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BRICS Summit में भी छाया बिहार का सत्तू, जानिए क्यों इसे कहा जाता है देसी सुपरफूड

Last Updated:September 12, 2026, 15:11 IST

Sattu Health Benefits: एक समय केवल गांवों और छोटे शहरों तक सीमित माना जाने वाला सत्तू आज वैश्विक मंच तक पहुंच चुका है. BRICS Summit 2026 की मीडिया किट में इसे शामिल किया गया है. लेकिन ये सिर्फ एक राज्य की पहचान नहीं बल्कि सेहत के लिए भी सुपरफूड की तरह जाना जाता है. यहां जानिए सत्तू के फायदे.

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Sattu Khane Ke Fayde: नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान दुनिया भर से आए पत्रकारों और प्रतिनिधियों के लिए तैयार की गई विशेष मीडिया किट में बिहार के सत्तू और मखाने को शामिल किया गया. विदेश मंत्रालय की इस पहल का उद्देश्य भारत की विविध खाद्य परंपराओं और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच देना है. सत्तू लंबे समय से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के खानपान का अहम हिस्सा रहा है.

सत्तू को भुने हुए चने या अन्य अनाजों को पीसकर तैयार किया जाता है. इसे तैयार करने से लेकर खाने तक का पूरा प्रोसेस काफी आसान और किफायती होता है. इतना ही नहीं पोषण से भरपूर होने के कारण इसे “देसी सुपरफूड” भी कहा जाता है. गर्मियों के मौसम में खासतौर पर सत्तू का शरबत डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है. जबकि डेली खाने के लिए भोजन में सत्तू का पराठा और लिट्टी शामिल करना काफी लोकप्रिय हैं.

क्यों खास है सत्तू?सत्तू में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे लंबे समय तक पेट भरा रखने वाला और ऊर्जा देने वाला भोजन माना जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि ये लंबे समय तक खराब नहीं होता है, जिससे आप इसे कभी भी खा सकते हैं. इसके अलावा फाइबर की मौजूदगी पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, जबकि प्रोटीन मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है.

सत्तू के सेवन के फायदेशरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद कर सकता है.फाइबर के कारण पेट देर तक भरा हुआ महसूस हो सकता है.पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है.गर्म मौसम में सत्तू का शरबत शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है.

कैसे करें सेवन?सत्तू को पानी, नींबू और मसालों के साथ घोलकर पिया जा सकता है. इसके अलावा सत्तू के पराठे, लिट्टी, पेय पदार्थ और कई पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं. हालांकि मधुमेह, किडनी रोग या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए.

About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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New Delhi,Delhi

First Published :

September 12, 2026, 15:11 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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