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best fish | best fish for eating | fish varieties | मछलियों की वो 3 खास वैरायटी, जिनमें कूट-कूटकर भरे हैं पोषक तत्व, विटामिन और प्रोटीन का खजाना

Last Updated:October 03, 2026, 13:20 IST

Health Tips: कहते हैं कि मछली में प्रोटीन, विटामिन और पोषक तत्व भरे होते हैं. लेकिन सही मछली का चुनाव करना भी काफी जरूरी है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कौन-सी मछली खाने से सेहत को फायदा होगा और किसमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं.

रामपुर: अगर आपको मछली खाना पसंद है तो यह खबर आपके काम की हो सकती है. बाजार में कई तरह की मछलियां मिलती हैं, लेकिन पोषण के मामले में सभी मछलियां एक जैसी नहीं होतीं. कुछ मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, विटामिन डी और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि डाइट में मछली शामिल करने से पहले उसकी किस्म और उसे पकाने के तरीके पर भी ध्यान देना जरूरी है.

आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड को शरीर के लिए जरूरी हेल्दी फैट माना जाता है. यह खासतौर पर दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. साल्मन, सार्डिन और मैकेरल ऐसी मछलियों में शामिल हैं, जिनमें ओमेगा-3 अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इनमें EPA और DHA भी होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी फैटी एसिड हैं.

प्रोटीन का खजाना है मछलीडॉक्टर मोहम्मद ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपना वजन मैनेज करने की कोशिश कर रहा है तो खाने में पर्याप्त प्रोटीन लेना जरूरी होता है. मछली प्रोटीन का अच्छा स्रोत हो सकती है. प्रोटीन खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है, जिससे बार बार कुछ खाने की इच्छा कम हो सकती है. लेकिन यहां भी मछली से ज्यादा जरूरी है कि उसे किस तरह बनाया जा रहा है. अगर मछली को बहुत ज्यादा तेल में डीप फ्राई करके खाया जाए तो खाने में अतिरिक्त कैलोरी और फैट बढ़ सकता है. इसलिए वजन मैनेज करने वालों के लिए कम तेल में पकाई गई या भाप में तैयार मछली बेहतर विकल्प हो सकती है.

छोटी आकार की मछलियां बेहतरएक्सपर्ट के मुताबिक, छोटी आकार की सार्डिन मछली भी पोषण के लिहाज से अच्छी मानी जाती है. इसमें ओमेगा-3 के साथ कैल्शियम भी पाया जाता है. मछली की कुछ किस्मों में बड़ी मछलियों की तुलना में पारे की मात्रा कम हो सकती है. हालांकि अलग-अलग मछलियों में पोषक तत्वों की मात्रा उनके प्रकार और तैयारी के तरीके के हिसाब से बदल सकती है.

मछली को डाइट में शामिल करने का फायदा सिर्फ ओमेगा-3 तक सीमित नहीं है. कुछ मछलियों में विटामिन डी और विटामिन बी12 भी अच्छी मात्रा में मिल सकता है. विटामिन डी हड्डियों के लिए जरूरी है, जबकि विटामिन बी12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और नसों के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है.

मछली की मात्रा और किस्म का ध्यान रखना जरूरीसाथ ही हर दिन सिर्फ एक ही तरह का खाना खाने के बजाय डाइट में अलग-अलग पौष्टिक चीजें शामिल करना बेहतर रहता है. मछली को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है. लेकिन किसी एक खाद्य पदार्थ को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को कोई बीमारी, एलर्जी या खास डाइट संबंधी परेशानी है तो मछली की मात्रा और किस्म तय करने से पहले डॉक्टर या डाइट एक्सपर्ट की सलाह लेना सही रहेगा.

About the Authorआर्यन सेठ

आर्यन सेठ, Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

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Rampur,Uttar Pradesh

First Published :

October 03, 2026, 13:19 IST

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