Rajasthan

पाली में धंसी सड़क, गड्ढे में समाने लगा मासूम; निगम नहीं पहुंचा तो पार्षद ने जेब से भरवाया

पाली. राजस्थान के पाली शहर में नगर निगम की लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है. मामला वार्ड 53 के सोसायटी नगर का है, जहां सीवरेज लाइन के कारण खोखली हुई सड़क अचानक धंस गई और 10 साल का मासूम जिग्नेश इस जानलेवा गड्ढे में गिरते-गिरते बचा. गनीमत रही कि वक्त रहते पिता ने उसका हाथ पकड़कर खींच लिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. हैरान करने वाली बात यह है कि जब स्थानीय पार्षद कालूराम जाट ने मौके पर पहुंचकर निगम को इसकी सूचना दी, तो जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद से नहीं जागे.

आखिरकार, जनता की सुरक्षा को देखते हुए पार्षद ने खुद अपनी जेब से पैसे खर्च कर गड्ढे में ईंटें डलवाई ताकि कोई और इसका शिकार न बने. कालूराम जाट कहते हैं कि निगम प्रशासन जनता की जान-माल की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है. जब सूचना देने के बाद भी कोई नहीं आया, तो मुझे खुद अपनी जेब से पैसे खर्च करके यह गड्ढा भरवाना पड़ा ताकि किसी और मासूम या बुजुर्ग के साथ अनहोनी न हो.

पिता ने फुर्ती दिखाकर बचाई मासूम की जान

बताया जा रहा है कि सोसायटी नगर में सीवरेज लाइन के रिसाव और खराबी की वजह से सड़क अंदर ही अंदर पूरी तरह खोखली हो चुकी थी. अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा नीचे धंस गया और वहां एक गहरा गड्ढा बन गया. इसी दौरान वहां से गुजर रहा 10 वर्षीय मासूम जिग्नेश अचानक धंसती सड़क की चपेट में आ गया और गड्ढे में समाने लगा. भाग्यवश, जिग्नेश के पिता ठीक उसके पास ही मौजूद थे. जैसे ही बच्चा नीचे गिरा, पिता ने बिना एक पल गंवाए फुर्ती दिखाते हुए उसका हाथ कसकर पकड़ लिया और खींचकर बाहर निकाला. गनीमत यह रही कि बच्चा पूरी तरह गड्ढे के भीतर नहीं समाया और समय रहते उसे बचा लिया गया, जिससे उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई. लेकिन इस खौफनाक मंजर ने आसपास के क्षेत्रवासियों के रोंगटे खड़े कर दिए.

सूचना के बाद भी नहीं पहुंचा निगम

हादसे की खबर मिलते ही वार्ड 53 के पार्षद कालूराम जाट तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन नगर निगम के आला अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को फोन पर इसकी सूचना दी. स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इस गंभीर हादसे के बाद निगम का अमला तुरंत हरकत में आएगा और सड़क की मरम्मत का काम शुरू कराएगा. लेकिन पाली नगर निगम का ढुलमुल रवैया यहां भी हावी रहा. बार-बार गुहार लगाने के बावजूद निगम के जिम्मेदार अधिकारी अपनी ‘कुंभकर्णी नींद’ से नहीं जागे और मौके पर एक भी कर्मचारी सड़क दुरुस्त करने नहीं पहुंचा.

अपनी जेब से पैसे खर्च कर भरवाया गड्ढा

निगम की लाचारी और प्रशासनिक उदासीनता को देखकर स्थानीय पार्षद कालूराम जाट ने खुद इसको ठीक करने का जिम्मा उठाया. उन्होंने जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए अपनी जेब से रुपये खर्च किए और तुरंत ईंट-रोड़ी का इंतजाम करवाया. पार्षद ने खुद खड़े होकर गड्ढे को भरवाया और सड़क को अस्थायी रूप से दुरुस्त कराया, ताकि भविष्य में कोई अन्य वाहन चालक या राहगीर इस खूनी गड्ढे की चपेट में आकर हादसे का शिकार न हो. सोसायटी नगर का यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी इस इलाके में सीवर लाइन धंसने के कारण कई बार सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं. हकीकत यह है कि आज पाली शहर का ऐसा एक भी मोहल्ला या वार्ड नहीं है, जो सीवरेज लाइन की समस्या से अछूता हो.

पूरे पाली शहर में बनी हुई सीवरेज की समस्या

स्थानिय निवासियों का कहना है कि सीवरेज लाइन में आए दिन होने वाली लीकेज के कारण गंदा पानी सड़कों और गलियों में बहता रहता है. हर समय फैलती बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है और संक्रामक बीमारियों का डर बना रहता है. सड़कें अंदर से खोखली हो चुकी है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के मन में हर समय किसी अनहोनी का खौफ बना रहता है. नगर निगम सिर्फ टैक्स वसूलने तक सीमित है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और जनता की सुरक्षा के नाम पर व्यवस्था पूरी तरह शून्य है. लोगों ने मांग की है कि निगम प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय शहर के पूरे सीवरेज सिस्टम की मरम्मत को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करना चाहिए.

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