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मौत के 11 महीने बाद कागजों में ‘जिंदा’ हुआ शख्स, कोर्ट में गवाही देने आ गए गवाह, बड़ी साजिश का पर्दाफाश

Last Updated:April 16, 2026, 16:42 IST

Churu News : चूरू की कोतवाली पुलिस ने फर्जी वसीयत के आधार पर पैतृक जमीन हड़पने के बड़े मामले का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरेापियों गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने इस जमीन को हड़पने के लिए मर चुके इंसान को कागजों में जिंदा कर दिया. उसके बाद झूठे गवाहों को कोर्ट में खड़ा करके उनके सहारे जमीन पर कब्जा कर लिया. पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है.मौत के 11 महीने बाद कागजों में ‘जिंदा’ हुआ शख्स, गवाही देने आ गए गवाहZoomचूरू पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अन्य की तलाश की जा रही है.

चूरू. चूरू की कोतवाली पुलिस ने फर्जी वसीयत से पैतृक जमीन हड़पने के मामले में कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने मृत व्यक्ति को कागजों में जिंदा दिखाकर उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार करवा ली. उसके बाद कोर्ट में झूठे गवाह पेश कर दिए. आरोपियों ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद मृत व्यक्ति की जमीन पर कब्जा कर लिया. पुलिस ने इस संबंध में दर्ज हुए केस के बाद लंबी जांच पड़ताल कर आरोपियों को दबोचा है. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है.

कोतवाली थाना के एएसआई राजू सिंह ने बताया कि 11 अगस्त 2024 को झुंझुनूं जिले के महनसर निवासी विक्रम सिंह ने कोतवाली थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज करवाया था. उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनके परिवार की पैतृक कृषि भूमि का कभी कानूनी बंटवारा नहीं हुआ था. इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से साजिश रचकर उनके परिवार की जमीन हड़प ली. केस दर्ज होने के बाद पूरे मामले की गहनता से जांच की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.

आरोपियों ने कोर्ट में खड़े किए झूठे गवाह जांच में पता चला कि गिरधारी सिंह नाम के शख्स की मृत्यु 5 जुलाई 2006 को मौत हो चुकी थी. इसके बावजूद आरोपियों ने उसकी मौत के करीब 11 महीने बाद उसके नाम से फर्जी वसीयत तैयार कर ली. इस वसीयत को असली बताकर कोर्ट में पेश किया गया. मामले को मजबूत दिखाने के लिए झूठे गवाह खड़े किए गए. उन्होंने कोर्ट में गलत बयान दिए और फर्जी दस्तावेजों को सही साबित करने की कोशिश की.

अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही हैआरोपियों ने फर्जी बंटवारा पत्र और अन्य कागजात भी तैयार कर कोर्ट से अपने पक्ष में डिग्री हासिल कर ली. बाद में राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली. पुलिस ने इस मामले में महनसर निवासी सुधीर कुमार (45) और गजेन्द्र सिंह (70) को गिरफ्तार किया है. दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि इस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें

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Churu,Churu,Rajasthan

First Published :

April 16, 2026, 16:42 IST

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