atal incubation center starts at nsut to boost ai startups in delhi

Last Updated:June 18, 2026, 04:31 IST
Atal Incubation Centre Delhi: अब आपका आइडिया अंजाम तक पहुंचेगा. इस सफर को आसान करेगा नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी. यहां पर अटल इनक्यूबेशन सेंटर शुरू हुआ है. शिक्षा मंत्री आशीष सूद इसका उद्घाटन आज करेंगे. एआई आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा. 2 करोड़ की शुरुआती फंडिंग और हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी.
नई दिल्ली: अगर आपके पास आइडिया है लेकिन उसे स्टार्टअप में कैसे बदलें यह नहीं समझ में आ रहा है तो अब आपके आइडिया से लेकर उसे अंजाम तक पहुंचाने के सफर को आसान करेगा अटल इनक्यूबेशन सेंटर. जिसका उद्घाटन 18 जून यानी आज नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी में शिक्षा मंत्री आशीष सूद करेंगे. इसकी तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है. अटल इनक्यूबेशन सेंटर को नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के तीसरे फ्लोर पर बनाया गया है.
नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में अटल इनक्यूबेशन सेंटर की निदेशक प्रेरणा गौड़ से खास बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि एनएसयूटी के स्टूडेंट्स स्टार्टअप्स को लेकर के पहले से ही काफी जागरुक हैं. उन्हें पता होता है कि स्टार्टअप्स को कैसे पंजीकृत करना है. कैसे उसे सफल बनाना है. बीते 10 सालों से यहां पर हर स्टूडेंट के स्टार्टअप्स को नई उड़ान दी जा रही है, लेकिन साल 2022 में अटल इन्नोवेशन मिशन के तहत अटल इनक्यूबेशन सेंटर को यूनिवर्सिटी में स्थापित करने की अनुमति मिल गई थी.
पहले स्लॉट में दो करोड़ रुपए मिले निदेशक प्रेरणा गौड़ ने बताया कि साल 2025 नवंबर में अटल इनक्यूबेशन सेंटर को यूनिवर्सिटी में स्थापित करने के सारे रास्ते साफ़ हो गए थे. इसीलिए सभी तैयारी के बाद इसका उद्घाटन 18 जून को यूनिवर्सिटी में कर दिया जाएगा. पहले 1 साल के लिए अभी फिलहाल 2 करोड़ रुपए मिले हैं. पहले साल पूरे दिल्ली एनसीआर के स्टूडेंट्स को जागरूक किया जाएगा. स्टार्टअप्स के प्रति उन्हें ज्यादा से ज्यादा जानकारी दी जाएगी. कई तरह के कैंप लगाए जाएंगे. ताकि ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स इससे जुड़ सकें. उन्होंने बताया कि अटल इनक्यूबेशन सेंटर के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को काफी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि वक्त बदल गया है. अब ज्यादातर स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित ही हो रहे हैं.
बेहद हाईटेक होगा यह सेंटर निदेशक प्रेरणा गौड़ ने बताया कि यह सेंटर काफी हाईटेक होगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर इंटरनेट पर आधारित जितने भी स्टार्टअप्स होंगे उनको एक नई पहचान मिलेगी. स्टूडेंट्स को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. ताकि वो अपने स्टार्टअप्स को बेहतर से बेहतर तरीके से कर सकें. हर साल 50 से ज्यादा स्टार्टअप्स को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने बताया कि सरकार का भी पूरा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ डेटा कलेक्शन और स्मार्ट सिस्टम पर ही है. ताकि देश के टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिल सके और हमारे देश में ज्यादा से ज्यादा स्टार्टअप्स हो सके. यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जहां पर स्टार्टअप्स करने वालों के सपनों को पंख लगेंगे.
About the AuthorAmit ranjan
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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