Dharohar: 162 साल बाद भी बरकरार है अजमेर की इस धरोहर का जादू, प्राकृतिक रंगों से सजी बेमिसाल नक्काशी

Last Updated:October 25, 2026, 14:23 IST
Dharohar: अजमेर की 162 साल पुरानी सोनी जी की नसियां आज भी अपनी बारीक नक्काशी और पारंपरिक शिल्पकला के लिए खास पहचान रखती है. अरारोट, गोंद, गुड़, मिश्री जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार रंग और बेल्जियम के कांच इसकी खूबसूरती को खास बनाते हैं. इस ऐतिहासिक धरोहर का मूल स्वरूप आज भी सुरक्षित है.
अजमेर. राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरों में पारंपरिक शिल्पकला का अपना अलग महत्व है, अजमेर जिले में स्थित 162 साल पुरानी सोनी जी की पुरानी नक्काशी, अपने मूल स्वरूप, बारीक कारीगरी और प्राकृतिक रंगों के लिए खास पहचान रखती है. इस नसियां का निर्माण सेठ मूलचंद जी सोनी द्वारा कराया था. नसियां की देखरेख से जुड़े सदस्य प्रदीप जैन बताते हैं कि इतने लंबे समय के बाद भी इसकी मूल संरचना को सुरक्षित रखा गया है.
खास बात यह है कि पुराने निर्माण की बनावट और मूल ढांचे के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है. जिस स्वरूप में इसे तैयार किया गया था उसी ऐतिहासिक स्वरूप को आज भी कायम रखा गया है. यह नक्काशी उस दौर के कारीगरों की मेहनत, हुनर और कलात्मक समझ को दर्शाती है. इसकी बारीकियों में उस समय की पारंपरिक निर्माण शैली और शिल्पकला की झलक साफ दिखाई देती है.
अरारोट, गोंद, गुड़ और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए रंगप्रदीप जैन आगे बताते हैं कि इस ऐतिहासिक नक्काशी की एक और खासियत इसमें इस्तेमाल किए गए प्राकृतिक रंग हैं. नक्काशी पर रंगों का काम देखते समय इसकी पारंपरिक रंग निर्माण पद्धति का महत्व सामने आता है. जैन बताते हैं कि इसमें रंग तैयार करने के लिए अरारोट, गोंद, गुड़, शक्कर, मिश्री, पुदीना, धनिया और मेथी जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया. नसियां में उस दौर में उपलब्ध पारंपरिक वस्तुओं से रंग तैयार करने की यह विधि कारीगरों के अनुभव और उनके पारंपरिक ज्ञान को दर्शाती है.
बेल्जियम के कांच बढ़ाते हैं खूबसूरतीसोनी जी की नसियां की गई नक्काशी में लगे बेल्जियम कांच भी इसकी खास पहचान हैं. बारीक नक्काशी, पारंपरिक रंगों और बेल्जियम कांच का मेल इस कलाकृति को अलग रूप प्रदान करता है. 162 साल पुरानी इस विरासत में निर्माण शैली से लेकर सजावट तक कई ऐसी विशेषताएं हैं, जो उस समय की कलात्मक समृद्धि को सामने लाती हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Ajmer,Rajasthan
First Published :
October 25, 2026, 14:23 IST



