भारत के खिलाफ टी20 में 5 सबसे बड़े स्कोर, विरोधी बल्लेबाजों ने लिखी तबाही की नई इबारत

Last Updated:October 30, 2026, 18:14 IST
5 highest team totals vs india in t20: क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट यानी टी20 इंटरनेशनल में इन दिनों गेंदबाजों के लिए सांस लेना भी दूभर हो गया है. साल 2026 भारतीय टीम और उसके गेंदबाजों के लिए एक ऐसा दौर साबित हुआ है, जहां दुनिया भर के आक्रामक बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए रनों का अंबार लगा दिया. टी20 क्रिकेट के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा देखने को मिला हो कि किसी एक ही साल में गेंदबाजों की इतनी बुरी गत हुई हो और एक के बाद एक विशालकाय स्कोर बोर्ड पर टंगे हों. भारत के खिलाफ टी20 में सबसे बड़े टीम टोटल इस प्रकार हैं.
ऑकलैंड के ऐतिहासिक ईडन पार्क मैदान पर 30 अक्टूबर 2026 को कुछ ऐसा हुआ, जिसने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया. भारत के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स (Glenn Philips) और माइकल ब्रेसवेल ने मैदान के चारों तरफ रनों की ऐसी सुनामी लाई कि भारतीय गेंदबाज बस लाचार नजर आए. कीवी टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया, जो कि टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में भारत के खिलाफ बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. इस पारी ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक क्रिकेट में कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं है.
इस ऐतिहासिक पारी की नींव रखने वाले ग्लेन फिलिप्स ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए महज 49 गेंदों में ही शानदार शतक जड़ दिया. फिलिप्स ने अपनी इस शतकीय पारी के दौरान मैदान के हर कोने में छक्कों और चौकों की बरसात कर दी, जिससे भारतीय कप्तान और गेंदबाज पूरी तरह दबाव में आ गए. उनका पूरा साथ निभाया ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल ने, जिन्होंने सिर्फ 25 गेंदों पर ही धुआंधार 65 रनों की अर्धशतकीय पारी खेल डाली. इन दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने स्कोरबोर्ड को रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ाया और कीवी टीम को एक अजेय स्थिति में पहुंचा दिया.
न्यूजीलैंड की इस पारी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट उनकी पांचवें विकेट की साझेदारी रही, जिसने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल के बीच महज 41 गेंदों में ही 115 रनों की रिकॉर्ड-तोड़ साझेदारी हुई. टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में भारत के खिलाफ पांचवें विकेट के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है. जब ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज वापसी कर लेंगे, तब इन दोनों ने मिलकर रनों की गति को कम नहीं होने दिया और कीवी टीम को 250 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
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इससे पहले, 11 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के दौरे पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था, जब साउथेम्प्टन में खेले गए पांचवें टी20 मैच में अंग्रेजी बल्लेबाजों ने तबाही मचाई थी. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट के नुकसान पर 257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. कप्तान जोस बटलर ने अपनी क्लास और आक्रामकता का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मात्र 64 गेंदों में 131 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली, जबकि युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने भी उनका पूरा साथ देते हुए 45 गेंदों पर नाबाद 95 रन क कूट डाले. इस स्कोर के सामने भारतीय बल्लेबाजी क्रम बुरी तरह बिखर गया और टीम 20 ओवरों में 201 रन ही बना सकी, जिसके चलते इंग्लैंड ने 56 रनों से मुकाबला अपने नाम किया.
सिर्फ पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमें ही नहीं, बल्कि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने भी भारत के खिलाफ तूफानी पारियां खेली हैं. 9 अक्टूबर 2026 को रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम ने अकल्पनीय कारनामा कर दिखाया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 249 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था, जिसे एक समय सुरक्षित माना जा रहा था. लेकिन कैरेबियन शेरों ने इस लक्ष्य को बेहद छोटा साबित कर दिया और महज 18.3 ओवरों में ही 4 विकेट खोकर 252 रन बनाते हुए मैच जीत लिया. शाई होप ने नाबाद 102 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, तो वहीं शेरफेन रदरफोर्ड ने भी 37 गेंदों पर 84 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर इस मैच को ऐतिहासिक बना दिया.
रांची के बाद 14 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मैच में भी वेस्टइंडीज का बल्ला जमकर बोला. मेहमान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 3 विकेट पर 247 रनों का मजबूत स्कोर बोर्ड पर टांग दिया. एक बार फिर से शाई होप ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 50 गेंदों पर नाबाद 102 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली, और उन्हें शेरफेन रदरफोर्ड का बेहतरीन साथ मिला जिन्होंने 26 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाए. इस बार विंडीज के गेंदबाजों ने इस विशाल स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया और भारतीय टीम को 223 रनों पर रोककर 24 रनों से मैच जीतकर सीरीज में 2-2 की बराबरी हासिल कर ली.
साल 2026 के टी20 विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला भी इस सूची का एक अहम और रोमांचक हिस्सा है, जो 5 मार्च 2026 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था. इस करो या मरो के मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 246 रनों का भारी-भरकम स्कोर खड़ा किया था. जैकब बेथेल ने अपनी जिंदगी की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक खेलते हुए महज 48 गेंदों में 105 रनों की सनसनीखेज शतकीय पारी खेली, और विल जैक्स ने भी 35 रनों का उपयोगी योगदान दिया. यह मैच इस बात का गवाह बना कि न केवल स्कोर बड़े बन रहे हैं, बल्कि उनका पीछा करने का दबाव कितना अधिक होता है.
इन तमाम मुकाबलों में एक बात बिल्कुल साफ हो गई कि मॉडर्न टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए रणनीति बनाना बेहद कठिन हो गया है. जब विरोधी टीम 250 से अधिक का स्कोर बना देती है, तो मानसिक दबाव पूरी तरह से बल्लेबाजी क्रम पर आ जाता है. हालांकि, भारतीय टीम ने भी कई मौकों पर इन बड़े स्कोर के जवाब में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया, जैसे कि विश्व कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड के 246 रनों के जवाब में 253 रन बनाकर जीत हासिल करना. लेकिन इसके बावजूद, लगातार इस तरह के स्कोर बनना इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब खेल पूरी तरह से बल्लेबाजों के पक्ष में झुक चुका है.
इन पांचों मुकाबलों के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि अब टी20 क्रिकेट केवल कौशल का खेल नहीं, बल्कि पूरी तरह से पावर-हिटिंग और विस्फोटक मानसिकता का खेल बन चुका है. पावरप्ले के ओवरों से लेकर डेथ ओवर्स तक, बल्लेबाज अब किसी भी गेंदबाज को बख्शने के मूड में नहीं रहते हैं. चाहे वह ग्लेन फिलिप्स की इनोवेशन भरी शॉट हो, जोस बटलर की क्लासिकल बाउंड्री हों या फिर शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की ताकतवर हिट्स हों, आधुनिक क्रिकेटर्स ने रन बनाने की परिभाषा ही बदल दी है. टीमों ने अब बड़े स्कोर बनाने को अपनी रणनीतिक प्राथमिकता बना लिया है.
कुल मिलाकर, साल 2026 के इन टी20 मैचों ने क्रिकेट प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया है, जहां चौकों और छक्कों की बरसात ने हर स्टेडियम को झूमने पर मजबूर कर दिया. भारत के खिलाफ टी20 इतिहास के ये पांच सबसे बड़े स्कोर इस बात का प्रमाण हैं कि आने वाले समय में खेल और अधिक आक्रामक होने वाला है. जहां एक तरफ दर्शक इस आतिशी क्रिकेट को देखकर रोमांचित हैं, वहीं दूसरी तरफ क्रिकेट के रणनीतिकार और गेंदबाज इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कैसे इन रन-मशीनों पर लगाम लगाई जाए. निश्चित रूप से, यह दौर टी20 क्रिकेट के इतिहास में बल्लेबाजों के स्वर्णिम युग के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा.
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October 30, 2026, 18:14 IST



