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सेल्फी का शौक पड़ा भारी: फोटो के लिए पायलट ने हवा में ही पलटा F-15K फाइटर जेट, आपस में भिड़े दो विमान

आसमान की ऊंचाइयों में गरजते फाइटर जेट्स और मौत से चंद इंच का फासला. सोचिए जरा, आप 5.5 करोड़ रुपये की मशीन उड़ा रहे हों और अचानक आपका मन एक परफेक्ट सेल्फी लेने का कर जाए. दक्षिण कोरिया के दो जांबाज पायलटों को हवा में फोटो और वीडियो खिंचवाने का ऐसा शौक चढ़ा कि उन्होंने अनुशासन को ताक पर रख दिया. फिर जो हुआ उसने पूरी दुनिया की वायुसेना को हिला कर रख दिया. बादलों के बीच जब दो F-15K फाइटर जेट्स आपस में टकराए तो उसकी वजह दुश्मन की मिसाइल नहीं बल्कि एक मोबाइल फोन का कैमरा था. रोमांच, लापरवाही और करोड़ों के नुकसान की यह कहानी किसी फिल्मी स्टंट से कम नहीं है.

क्या था पूरा मामला? · घटना का स्थान: यह टक्कर दक्षिण कोरिया के दाएगू (Daegu) शहर के ऊपर उस समय हुई जब दो F-15K फाइटर जेट एक मिशन पर थे.

· वजह – ‘लास्ट फ्लाइट’ की याद: विंगमैन एयरक्राफ्ट उड़ा रहे पायलट की अपनी यूनिट के साथ यह आखिरी उड़ान थी. वह इस पल को यादगार बनाने के लिए अपने मोबाइल से तस्वीरें खींचने लगा.

· खतरनाक स्टंट: बेहतर फोटो खिंचवाने के चक्कर में पायलट ने अचानक अपने जेट को ऊपर उठाया और हवा में ‘फ्लिप’ (पलट) दिया. इसी दौरान दोनों विमान खतरनाक तरीके से एक-दूसरे के करीब आ गए.

· टक्कर और नुकसान: बचने की कोशिश के बावजूद दोनों विमान आपस में टकरा गए. इसमें एक विमान के पंख और दूसरे के पिछले हिस्से (Tail Stabiliser) को भारी नुकसान पहुंचा.

· मरम्मत का खर्च: इस टक्कर की वजह से सेना को लगभग 880 मिलियन वॉन (करीब 5.5 करोड़ रुपये) की चपत लगी.

अनुशासन और तकनीक के बीच मानवीय चूक1. वर्चस्व की आदत: ऑडिट बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार उस समय पायलटों के बीच महत्वपूर्ण उड़ानों की तस्वीरें लेना एक आम बात बन गई थी. यह सैन्य अनुशासन में एक बड़ी सेंध को दर्शाता है.

2. मूक सहमति: जांच में पता चला कि लीड एयरक्राफ्ट के पायलट को भी पता था कि फोटो खींची जा रही है बल्कि उसने तो दूसरे पायलट से वीडियो बनाने को भी कहा था. यानी नियमों की अनदेखी ऊपर से नीचे तक हो रही थी.

3. भारी जुर्माना: वायुसेना ने पहले पायलट पर पूरी मरम्मत का खर्च (880 मिलियन वॉन) डालने की कोशिश की लेकिन कोर्ट और बोर्ड ने इसे घटाकर 88 मिलियन वॉन कर दिया.

4. प्रशासनिक जिम्मेदारी: बोर्ड ने माना कि केवल पायलट ही दोषी नहीं है बल्कि वायुसेना भी जिम्मेदार है क्योंकि उसने पायलटों द्वारा कैमरों के इस्तेमाल पर कड़े नियम नहीं बनाए थे.

सवाल-जवाब क्या इस टक्कर में पायलटों को चोट आई?

नहीं, दोनों विमानों के पायलट सुरक्षित बच गए और उन्होंने विमानों को सुरक्षित बेस पर लैंड करा लिया था.

दोषी पायलट पर क्या कार्रवाई हुई?

पायलट ने सेना छोड़ दी है और अब वह एक कमर्शियल एयरलाइन में काम कर रहा है. उसे लगभग 88 मिलियन वॉन (एक तिहाई मरम्मत खर्च का दसवां हिस्सा) जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है.

ऑडिट बोर्ड ने पायलट की सजा कम क्यों की?

बोर्ड ने माना कि पायलट का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड बहुत अच्छा था और टक्कर के बाद उसने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित लैंड कराया, जिससे और बड़ा नुकसान टल गया.

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