Gardening Tips: मिट्टी के बिना कैसे उगते हैं पौधे? हाइड्रोपोनिक गार्डनिंग का ये आसान तरीका कर देगा हैरान

Last Updated:August 19, 2026, 09:33 IST
Hydroponic Gardening at Home: बिना मिट्टी के पानी और पोषक तत्वों की मदद से पौधे उगाने की तकनीक को हाइड्रोपोनिक गार्डनिंग कहते हैं. बड़े शहरों में फ्लैट और बालकनी में रहने वाले लोगों के लिए यह गार्डनिंग का सबसे आसान जरिया है. घर पर पीवीसी प्लास्टिक पाइप, पानी की मोटर और न्यूट्रिएंट्स की मदद से छोटा सेटअप तैयार किया जा सकता है. इसमें पालक, धनिया, पुदीना और लेट्यूस जैसी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं. कम जगह और कम मेहनत में घर की छत या बालकनी पर ताजी सब्जियां उगाने का यह बेहतरीन तरीका है.
भीलवाड़ा. क्या आपने कभी सोचा है कि बिना मिट्टी के भी पौधे उगाए जा सकते हैं. जी हां, हाइड्रोपोनिक गार्डनिंग की मदद से पौधों को मिट्टी के बजाय पानी में जरूरी पोषक तत्व देकर आसानी से उगाया जा सकता है. कम जगह में खेती या बागवानी करने का यह तरीका आज लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. हाइड्रोपोनिक गार्डनिंग में पौधों को उगाने के लिए मिट्टी की जरूरत नहीं होती. इसके लिए प्लास्टिक के पाइप का इस्तेमाल करके घर पर आसानी से छोटा हाइड्रोपोनिक गार्डन तैयार किया जा सकता है. इस तकनीक के जरिए कम जगह में भी हरी सब्जियां और कई तरह के पौधे उगाए जा सकते हैं.
इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले पीवीसी प्लास्टिक पाइप लिया जाता है. इसके बाद पाइप में एक समान दूरी पर छोटे-छोटे गोल छेद किए जाते हैं, ताकि उनमें पौधों के नेट पॉट लगाए जा सकें. पाइप को स्टैंड या किसी मजबूत ढांचे पर इस तरह लगाया जाता है कि उसमें पानी आसानी से एक तरफ से दूसरी तरफ प्रवाहित हो सके.
इसके बाद पाइप के एक सिरे को पानी की टंकी या कंटेनर से जोड़ा जाता है. टंकी में पानी के साथ जरूरी हाइड्रोपोनिक न्यूट्रिएंट्स मिलाए जाते हैं. एक छोटी पानी की मोटर की मदद से पोषक तत्वों से युक्त इस पानी को पाइप में ऊपर भेजा जाता है. पानी पाइप के अंदर बहते हुए पौधों की जड़ों तक पहुंचता है और उन्हें जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराता है. इसके बाद पानी पाइप से होकर वापस टंकी में पहुंच जाता है और इसी प्रक्रिया के जरिए पानी का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है.
Add as Preferred Source on Google
अब पाइप में बनाए गए छेदों में लेट्यूस, पालक, धनिया, पुदीना और अन्य उपयुक्त सब्जियों के छोटे पौधे लगाए जा सकते हैं. पौधों को नेट पॉट में इस तरह रखा जाता है कि उनकी जड़ें पाइप के अंदर बह रहे पोषक पानी तक आसानी से पहुंच सकें. पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त धूप मिलना भी जरूरी है. अगर प्राकृतिक रोशनी पर्याप्त नहीं है, तो उपयुक्त ग्रो लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है.
इस सिस्टम में पानी का स्तर, पोषक तत्वों की मात्रा और पाइप में पानी के प्रवाह की समय-समय पर जांच करते रहना चाहिए. पानी गंदा होने पर उसे बदल देना चाहिए और मोटर के साथ पाइप की भी नियमित सफाई करनी चाहिए. इससे पौधों की जड़ों तक पोषक तत्वों से भरपूर पानी लगातार पहुंचता रहेगा और पौधों की बेहतर बढ़वार में मदद मिलेगी.
प्लास्टिक पाइप से तैयार किया गया यह हाइड्रोपोनिक सिस्टम कम जगह में अधिक पौधे उगाने का अच्छा विकल्प हो सकता है. इसकी शुरुआत छोटे पाइप और कुछ पौधों से आसानी से की जा सकती है. सही तरीके से पानी और पोषक तत्व उपलब्ध कराने पर घर पर ही बिना मिट्टी के ताजी हरी सब्जियां उगाई जा सकती हैं. खासकर बड़े शहरों में फ्लैट में रहने वाले लोग अपनी बालकनी में छोटे स्तर पर इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे घर की छत पर भी लगाया जा सकता है. इस गार्डनिंग सिस्टम में ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती और नियमित देखभाल के साथ इसे आसानी से संचालित किया जा सकता है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
August 19, 2026, 09:28 IST



