पुष्कर मेले में पहली बार डिजिटल नवाचार, QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी सबसे छोटे, बड़े और महंगे पशुओं की पूरी जानकारी

Last Updated:October 31, 2026, 17:28 IST
Pushkar Fair Digital Innovation: अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले में इस बार कई नवाचार देखने को मिलेंगे. मेले में आने वाले पशुओं की विस्तृत जानकारी क्यूआर कोड के जरिए मिल सकेगी. इसे स्कैन करने पर पशु की नस्ल पशु की विशेषता और अन्य जानकारियां प्राप्त की जा सकेंगी. इसके साथ ही मेले में आए सबसे महंगे, सबसे छोटे और खास विशेषताओं वाले पशुओं की पहचान करना भी आसान होगा.
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अजमेर. राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले में इस बार कई नए नवाचार देखने को मिलेंगे. मेले की तारीख पास में आते ही तैयारीयां भी तेज हो चुकी है. इस बार मेले को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की खास तैयारी की जा रही है. डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए पुष्कर मेले में क्यूआर कोड आधारित सुविधा शुरू की जाएगी. इसके जरिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और पशुपालकों को मेले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी मोबाइल पर एक स्कैन करते ही मिल सकेगी.
मेला अधिकारी डॉ नवीन परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि आज का दौर पूरी तरह से डिजिटल तकनीक का है, जहां हर छोटी-बड़ी जानकारी और वित्तीय लेनदेन के लिए मोबाइल और स्कैनिंग का उपयोग किया जाता है. इसी आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए इस वर्ष के पुष्कर मेले को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. मेले में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और पशुपालकों को दिशा-निर्देश ढूंढने में कोई परेशानी न हो इसके लिए एक अनूठा नवाचार किया गया है.
हेल्प डेस्क पर क्यूआर कोड सुविधापरिहार ने बताया कि मेले में अक्सर पर्यटक हेल्प डेस्क पर पहुंचकर पूछते हैं कि सबसे ऊंचा घोड़ा या सबसे छोटा घोड़ा कहां बंधा है या प्रतियोगिताएं कहां हो रही हैं. इन सभी आम सवालों का समाधान करने के लिए हेल्प डेस्क पर एक बहुत बड़ा फ्लेक्स लगाया जाएगा. इस फ्लेक्स पर मेले की विभिन्न महत्वपूर्ण लोकेशन और स्थलों के अलग-अलग क्यूआर कोड प्रिंट किए जाएंगे. कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद की जगह का कोड अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके तुरंत उसकी सटीक स्थिति और रास्ते की जानकारी प्राप्त कर सकता है.
विभिन्न प्रतियोगिताओं और सुविधाओं की सटीक जानकारीउन्होंने आगे बताया कि पुष्कर मेले के दौरान होने वाले विभिन्न आकर्षणों जैसे चारा डिपो, सरस डेयरी पार्लर, हॉर्स डांस प्रतियोगिता या ऊंट सजावट समारोह की लोकेशन ढूंढना अब बेहद आसान होगा. कई बार लोगों को सूखा चारा, हरा चारा या दाना खरीदने वाली जगह का पता लगाने में मशक्कत करनी पड़ती थी. क्यूआर कोड की इस तकनीक से इन सभी स्थानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के स्थलों की सही जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी जिससे समय की भारी बचत होगी.
घर बैठे सुविधा उपलब्धयह डिजिटल सुविधा केवल मेला स्थल पर ही नहीं बल्कि घर बैठे लोगों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी. स्कैन करते ही हेल्प डेस्क से उस विशेष स्थान की वास्तविक दूरी और वहां तक पहुंचने का सही मार्ग पता चल जाएगा. पर्यटक यह आसानी से जान सकेंगे कि उन्हें पैदल जाना है या किस दिशा में आगे बढ़ना है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 31, 2026, 17:10 IST



