Rajasthan Panchayat Chuvav Second Phase: गांवों की सत्ता का महासंग्राम, 22 जिलों में वोटिंग, 1.06 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला

Rajasthan Panchayat Chunav Live. राजस्थान में गांवों की सरकार चुनने के लिए आज दूसरे चरण का चुनावी महासंग्राम शुरू हो गया है. प्रदेश के 22 जिलों के निर्धारित ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए सुबह 7 बजे से मतदान जारी है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा. दूसरे चरण में 3,626 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 33,804 वार्ड पंच पदों के लिए वोट डाले जा रहे हैं. इस चरण में कुल 1 करोड़ 6 लाख 56 हजार 127 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इनमें 55 लाख 19 हजार 336 पुरुष, 51 लाख 36 हजार 744 महिला और 47 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं.
गांवों में सुबह से ही मतदान को लेकर हलचल तेज है. सरपंच की कुर्सी पर कौन बैठेगा और गांव की सरकार किसके हाथों में होगी, इसका फैसला ग्रामीण मतदाता करेंगे. खास बात यह है कि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव राजनीतिक दलों के आधिकारिक चुनाव चिह्नों पर नहीं लड़े जाते, लेकिन भाजपा और कांग्रेस से जुड़े स्थानीय नेता अपने समर्थित उम्मीदवारों को जिताने के लिए सक्रिय हैं. ऐसे में गांवों की सियासत में स्थानीय समीकरण, उम्मीदवारों की छवि और व्यक्तिगत जनसंपर्क की बड़ी भूमिका रहने वाली है.
इन 22 जिलों में हो रहा मतदान
दूसरे चरण में अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर, सिरोही और उदयपुर जिलों के निर्धारित ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान हो रहा है. मतदान प्रतिशत और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर प्रशासन की विशेष नजर है.
जयपुर की 112 ग्राम पंचायतों में वोटिंग
राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी चुनावी माहौल है. जिले की 112 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान हो रहा है. आमेर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी, शाहपुरा और अमरसर पंचायत समिति क्षेत्रों में मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं. शांतिपूर्ण मतदान के लिए निर्वाचन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई हैं.
गांवों के इन मुद्दों पर होगा फैसला
पंचायत चुनाव में सड़क, पेयजल, सफाई, नालियों की व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रमुख मुद्दे हैं. उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पहचान और गांव में उनकी सक्रियता भी मतदान को प्रभावित कर सकती है. राजनीतिक दलों के आधिकारिक चुनाव चिह्न नहीं होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के बीच मुकाबले देखने को मिल रहे हैं.
मतदान के बाद मतगणना, 31 अक्टूबर को उपसरपंच चुनाव
28 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के बाद अब सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान हो रहा है. मतदान समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे. उपसरपंच पद के लिए चुनाव 31 अक्टूबर को निर्धारित है. वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की मतगणना 20 नवंबर को होगी.



