यशोदा-कृष्ण से मां-बेटी तक… मेहंदी की कलाकारी में दिखी रिश्तों की गहराई, मदर्स दे पर छाए अनोखे डिजाइन

Last Updated:May 10, 2026, 07:32 IST
Mother’s Day Mehndi Design: मातृत्व दिवस के अवसर पर मेहंदी कलाकारों ने अपनी कला के जरिए मां और बच्चे के रिश्ते की खूबसूरती को अनोखे अंदाज में पेश किया. इस बार मेहंदी डिजाइनों में यशोदा-कृष्ण, मां-बेटी के प्यार और ममता से जुड़े भावनात्मक चित्र विशेष आकर्षण का केंद्र बने. हथेलियों पर उकेरी गई इन कलाकृतियों ने न सिर्फ परंपरा को जीवंत किया, बल्कि मातृत्व की भावनाओं को भी खूबसूरती से दर्शाया. कई महिलाओं और युवतियों ने मदर्स डे पर खास थीम वाली मेहंदी लगवाकर अपनी मां के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया. सोशल मीडिया पर भी इन अनोखे डिजाइनों की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. कलाकारों का कहना है कि मेहंदी केवल सजावट नहीं, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम भी बन चुकी है.
मातृत्व दिवस के खास अवसर पर सूरसागर राजबाग क्षेत्र की प्रसिद्ध थीम मेहंदी कलाकार रेणु भदरार ने अपनी अनोखी कला के जरिए मां के प्रेम, वात्सल्य और भावनाओं को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया.उनकी बनाई गई विशेष थीम मेहंदी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही और जिसने भी इसे देखा, वह भावुक हुए बिना नहीं रह सका.
मेहंदी की इस अनूठी रचना में एक हाथ पर बाल गोपाल श्रीकृष्ण और माता यशोदा के स्नेहपूर्ण रिश्ते को कलात्मक अंदाज में उकेरा गया। इसके साथ प्रसिद्ध पंक्तियां तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है, प्यारी-प्यारी है ओ मां… को भी बेहद सुंदर तरीके से सजाया गया, जिसने मां और बच्चे के अटूट रिश्ते को जीवंत कर दिया.
पूरी थीम मेहंदी में सिर्फ डिजाइन ही नहीं बल्कि भावनाएं भी साफ दिखाई दे रही थीं. मां के प्यार और देखभाल को मेहंदी के जरिए जिस तरह दर्शाया गया, उसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया. कई महिलाएं इस थीम के साथ तस्वीरें खिंचवाती भी नजर आईं.
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यह खास थीम मेहंदी कविता गहलोत के हाथों पर सजाई गई. मेहंदी में बनी आकृतियां और लिखे गए शब्द मां और संतान के रिश्ते की गहराई को साफ तौर पर दिखा रहे थे.इसे देखने वाले लोग कलाकार की कल्पना और मेहनत की जमकर तारीफ करते नजर आए.
मातृत्व दिवस पर तैयार की गई यह अनोखी थीम मेहंदी सिर्फ कला नहीं बल्कि मां के प्रति सम्मान और प्रेम का संदेश भी बन गई. कलाकार रेणु भदरार की इस प्रस्तुति ने हर किसी के दिल को छू लिया और लोगों ने इसे मातृत्व दिवस की बेहद खास और यादगार प्रस्तुति बताया.
इस थीम मेहंदी में युवा लेखिका सुरभि खींची की भावनात्मक कविता को भी शामिल किया गया। कविता की पंक्तियां मां मेरे चेहरे की पाठशाला है, मेरी आंखें देखकर ही मेरा मन पढ़ लेती है. को मेहंदी में बेहद सुंदर ढंग से उकेरा गया, जिसने कला को और ज्यादा भावुक बना दिया..
दूसरे हाथ में मां और बेटी के भावपूर्ण चित्र को मेहंदी कला के जरिए विशेष रूप से दर्शाया गया. साथ ही मेरी प्यारी मां शब्दों को आकर्षक शैली में उकेरा गया, जिसने हर किसी को अपनी मां की याद दिला दी.यह डिजाइन मातृत्व के स्नेह, अपनत्व और ममता का सुंदर प्रतीक बनकर सामने आया.
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