Bikaner News: शादी में दुल्हन बनाकर लाए थे, अब दुल्हन बनाकर दी अंतिम विदाई, दूल्हे के वेश में रो पड़ा पति

Last Updated:September 25, 2026, 17:11 IST
Unique Last Farewell: बीकानेर में 42 साल के वैवाहिक जीवन के बाद पत्नी अमिता जोशी के निधन पर पति राजेंद्र प्रसाद जोशी ने उन्हें दुल्हन की तरह सजाकर अंतिम विदाई दी. खुद दूल्हे के वेश में वे अंतिम यात्रा में शामिल हुए. गाजे-बाजे और विदाई गीतों के बीच निकली इस मार्मिक अंतिम यात्रा ने हर किसी की आंखें नम कर दी.
बीकानेर. एक पति ने अपनी पत्नी को जिंदगी की आखिरी विदाई भी उसी तरह देने की कोशिश की, जैसे शादी के दिन उसे दुल्हन बनाकर घर लाया था. पत्नी की अंतिम यात्रा में उसे दुल्हन की तरह सजाया गया और गाजे-बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई. वहीं पति खुद दूल्हे के रूप में तैयार होकर श्मशान पहुंचे और पत्नी को अंतिम विदाई दी. इस भावुक दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई. पति-पत्नी के रिश्ते और वर्षों के साथ को दर्शाता यह अंतिम विदाई का अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
बीकानेर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद जोशी ने अपनी पत्नी अमिता जोशी के निधन पर उन्हें सुहागन के रूप में दुल्हन का श्रृंगार करवाकर अंतिम विदाई दी. स्वयं भी दूल्हे के वेश में तैयार होकर वे शुक्रवार को गंगाशहर स्थित मोक्षधाम पहुंचे और नम आंखों से पत्नी को अंतिम विदाई दी. 42 वर्षों के वैवाहिक जीवन में साथ बिताए सुखद और आत्मीय पलों को याद करते हुए जोशी भावुक हो उठे. इस मार्मिक दृश्य ने अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें भी नम कर दीं.
उनकी अंतिम यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई
राजेन्द्र प्रसाद जोशी की पत्नी अमिता जोशी का 63 वर्ष की आयु में गुरुवार रात निधन हो गया. वे कुछ समय से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थी. शुक्रवार को गंगाशहर में बाफना स्कूल के सामने स्थित गली से उनकी अंतिम यात्रा गाजे-बाजे और रामनाम संकीर्तन के साथ गंगाशहर मोक्षधाम के लिए रवाना हुई. अंतिम यात्रा के दौरान बैंड पार्टी ने विदाई के गीतों की धुनें बजाई. ‘जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो लोग, फिर नहीं आते’ और ‘अभी ना जाओ छोड़कर, दिल अभी भरा नहीं’ जैसे गीतों के मुखड़े माहौल को बेहद भावुक बना रहे थे. घर से श्मशान तक रास्ते में लोगों ने इस अनूठी अंतिम विदाई को देखा और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी. जोशी स्वयं दूल्हे के वेश में पत्नी की अंतिम यात्रा में शामिल हुए, उनका कहना था कि अमिता के साथ बिताए 42 वर्ष उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और यादगार वर्षों में रहे.
श्रीनगर, उत्तराखंड की रहने वाली अमिता जोशी 18 फरवरी 1984 को विवाह के बाद बीकानेर आई थी. जोशी ने बताया कि उन्होंने करीब 42 वर्षों तक धर्मपरायण और श्रेष्ठ पत्नी के रूप में पारिवारिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया, उनका हंसमुख और मिलनसार स्वभाव हर किसी को अपना बना लेता था. अमिता जोशी अपने पीछे दो पुत्र, दो पौत्र और एक पौत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं. राजेन्द्र प्रसाद जोशी ने कहा कि उनके साथ बिताए पलों और उनकी आत्मीय यादों को भुला पाना आसान नहीं होगा. पत्नी के निधन के बाद परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है. पूर्व सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी अमर सिंह चौहान, स्वतंत्र पत्रकार रतन सिंह रघुवंशी सहित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व कार्मिकों, आस-पड़ोस के लोगों और रिश्तेदारों ने राजेन्द्र प्रसाद जोशी को ढांढस बंधाया. सभी ने दिवंगत अमिता जोशी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bikaner,Rajasthan
First Published :
September 25, 2026, 17:11 IST



