Bharatpur News: 200 साल पुराना मंदिर अटूट आस्था, यहां से गुजरने वाला हर राहगीर माता के दरबार में झुकाता है शीश

Last Updated:October 28, 2026, 16:05 IST
Bharatpur News: भरतपुर के जसवंत नगर में स्थित करीब 200 साल पुराना चामुंडा माता मंदिर आज भी लोगों की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है. सड़क किनारे स्थित इस मंदिर में राहगीर और वाहन चालक माता के दर्शन कर शीश नवाते हैं खास बात यह है कि नया वाहन खरीदने के बाद भी लोग पूजा-अर्चना और आशीर्वाद लेने यहां पहुंचते हैं.
भरतपुर. राजस्थान में कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं जिनसे लोगों की गहरी आस्था और धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. इन्हीं में से एक है जसवंत नगर स्थित करीब 200 साल पुराना चामुंडा माता मंदिर सड़क किनारे स्थित यह मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां से गुजरने वाले वाहन चालक और राहगीर माता के दर्शन कर शीश नवाना नहीं भूलते, खासकर नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है. भक्त माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं, मंदिर के पुजारी के अनुसार इस प्राचीन मंदिर को वर्षों पहले हटाने का प्रयास किया गया था लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका और काम रुक गया इसके बाद भी मंदिर के प्रति लोगों की आस्था लगातार बनी हुई है.
स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा और विश्वास का प्रतीक भी है. समय के साथ मंदिर से जुड़ी आस्था और अधिक मजबूत हुई है. मंदिर के पुजारी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यहां से गुजरने वाला लगभग हर व्यक्ति माता के सामने माथा टेककर आगे बढ़ता है. सड़क किनारे मंदिर होने के कारण यहां से आने-जाने वाले लोग कुछ पल रुककर माता के दर्शन करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं. मंदिर के प्रति लोगों की श्रद्धा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई वाहन चालक भी अपना सफर जारी रखने से पहले यहां शीश नवाते हैं.
पुजारी के अनुसार जब कोई व्यक्ति नया वाहन खरीदकर लाता है तो वह यहां माता के दरबार में पूजा-अर्चना करने और आशीर्वाद लेने पहुंचता है. लोगों का मानना है कि शुभ कार्य की शुरुआत माता के दर्शन और पूजा के साथ करना मंगलकारी होता है, इसी विश्वास के चलते मंदिर में नए वाहनों की पूजा भी की जाती है. करीब दो शताब्दियों से लोगों की आस्था से जुड़ा जसवंत नगर का यह चामुंडा माता मंदिर आज भी धार्मिक विश्वास और परंपरा की पहचान बना हुआ है. हर दिन यहां श्रद्धालुओं की विशेष आवाजाही देखने को मिलती है और लोग माता के दर्शन कर मानोकामना मांगते है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 28, 2026, 16:05 IST



