होती और हर वीडियो असली नहीं होता. इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए अब स्कूली बच्चों को फर्जी खबरों और डीपफेक वीडियो की पहचान करना सिखाया जाएगा. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 20 घंटे का एक विशेष एआई मॉड्यूल लागू किया है. इस महत्वपूर्ण मॉड्यूल को तैयार करने में आईआईटी जोधपुर और आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की अहम भूमिका रही है. इस पहल के जरिए बच्चे न केवल तकनीक का सही इस्तेमाल करना सीखेंगे, बल्कि अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा और इंटरनेट पर मिलने वाली सूचनाओं की सत्यता जांचने में भी सक्षम बनेंगे.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत तैयार किए गए इस मॉड्यूल को मुख्य रूप से पांच अलग-अलग इकाइयों में विभाजित किया गया है. पहली इकाई में मोबाइल फोन और म्यूजिक ऐप के व्यावहारिक उदाहरणों से एआई का रोजमर्रा का इस्तेमाल समझाया जाएगा. दूसरी इकाई में तस्वीरों के माध्यम से मशीनों को प्रशिक्षण देने और गलत डेटा से मिलने वाले परिणामों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताया जाएगा. तीसरी इकाई में डीपफेक वीडियो और फेक न्यूज की पहचान के लिए पांच चरणों वाली विशेष सत्यापन प्रक्रिया सिखाई जाएगी. चौथी इकाई में डेटा प्राइवेसी व व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम की जानकारी मिलेगी, जबकि पांचवीं इकाई में सही प्रॉम्प्ट लिखने और एआई को सीखने के सहायक उपकरण के रूप में उपयोग करने का अभ्यास कराया जाएगा.
इंटरनेट रहित स्कूलों में भी होगी पढ़ाई: छात्र बनाएंगे अपनी क्यूरियस नोटबुकइस विशेष एआई मॉड्यूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह डिजिटल डिवाइड को दूर करता है. जिन स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां भी शिक्षक कागजी गतिविधियों और समूह चर्चा के माध्यम से बच्चों को यह मॉड्यूल पढ़ा सकेंगे. इस प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थी अपनी जिज्ञासाएं, सवाल, तर्क और अनुभव दर्ज करने के लिए एक विशेष ‘क्यूरियस नोटबुक’ भी तैयार करेंगे. एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने बताया कि तकनीक मानवीय क्षमताओं को बढ़ा सकती है, लेकिन मानव का विवेक, रचनात्मकता और नैतिक जिम्मेदारी का महत्व हमेशा बना रहेगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
October 30, 2026, 08:10 IST



