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गैस, एसिडिटी और बदहजमी से हैं परेशान? डॉक्टर ने बताया क्या खाएं और किन चीजों से बचें

अंबाला: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती खानपान की आदतों का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है, खासकर पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. दरअसल, बाहर का तला-भुना खाना, ज्यादा मसालेदार भोजन, पिज्जा-बर्गर, पैक्ड फूड और कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन लोगों के पाचन तंत्र को प्रभावित कर रहा है. यही वजह है कि कम उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में गैस, एसिडिटी, बदहजमी और पेट फूलने यानी ब्लोटिंग की शिकायत देखने को मिल रही है. अगर आप भी खाना खाने के बाद पेट में भारीपन, गैस या अपच महसूस करते हैं, तो अपनी कुछ आदतों में बदलाव करके इन परेशानियों से बचाव कर सकते हैं.

जंक फूड और ज्यादा मसालेदार भोजन से बढ़ रही गैस और एसिडिटी की परेशानी

वहीं, इस बारे में अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि पेट से जुड़ी समस्याओं का एक बड़ा कारण गलत खानपान और अनियमित दिनचर्या है. आजकल लोग बाजार में मिलने वाले तले-भुने और मसालेदार खाद्य पदार्थों को बड़े चाव से खाते हैं. रेहड़ी या रेस्टोरेंट में बैठकर जरूरत से ज्यादा तला हुआ खाना खाने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है. उन्होंने कहा कि खासकर अधिक मसालेदार भोजन कई लोगों में एसिडिटी और अपच की समस्या बढ़ा सकता है.

8 से 10 साल के बच्चे भी हो रहे पेट की समस्याओं का शिकार

डॉ. रजिता के अनुसार, पहले पेट से जुड़ी समस्याएं अधिकतर बुजुर्गों में देखने को मिलती थीं, लेकिन अब छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. 8 से 10 साल के बच्चे भी आजकल पैक्ड फूड, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और जंक फूड का अधिक सेवन कर रहे हैं. इसका असर उनकी खानपान की आदतों और पाचन पर पड़ सकता है. वहीं, समय पर खाना नहीं खाना और पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीना भी पेट से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकता है.

बाहर जाते समय साथ रखें पानी और फल, लंबे समय तक न रहें खाली पेट

डॉक्टर ने बताया कि अगर आप त्योहारों के सीजन में बाजार जाते हैं या बाहर ज्यादा समय बिताते हैं, तो अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें. इसके अलावा थोड़ी मात्रा में फल भी साथ रख सकते हैं. इससे बाहर रहते हुए भी खानपान का ध्यान रखना आसान होगा. कोशिश करें कि लंबे समय तक खाली पेट न रहें और एक साथ बहुत ज्यादा खाना खाने से बचें.

हरी सब्जियां, सलाद और मौसमी फल डाइट में करें शामिल

डॉ. रजिता ने बताया कि पाचन को बेहतर बनाए रखने के लिए खानपान में हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और मौसमी फलों को शामिल करना चाहिए और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है. डॉक्टर के अनुसार, सौंफ चबाने से कुछ लोगों को खाने के बाद होने वाली गैस और भारीपन में राहत महसूस हो सकती है. इसके अलावा दाल और सब्जियों में स्वाद के अनुसार थोड़ी मात्रा में काली मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है.

सौंफ, अजवाइन और जीरे से पाचन को मिल सकती है राहत

डॉ. रजिता ने बताया कि अजवाइन और जीरे का इस्तेमाल भी पारंपरिक रूप से पाचन संबंधी परेशानियों में किया जाता रहा है. इन्हें हल्का भूनकर पीसने के बाद कुछ लोग थोड़ी मात्रा में गुनगुने पानी के साथ लेते हैं. हालांकि, इन घरेलू उपायों को किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं मानना चाहिए. लगातार गैस, पेट दर्द या अपच की समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है.

सर्दियों में गुड़ खाते समय रखें सावधानी, डायबिटीज के मरीज दें ध्यान

सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ ही खानपान में गुड़ का इस्तेमाल भी बढ़ जाता है. डॉक्टर ने बताया कि पुराने समय में लोग भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ खाते थे. हालांकि, गुड़ भी चीनी का एक स्रोत है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहे लोगों को इसके सेवन में विशेष सावधानी रखनी चाहिए.

समय पर खाना और पर्याप्त पानी पीना है जरूरी

डॉक्टर की सलाह है कि पेट को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले अपनी दिनचर्या और खानपान सुधारें. बाहर के तले-भुने भोजन और जंक फूड से दूरी रखें, समय पर खाना खाएं, पर्याप्त पानी पिएं और डाइट में फल-सब्जियों को जगह दें. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके पाचन संबंधी परेशानियों से बचाव में मदद मिल सकती है.

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