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Gardening Tips: महंगे फर्टिलाइजर भूल जाइए, घर पर नीम-लहसुन और गुड़ से बनाएं देसी फर्टिलाइजर, पौधे रहेंगे हरे-भरे

Last Updated:September 13, 2026, 07:05 IST

Kitchen Gardening Tips: किचन गार्डन के पौधों को हरा-भरा रखने के लिए हर बार महंगे फर्टिलाइजर खरीदना जरूरी नहीं है. घर में मौजूद नीम, लहसुन और गुड़ से देसी जैविक घोल तैयार किया जा सकता है. नीम की पत्तियों और लहसुन को पीसकर पानी में मिलाएं और इसमें थोड़ा गुड़ डालकर कुछ समय के लिए ढककर रखें. इस्तेमाल से पहले घोल को छान लें और पौधों की जड़ों के आसपास थोड़ी मात्रा में डालें. सुबह या शाम इसका इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. हालांकि, यह किसी बीमारी या कीट प्रकोप का पक्का इलाज नहीं है. पहली बार इस्तेमाल करते समय कम मात्रा में घोल डालकर पौधे की प्रतिक्रिया देखनी चाहिए. अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और जरूरत के मुताबिक पानी के साथ यह घरेलू उपाय पौधों की सामान्य देखभाल में मदद कर सकता है.

घर के किचन गार्डन में पौधों को हरा-भरा और स्वस्थ रखने के लिए महंगे फर्टिलाइजर खरीदना जरूरी नहीं है. घर में मौजूद कुछ चीजों से आसानी से देसी फर्टिलाइजर तैयार किया जा सकता है. नीम, लहसुन और गुड़ से बनाया गया घोल पौधों की देखभाल में मददगार हो सकता है. इसे पौधों में डालने से मिट्टी को जैविक पोषक तत्व मिलते हैं और पौधों की सामान्य बढ़त में मदद मिल सकती है.

इसे बनाने के लिए नीम की कुछ पत्तियां, लहसुन की कुछ कलियां और थोड़ा सा गुड़ लें. नीम की पत्तियों और लहसुन को अच्छी तरह पीसकर पानी में मिला दें. अब इसमें गुड़ डालकर मिश्रण को कुछ समय के लिए ढककर रख दें. तैयार घोल को इस्तेमाल करने से पहले छान लेना बेहतर रहता है ताकि पत्तियों या मिट्टी में बड़े टुकड़े न जाएं.

इस देसी घोल का इस्तेमाल पौधों की जड़ों के आसपास मिट्टी में थोड़ी मात्रा में किया जा सकता है. इसे सीधे तेज धूप में पौधों की पत्तियों पर डालने के बजाय सुबह या शाम इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. खासकर सब्जियों, फूलों और घर में लगे छोटे पौधों की देखभाल में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पौधों के ग्रोथ में मददगार साबित होता है.

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नीम और लहसुन का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पौधों की देखभाल में किया जाता रहा है. हालांकि, यह किसी बीमारी या कीट के प्रकोप का पक्का इलाज नहीं है. पहली बार इस्तेमाल करते समय कम मात्रा में घोल डालकर पौधे की प्रतिक्रिया देखना जरूरी है. बहुत ज्यादा या गाढ़ा घोल पौधों को नुकसान भी पहुंचा सकता है. इसलिए संतुलित मात्रा में घोल का उपयोग करना बेहतर रहता है.

अगर आप घर में टमाटर, मिर्च, धनिया, पालक जैसी सब्जियां उगा रहे हैं तो इस तरह के घरेलू जैविक घोल को पौधों की नियमित देखभाल का हिस्सा बनाया जा सकता है. साथ ही अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और जरूरत के अनुसार पानी देना भी जरूरी है. सही देखभाल के साथ किचन गार्डन के पौधों को स्वस्थ और हरा-भरा रखा जा सकता है.

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September 13, 2026, 07:05 IST

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