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Morocco Flying Goats : ‘उड़ने वाली बकरियां’, कुदरत का करिश्मा नहीं किसानों की मजबूरी, जानें अजूबे की पूरी सच्चाई

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‘उड़ने वाली बकरियां’, कुदरत का करिश्मा नहीं किसानों की मजबूरी, जानें सच्चाई

Last Updated:November 05, 2026, 22:37 IST

मोरक्को की ‘पेड़ों पर चढ़ने वाली बकरियां’ पूरी दुनिया में मशहूर हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं. पहली नजर में ये प्रकृति का एक अनोखा अजूबा लगता है, लेकिन इस खूबसूरत तस्वीर के पीछे भुखमरी, भयंकर सूखा और बेजुबानों के शोषण की एक दर्दनाक कहानी छिपी है.

अनोखा हुनर नहीं, बल्कि भुखमरी का तमाशा: मोरक्को में आर्गन के पेड़ों के फल खाने के लिए बकरियां कुदरती रूप से थोड़ी-बहुत ऊंचाई पर चढ़ती हैं. लेकिन सड़कों के किनारे पेड़ों पर एक साथ दर्जनों बकरियों का खड़े रहना कोई कुदरती नजारा नहीं है. भीषण सूखे और गरीबी से परेशान किसानों ने पर्यटकों से टिप कमाने के लिए इसे एक तमाशा बना दिया है. (रॉयटर्स)

पेड़ों पर जबरन खड़ा करने की क्रूर ट्रेनिंग: बकरियों को पेड़ों की पतली टहनियों पर घंटों खड़े रहने के लिए कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है. किसान अनाज और फल का लालच देकर या डंडे के जोर पर उन्हें छोटे-छोटे लकड़ी के प्लेटफॉर्म्स पर खड़ा करते हैं. जो बकरियां खुद नहीं चढ़तीं, उन्हें उठाकर जबरदस्ती ऊपर बिठा दिया जाता है. (AI कॉन्सेप्ट इमेज)

गर्मी में पानी और छांव बिना घंटों तड़पन: मोरक्को की कड़कड़ाती धूप में बकरियों को बिना पानी, खाना या छांव के लगातार 3 से 4 घंटे तक खड़ा रखा जाता है. जानवरों के डॉक्टरों का कहना है कि इतने तेज तापमान में घंटों खड़े रहने से बकरियां डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस का शिकार हो जाती हैं और कई बार पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो जाती हैं. (AI कॉन्सेप्ट इमेज)

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सूखा और गरीबी बनी किसानों की मजबूरी: मोरक्को इस वक्त दशकों के सबसे भयानक सूखे से जूझ रहा है, जिससे किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं. गेहूं की खेती ठप होने के बाद बेसहारा किसानों के पास अपने बच्चों और जानवरों का पेट पालने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा. पर्यटकों से मिलने वाली टिप ही अब उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया है. (रॉयटर्स)

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने बताया पशु क्रूरता: वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन जैसी वैश्विक संस्थाओं ने इसे सीधे तौर पर ‘एनिमल क्रुएलिटी’ यानी पशु क्रूरता करार दिया है. जानवरों के अधिकारों के मामले में मोरक्को का रिकॉर्ड काफी खराब रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि फोटो खिंचवाने के शौकीन टूरिस्ट अनजाने में इस शोषण का हिस्सा बन रहे हैं. (AI कॉन्सेप्ट इमेज)

पर्यावरण और पेड़ों को भी भारी नुकसान: कई लोगों को लगता है कि बकरियों का पेड़ों पर चढ़ना आर्गन के बीजों के फैलाव में मदद करता है. लेकिन असलियत ये है कि बकरियां सिर्फ फल ही नहीं, बल्कि पेड़ों की नई पत्तियों और छोटे पौधों को भी पूरी तरह चबा जाती हैं. इससे नए पेड़ों का उगना बंद हो गया है और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है. (AI कॉन्सेप्ट इमेज)

पाबंदी नहीं, बल्कि विकल्प की सख्त जरूरत: एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल इस काम पर बैन लगा देने से किसानों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो जाएगा. सरकार को भारत के ‘डांसिंग बियर’ मॉडल की तरह किसानों के लिए रोजगार के नए साधन बनाने चाहिए. जब तक स्थानीय लोगों को वैकल्पिक आय नहीं मिलेगी, तब तक बेजुबानों का ये तमाशा बंद होना मुमकिन नहीं है. (AI कॉन्सेप्ट इमेज)

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November 05, 2026, 22:37 IST

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