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कोडरमा में फलों से लदा बड़हर का पेड़ बना आकर्षण, कटहल जैसी सब्जी, खट्टा-मीठा स्वाद, अचार भी खास, त्वचा के लिए फायदेमंद

Last Updated:June 26, 2026, 21:28 IST

Badhar Tree: जिले के ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला बड़हर का पेड़ इन दिनों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. आमतौर पर यह पेड़ गांवों के बगीचों, जंगलों और खेतों की मेड़ों पर देखने को मिलता है. मई-जून के महीने में इस पेड़ में फल लगने शुरू हो जाते हैं और अब कोडरमा के अड्डी बांग्ला रोड पर स्थित एक बड़हर का पेड़ कच्चे और पके फलों से लदा हुआ है. इसकी अनोखी बनावट और रंग लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. इसका स्वाद भी लाजवाब होता है.

पेड़ की देखभाल करने वाली सपना कुमारी बताती हैं कि बड़हर का फल कई तरह से उपयोग किया जाता है. जब फल कच्चा होता है, तो उसकी स्वादिष्ट सब्जी बनाई जाती है. जबकि इसका अचार भी काफी पसंद किया जाता है.

अचार बनाने की विधि लगभग आम के अचार जैसी ही होती है, जिसमें सरसों का तेल और विभिन्न मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, जब यह फल पूरी तरह पक जाता है, तो लोग इसे सीधे फल के रूप में खाते हैं. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है.

उन्होंने बताया कि बड़हर की सब्जी का स्वाद काफी हद तक कटहल की सब्जी से मिलता-जुलता है. बड़हर का फल केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि पोषण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसमें आयरन और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं,

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जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मददगार होते हैं. इसके अलावा यह पाचन तंत्र और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. उन्होंने बताया कि बड़हर का फल मुख्य रूप से गोल या थोड़ा बेडौल आकार का होता है. कच्ची अवस्था में इसका रंग गहरा हरा होता है.

जबकि पकने पर यह पीले या सुनहरे रंग का दिखाई देता है. इसके आकर्षक रंग और अनोखे स्वाद के कारण यह ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है. कोडरमा में अब बड़हर के पेड़ बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलते हैं.

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