झालावाड़ में गजब मामला, सरपंच बनने निकलीं, लेकिन नामांकन भरना ही भूल गईं मनभर बाई

Last Updated:October 31, 2026, 06:51 IST
Jhalawar Panchayat Chunav: राजस्थान के झालावाड़ जिले में पंचायत चुनाव के बीच एक अनोखा मामला सामने आया है. सूमर ग्राम पंचायत में सरपंच पद की उम्मीदवार मनभर बाई चुनाव प्रचार में इतनी व्यस्त हो गईं कि नामांकन फॉर्म जमा करना ही भूल गईं. वह गांव में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रही थीं और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगी थीं. लेकिन चुनाव लड़ने के लिए जरूरी नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाईं. निर्धारित समय सीमा में नामांकन दाखिल नहीं होने के कारण उनकी चुनाव लड़ने की उम्मीदों पर पानी फिर गया. पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए नामांकन पत्र जमा करना अनिवार्य होता है. इसके बाद ही निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच कर उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करते हैं. झालावाड़ का यह मामला चुनावी उत्साह के बीच जरूरी औपचारिकताओं को नजरअंदाज करने का अनोखा उदाहरण बन गया है. सरपंच पद की उम्मीदवार मनभर बाई चुनाव प्रचार में इतनी व्यस्त हो गईं कि नामांकन फॉर्म जमा करना ही भूल गईं
झालावाड़. राजस्थान में पंचायत चुनावों की गहमागहमी के बीच झालावाड़ जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां सरपंच बनने की तैयारी में जुटीं एक महिला उम्मीदवार चुनाव प्रचार में इतनी व्यस्त हो गईं कि नामांकन फॉर्म जमा करना ही भूल गईं. सूमर ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही मनभर बाई ने गांव में मतदाताओं से संपर्क करना और अपने पक्ष में समर्थन जुटाना शुरू कर दिया था. चुनावी माहौल के बीच वह घर-घर जाकर लोगों से मिल रही थीं और सरपंच बनने के लिए प्रचार कर रही थीं. लेकिन इस दौरान चुनाव लड़ने की सबसे जरूरी औपचारिकता यानी नामांकन दाखिल करना ही छूट गया.
नामांकन जमा नहीं होने के कारण उनकी चुनाव लड़ने की उम्मीदों पर पानी फिर गया. स्थिति ऐसी बनी की सड़क पर जोनल मजिस्ट्रेट की गाड़ी रोककर गुहार भी लगाए. लेकिन बात नहीं तो सदमे में आकर मनभर बाई सड़क पर ही बेहोश हो गई. उनके समर्थन में आए लोगों ने उनको संभाला. चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर नामांकन पत्र जमा करना अनिवार्य होता है. ऐसे में प्रचार और जनसंपर्क के बावजूद नामांकन दाखिल नहीं होने पर कोई भी व्यक्ति आधिकारिक प्रत्याशी नहीं बन सकता. मनभर बाई का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है.
प्रचार में जुटीं, लेकिन नामांकन की प्रक्रिया रह गई पीछे
पंचायत चुनावों में सरपंच पद के उम्मीदवार गांव-गांव और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करते हैं. चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार लोगों से समर्थन मांगते हैं और गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं. सूमर ग्राम पंचायत में मनभर बाई भी इसी तरह चुनाव प्रचार में जुटी थीं. वह मतदाताओं के बीच पहुंचकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही थीं. हालांकि, चुनाव लड़ने के लिए प्रचार से पहले नामांकन प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है. नामांकन पत्र निर्धारित समय और स्थान पर जमा करना होता है. इसके बाद निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच करते हैं और पात्र उम्मीदवारों की सूची जारी की जाती है. मनभर बाई से नामांकन जमा करने की जरूरी प्रक्रिया छूट जाने के कारण वह चुनावी मैदान में उतरने से वंचित रह गईं.
पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल करना क्यों जरूरी?
पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से तय नियमों और समयसीमा का पालन करना अनिवार्य होता है. उम्मीदवार को निर्धारित प्रारूप में नामांकन पत्र भरकर संबंधित निर्वाचन अधिकारी के समक्ष जमा करना होता है. नामांकन के साथ जरूरी दस्तावेज और निर्धारित औपचारिकताएं भी पूरी करनी होती हैं. नामांकन की समयसीमा समाप्त होने के बाद सामान्य तौर पर नया नामांकन दाखिल नहीं किया जा सकता. ऐसे में चुनाव प्रचार, जनसंपर्क और मतदाताओं का समर्थन जुटाने से पहले नामांकन प्रक्रिया पूरी करना सबसे अहम कदम होता है.
झालावाड़ के मामले ने खींचा ध्यान
सूमर ग्राम पंचायत में सामने आया यह मामला पंचायत चुनावों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी और प्रचार में जुटी मनभर बाई नामांकन फॉर्म जमा करना भूल गईं. मनभर बाई नामांकन दाखिल नहीं कर पाने के कारण चुनाव नहीं लड़ सकेंगी.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jhalawar,Rajasthan
First Published :
October 31, 2026, 06:51 IST



