विराट कोहली की तरह सुबह की शुरुआत करने से पहले समझें ये बात, हर किसी के लिए एक जैसा नहीं होता हेल्दी रूटीन

Virat Kohli Diet: सुबह जल्दी उठना, खाली पेट कुछ पीना और फिर वर्कआउट करना आज कई लोगों के लिए फिटनेस रूटीन का हिस्सा बन गया है. सोशल मीडिया पर जब किसी सेलिब्रिटी की फिटनेस आदतें सामने आती हैं तो उन्हें देखकर अपना रूटीन बदलने का मन भी करता है. विराट कोहली की फिटनेस और खानपान को लेकर भी अक्सर ऐसी चर्चा होती है. वह लंबे समय से अपने खानपान और ट्रेनिंग में अनुशासन को महत्व देने की बात करते रहे हैं, लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है.
किसी खिलाड़ी की दिनचर्या देखकर उसे ज्यों का त्यों अपनाना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकता. शरीर की जरूरत, काम का समय, नींद, उम्र और रोज की शारीरिक गतिविधि अलग होती है. इसलिए रूटीन की नकल करने के बजाय उसके पीछे की सोच समझना ज्यादा काम आता है.
विराट कोहली की फिटनेस से क्या सीख सकते हैं
विराट कोहली ने अलग-अलग इंटरव्यू में अपनी फिटनेस और खानपान को लेकर अनुशासन की बात की है. 2024 में उनके खानपान पर आई एक रिपोर्ट में भी बताया गया कि वह भोजन के स्वाद से ज्यादा उसकी पोषण संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने की बात करते हैं. उनकी फिटनेस यात्रा से सबसे बड़ी सीख यह मिलती है कि किसी भी रूटीन में नियमितता महत्वपूर्ण है, लेकिन नियमितता का मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति रोज घंटों जिम में बिताए या अपने खाने को बिल्कुल वैसा ही कर ले. एक क्रिकेटर की ट्रेनिंग और आम व्यक्ति की रोजमर्रा की जरूरतों में काफी अंतर हो सकता है.
सुबह का रूटीन आपकी जिंदगी के हिसाब से होना चाहिए
अगर कोई व्यक्ति सुबह 5 बजे उठकर एक्सरसाइज करता है लेकिन रात को देर तक जागता है तो सिर्फ जल्दी उठने की आदत से फायदा नहीं मिलेगा. वहीं किसी की नौकरी, घर की जिम्मेदारियां या नींद का पैटर्न ऐसा हो सकता है कि उसके लिए सुबह की बजाय शाम को एक्सरसाइज करना ज्यादा आसान हो. इसलिए हेल्दी रूटीन बनाते समय सबसे पहले यह देखना चाहिए कि वह लंबे समय तक निभाया जा सके. 20 से 30 मिनट की नियमित वॉक, हल्की एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग भी किसी व्यक्ति के लिए व्यावहारिक शुरुआत हो सकती है.
डाइट में भी कॉपी-पेस्ट वाला फॉर्मूला काम नहीं करता
विराट कोहली अपने खानपान को लेकर काफी अनुशासित रहे हैं. एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने अपने भोजन में अंडे, सब्जियां, फल और प्रोटीन वाले विकल्पों के बारे में बताया था. बाद के वर्षों में उनके खानपान में बदलाव भी सामने आया है. इससे यह समझना जरूरी है कि खुद को फिट रखने के लिए किसी सेलिब्रिटी की पूरी डाइट कॉपी करना जरूरी नहीं है. किसी व्यक्ति की कैलोरी जरूरत, शारीरिक गतिविधि और भोजन की पसंद अलग हो सकती है. भारतीय घरों में दाल, सब्जियां, फल, दही, पनीर, अनाज और दूसरे पौष्टिक विकल्पों से संतुलित भोजन तैयार किया जा सकता है.
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हेल्दी रूटीन का मतलब सिर्फ जिम नहीं
कई लोग फिटनेस को केवल वर्कआउट से जोड़कर देखते हैं. असल में रोज की गतिविधि, पर्याप्त आराम और संतुलित खानपान भी दिनचर्या का हिस्सा हैं. विराट कोहली ने भी फिटनेस के संदर्भ में शरीर को समझने और अपने लिए सही संतुलन खोजने की बात कही है. उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति दिनभर बैठकर काम करता है तो उसके लिए हर दिन थोड़ी वॉक और बीच-बीच में उठकर चलना उपयोगी आदत हो सकती है. वहीं किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत अलग होगी जो पहले से काफी शारीरिक काम करता है.
अपने लिए रूटीन बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
सबसे पहले अपनी नींद और रोज के शेड्यूल को देखें. उसके बाद ऐसा वर्कआउट चुनें जिसे बिना ज्यादा दबाव के नियमित किया जा सके. खाने में भी अचानक बहुत सारे नियम लगाने के बजाय धीरे-धीरे बेहतर विकल्प शामिल करना आसान रहता है.



