CJI Surya Kant on Rajasthan High Court Controversy। मीडिया ट्रायल से तय नहीं होती जजों की शिकायतें… राजस्थान HC विवाद पर सीजेआई

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मीडिया ट्रायल से तय नहीं होती जजों की शिकायतें… राजस्थान HC विवाद पर सीजेआई
Last Updated:August 26, 2026, 23:50 IST
CJI Surya Kant on Rajasthan High Court Controversy: राजस्थान हाईकोर्ट विवाद और जजों की शिकायत प्रक्रिया पर CJI सूर्यकांत ने स्थिति साफ की है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जजों के खिलाफ शिकायतों का फैसला मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर नहीं बल्कि संस्थागत प्रक्रिया के तहत होगा. केवल आरोप लगना दोषी होने का प्रमाण नहीं है और संबंधित जज को पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाएगा. साथ ही, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम देश के हाईकोर्ट्स में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति पर काम कर रहा है.सीजेआई सूर्यकांत ने खुलकर अपनी बात कही.
न्यायपालिका की गरिमा और उसकी आंतरिक व्यवस्था को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत के शीर्ष स्तर से एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश सामने आया है. राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़े हालिया विवाद और जस्टिस संदीप मेहता द्वारा लिखे गए पत्रों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने अपना आधिकारिक रुख साफ कर दिया है. देश के मुख्य न्यायाधीश ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया कि जजों के खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत या आरोपों का निपटारा मीडिया में चलने वाली बहस, दावों या सार्वजनिक बयानों के आधार पर नहीं हो सकता. न्यायपालिका एक संवैधानिक संस्था है और इसके भीतर उठने वाले हर मामले का निस्तारण केवल स्थापित संस्थागत प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा.
आरोप लगना अपने आप में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं: CJIसीजेआई सूर्यकांत ने इस विवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों की सामग्री को किसी सार्वजनिक मंच पर तय नहीं किया जा सकता. किसी भी जज के खिलाफ अगर आरोप लगते हैं तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे दोषी साबित हो गए हैं. CJI ने जोर देकर कहा कि संबंधित जज को अपना पक्ष रखने का पूरा, पारदर्शी और निष्पक्ष अवसर दिया जाना बेहद जरूरी है. बिना सुनवाई और बिना पर्याप्त साक्ष्यों के किसी भी जज के खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ होगा.
शिकायत और जवाब की होगी निष्पक्ष जांचविवाद की जांच प्रक्रिया पर रोशनी डालते हुए मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि इस पूरे मामले को उचित और सक्षम स्तर पर देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में जस्टिस संदीप मेहता द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री और जस्टिस शर्मा द्वारा दिए गए जवाब दोनों का गहनता से अध्ययन किया जाएगा. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पद पर बने रहने, उनके संभावित तबादले या किसी भी अन्य प्रशासनिक कार्रवाई का फैसला केवल ट्रांसफर अथॉरिटी द्वारा ही लिया जाएगा. सभी दस्तावेजों और जवाबों की निष्पक्ष जांच करने के बाद ही कोई प्रशासनिक कदम उठाया जाएगा.
हाईकोर्ट्स में चीफ जस्टिस की नियुक्ति पर काम कर रहा कॉलेजियमइसके साथ ही CJI सूर्यकांत ने देश के बाकी हाईकोर्ट्स में चीफ जस्टिस की खाली जगहों और नियुक्तियों को लेकर भी अहम जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम देश के विभिन्न हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर पहले से ही तेजी से काम कर रहा है. जस्टिस मेहता की ओर से पत्रों में उठाई गई चिंताओं और प्रशासनिक मुद्दों का भी कॉलेजियम ने उचित संज्ञान लिया है. CJI के इस बयान से साफ है कि संस्थागत निर्णयों में किसी भी बाहरी दबाव या मीडिया रिपोर्ट्स का प्रभाव नहीं होगा.
सवाल-जवाबराजस्थान हाईकोर्ट विवाद पर CJI सूर्यकांत ने क्या मुख्य बात कही?CJI सूर्यकांत ने कहा कि जजों के खिलाफ शिकायतों का फैसला मीडिया दावों से नहीं, बल्कि संस्थागत प्रक्रिया और निष्पक्ष जांच के तहत होता है.
क्या आरोपों के आधार पर सीधे किसी जज पर कार्रवाई होगी?नहीं, CJI ने स्पष्ट किया कि केवल आरोप लगना अंतिम निष्कर्ष नहीं है और संबंधित जज को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा.
हाईकोर्ट्स में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर CJI ने क्या अपडेट दिया?CJI ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम देश के विभिन्न हाईकोर्ट्स में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति पर काम कर रहा है.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
August 26, 2026, 23:50 IST



