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Agriculture: अब खाद के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, घर बैठे बुक होगी डीएपी-यूरिया, ऐसे मिलेगा उर्वरक

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डीएपी-यूरिया के लिए लंबी कतार की झंझट खत्म, ऐप बताएगा कहां उपलब्ध है खाद

Last Updated:August 23, 2026, 08:51 IST

New Way to Buy Fertilizers: किसानों को उर्वरक खरीदने के लिए अब दुकानों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी. कृषि विभाग ने उर्वरक की उपलब्धता और खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल यानी एफएफएस सिस्टम शुरू किया है. किसान एफएफएस ऐप के जरिए अपनी फार्मर्स आईडी दर्ज कर फसल और जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे. ऐप आसपास के डीलरों और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी भी देगा. बुकिंग के बाद मोबाइल पर क्यूआर कोड मिलेगा, जिसके आधार पर खाद ली जा सकेगी. स्मार्टफोन नहीं होने पर ई-मित्र या कॉमन सर्विस सेंटर से भी बुकिंग की सुविधा होगी. व्यवस्था से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ने और कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

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भरतपुर. किसानों के लिए उर्वरक खरीदने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में कृषि विभाग ने डिजिटल व्यवस्था शुरू की है. अब किसानों को खाद की उपलब्धता जानने के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी. फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल यानी एफएफएस सिस्टम के माध्यम से किसान घर बैठे अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे.

कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक राधेश्याम मीणा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि किसान मोबाइल में एफएफएस ऐप डाउनलोड कर फार्मर्स आईडी दर्ज करेगा. इसके बाद सिस्टम में उसके खेत और भूमि से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी. किसान अपनी फसल का चयन करने के बाद आवश्यकता के अनुसार खाद चुन सकेगा. सिस्टम में करीब 400 फसलों का विवरण उपलब्ध है. उदाहरण के तौर पर सरसों की फसल के लिए किसान डीएपी, यूरिया, सिंगल सुपर फॉस्फेट या अमोनियम सल्फेट जैसे उर्वरकों का चयन कर सकता है.

एप पर किसानों को मिल जाएगी स्टॉक और डीलरों की जानकारी 

उन्होंने बताया कि ऐप किसान के आसपास उपलब्ध स्टॉक और डीलरों की जानकारी दिखाएगा. किसान अपनी सुविधा के अनुसार डीलर चुन सकेगा. खास बात यह है कि अलग-अलग खाद अलग-अलग दुकानों पर उपलब्ध होने की स्थिति में किसान एक से अधिक डीलरों का चयन भी कर सकता है. बुकिंग पूरी होने के बाद किसान के मोबाइल पर क्यूआर कोड जनरेट होगा. इसी कोड के आधार पर डीलर से उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा. किसान स्वयं दुकान पर जा सकता है. यदि वह नहीं जा पाता है तो परिवार के सदस्य या अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए भी खाद ली जा सकेगी.

किसान के मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी

प्रतिनिधि को आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और किसान के मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. एफएफएस की सुविधा केवल नजदीकी दुकान तक सीमित नहीं है. किसान जरूरत के अनुसार तहसील या जिला स्तर पर उपलब्ध डीलर का भी चयन कर सकता है. स्मार्टफोन नहीं होने पर ई-मित्र या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से बुकिंग कराई जा सकेगी. बुकिंग के बाद उर्वरक लेने के लिए किसान को 48 घंटे का समय मिलेगा निर्धारित अवधि में खाद नहीं लेने पर बुकिंग स्वत निरस्त हो जाएगी और किसान दोबारा बुकिंग कर सकेगा.

फार्मर्स आईडी और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी इस व्यवस्था में किसान की खरीद का डिजिटल रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा. खरीफ, रबी और जायद सीजन में खरीदी गई खाद की मात्रा का विवरण दर्ज होगा. साथ ही किसान बुक की गई मात्रा से अधिक उर्वरक नहीं खरीद सकेगा. इससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने के साथ कालाबाजारी और अनधिकृत खरीद पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Bharatpur,Rajasthan

First Published :

August 23, 2026, 08:51 IST

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