Ashok Gehlot | Sachin Pilot

Last Updated:April 22, 2026, 20:21 IST
Ashok Gehlot Sachin Pilot Meet In Delhi: दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मुस्कुराती मुलाकात. नागौर में पुराने विवाद याद दिलाने के बाद अब पायलट की राजस्थान कांग्रेस में वापसी की चर्चा तेज. बताया जा रहा है कि पहले सचिन पायलट पहुंचे और उनके पीछे-पीछे अशोक गहलोत भी वहां पहुंचे. पायलट खुद गहलोत से मिलने उनकी कार तक गए. जैसे ही दोनों आमने-सामने आए, हाथ मिलाया गया और उसी दौरान गहलोत ने मीडिया की तरफ देखकर हल्के मजाकिया अंदाज में कहा कि आप लोग कहते हो कि हमारी बनती नहीं, देख लो कितनी बनती है.
दिल्ली में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मुलाकात
जयपुर. दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर एक ऐसा सीन देखने को मिला, जिसने राजस्थान की राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया. एक तरफ थे अशोक गहलोत, दूसरी तरफ सचिन पायलट. दोनों एक साथ, आमने-सामने, और फिर हाथ मिलाते हुए. जो लोग लंबे समय से इन दोनों के रिश्ते को लेकर सवाल करते रहे हैं, उनके लिए ये पल थोड़ा अलग था. कैमरे चालू थे, मीडिया मौजूद थी, और दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का स्वागत किया.
बताया जा रहा है कि पहले सचिन पायलट पहुंचे और उनके पीछे-पीछे अशोक गहलोत भी वहां पहुंचे. पायलट खुद गहलोत से मिलने उनकी कार तक गए. जैसे ही दोनों आमने-सामने आए, हाथ मिलाया गया और उसी दौरान गहलोत ने मीडिया की तरफ देखकर हल्के मजाकिया अंदाज में कहा कि आप लोग कहते हो कि हमारी बनती नहीं, देख लो कितनी बनती है. वहीं सचिन पायलट भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि गहलोत साहब तो मुझसे मिलने के लिए पीछे-पीछे आए हैं. माहौल हल्का था, लेकिन सियासी मतलब भारी.
मुस्कान के पीछे की कहानी, पुरानी बातें फिर सामनेअब अगर इस तस्वीर को सिर्फ एक मुलाकात समझ लिया जाए, तो शायद कहानी अधूरी रह जाएगी. क्योंकि कुछ दिन पहले ही 14 अप्रैल को नागौर में एक कार्यक्रम के दौरान गहलोत ने अंबेडकर जयंती पर भाषण देते हुए बिना नाम लिए पायलट पर निशाना साधा था. उन्होंने मानेसर प्रकरण को याद दिलाया, जब उनकी सरकार पर संकट आया था. उस वक्त उन्होंने कहा कि कैसे विधायकों को बहकाकर मानेसर ले जाया गया और सरकार गिराने की कोशिश हुई.
इत्तेफाक ये रहा कि उसी दिन सचिन पायलट भी जयपुर में थे और कांग्रेस दफ्तर में अंबेडकर जयंती के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे. एक तरफ मंच से पुराने जख्मों का जिक्र, दूसरी तरफ दिल्ली में मुस्कुराती तस्वीर. यही विरोधाभास अब चर्चा का विषय बन गया है. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर असली कहानी क्या है.
राजनीति में वापसी की चर्चा, अंदरखाने हलचलअब इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और बात तेजी से घूम रही है. चर्चा है कि सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस की सियासत में फिर से बड़ी भूमिका में लौट सकते हैं. पांच राज्यों के चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर फैसला हो सकता है, और इस रेस में पायलट का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है.
इसी बीच अशोक गहलोत की सक्रियता भी बढ़ी हुई नजर आ रही है. वे लगातार मौजूदा सरकार पर हमले कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर उनकी टीम एक्टिव है और उनकी पिछली सरकार के कामों को फिर से सामने लाया जा रहा है. कई बार ऐसा भी देखने को मिला है कि सरकार के फैसलों पर प्रतिक्रिया सबसे पहले गहलोत की तरफ से ही आती है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
April 22, 2026, 20:21 IST


