Rajasthan

लापरवाही पड़ सकती है भारी! अस्थमा से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स, डॉक्टरों की चेतावनी

Last Updated:May 05, 2026, 07:02 IST

World Asthma Day 2026: विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर डॉक्टरों ने बढ़ते प्रदूषण को अस्थमा के मामलों में तेजी से बढ़ने का बड़ा कारण बताया है. हवा में मौजूद धूल, धुआं और हानिकारक कण सांस की बीमारियों को बढ़ा रहे हैं. अस्थमा के अनुसार अस्थमा से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल, साफ वातावरण में रहना और नियमित दवाओं का सेवन जरूरी है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. समय पर जांच और सही इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है.

ख़बरें फटाफट

World Asthma Day: विश्व अस्थमा दिवस प्रतिवर्ष मई महीने के पहले मंगलवार को पूरे विश्व में मनाया जाता है. इस वर्ष यह 5 मई को भारत सहित कई देशों में मनाया जा रहा है. देश में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वहीं, खैरथल-तिजारा जिले की बात करें तो भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में करीब 5000 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनके चलते यहां की हवा अक्सर प्रदूषित रहती है. कई बार तो भिवाड़ी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रेड जोन तक पहुंच जाता है. अस्थमा दिवस मनाने का उद्देश्य सिर्फ लोगों को अस्थमा जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना और इसके सही उपचार व बचाव के उपायों की जानकारी देना है.

खैरथल-तिजारा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविन्द गेट ने बताया कि जिले में अस्थमा रोगियों का सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ प्रतिशत लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं और उनका उपचार विभिन्न सरकारी अस्पतालों में चल रहा है. उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी, चौपानकी, टपूकड़ा और खुशखेरा सहित आसपास के इलाकों में अस्थमा के मरीज अधिक देखने को मिलते हैं.

धूल-मिट्टी, प्रदूषण और एलर्जी शामिलइन मरीजों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित जांच और उपचार किया जा रहा है. डॉ. गेट ने बताया कि अस्थमा एक दीर्घकालिक बीमारी है, जिसमें सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न, खांसी और घरघराहट जैसी समस्याएं होती हैं. इसके प्रमुख कारणों में बदलता मौसम, धूल-मिट्टी, प्रदूषण और एलर्जी शामिल हैं.

समय-समय पर लोगों को जागरूक करतेभिवाड़ी सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित इकाइयों से निकलने वाला धुआं वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है, जिससे लोगों में अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें, ताकि प्रदूषण के कण नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश न कर सकें. चिकित्सक समय-समय पर लोगों को इस बारे में जागरूक भी करते हैं. डॉक्टरों के अनुसार, अस्थमा की समय पर पहचान और नियमित इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है.

स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दीभिवाड़ी के जिला अस्पताल में इनहेलर की सुविधा उपलब्ध है. इनहेलर का सही उपयोग, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन और ट्रिगर कारकों से बचाव बेहद जरूरी है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को धूम्रपान से दूर रहने, स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी जाती है.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Alwar,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj