हीरोन बनकर हुए फ्लॉप, तो डायरेक्टर बनकर किया कमबैक, पहली ही फिल्म के लिए जीता नेशनल अवॉर्ड

Last Updated:August 06, 2026, 04:01 IST
हम जिस शख्सियत की बात कर रहे हैं, वह अवॉर्ड विनर डायरेक्टर हैं. हालांकि, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर एक्टर की, मगर बुरी तरह फ्लॉप रहे. उनकी उस असफलताओं ने बॉलीवुड को शानदार डायरेक्टर दिया, जिसने सिनेमा को देखने का नजरिया बदल दिया. उन्होंने अपनी फिल्मों से टैलेंटेड एक्टर्स को बड़े ब्रेक दिए. आज 6 अगस्त को मशहूर डायरेक्टर का बर्थडे है. आइए, खास मौके पर उनकी जिंदगी को करीब से जानें.
ख़बरें फटाफट
डायरेक्टर को प्यार से करीबी गट्टू बुलाते हैं. (फोटो साभार: Instagram@gattukapoor)
नई दिल्ली: हम जिस स्टार की बात कर रहे हैं, उनके करीबी प्यार से ‘गट्टू’ कहते हैं. उन्होंने 1996 में ‘उफ ! ये मोहब्बत’ और ‘आशिक मस्ताने’ जैसी फिल्मों में बतौर हीरो काम किया था. हालांकि दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गईं और रातोंरात एक स्टार अभिनेता बनने का उनका सपना टूट हो गया. वे बुरी तरह फ्लॉप हुए, मगर इस असफलता ने भारतीय सिनेमा को असाधारण फिल्ममेकर दिया, जिन्हें करीबी प्यार से उन्हें ‘गट्टू’ बुलाते हैं. हम 6 अगस्त 1971 को मुंबई में जन्मे अभिषेक कपूर की बात कर रहे हैं.
अभिषेक कपूर ने एक निर्देशक के रूप में स्पोर्ट्स ड्रामा ‘आर्यन: अनब्रेकेबल ‘ से कदम रखा था, हालांकि यह फिल्म फ्लॉप रही. उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया, जब वे एक दिन पूल के किनारे बैठकर अपने आईपॉड पर ‘डेव मैथ्यूज और यू2’ का संगीत सुन रहे थे. यहीं उनके दिमाग में एक ऐसे रॉक बैंड की कहानी ने जन्म लिया जिसके गीत अंग्रेजी में नहीं बल्कि हिंदी में हों. यह आइडिया साल 2008 की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘रॉक ऑन’ में तब्दील हुआ. उन्होंने इस फिल्म में अभिनय के लिए पहली बार निर्देशन छोड़कर आए फरहान अख्तर को चुना और अर्जुन रामपाल को एक गंभीर किरदार सौंपा. फिल्म का संगीत शंकर-एहसान-लॉय ने महज पांच दिनों में तैयार किया था. फिल्म ने बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड जीता. अभिषेक कपूर को रातों-रात एक मजबूत निर्देशक और लेखक बना दिया.
(फोटो साभार: Instagram@gattukapoor)
नए एक्टर्स को किया लॉन्चअभिषेक कपूर ने पत्नी प्रज्ञा कपूर के साथ ‘गय इन द स्काई पिक्चर्स’ प्रोडक्शन कंपनी की शुरुआत की, जिसके जरिये वे बेहतरीन और आकर्षक कहानियां बना रहे हैं. चेतन भगत के उपन्यास पर बनी साल 2013 की फिल्म ‘काई पो चे!’ के जरिए सुशांत सिंह राजपूत और राजकुमार राव को बॉलीवुड में लॉन्च किया. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के संगीतकार अमित त्रिवेदी ने जब कुछ ही दिनों में गाने तैयार कर लिए, तो अभिषेक कपूर को शुरू में लगा कि यह ‘कॉपी-पेस्ट’ काम है, हालांकि बाद में वही संगीत फिल्म की जान बना. इसी तरह, उन्होंने साल 2018 की लव स्टोरी ‘केदारनाथ’ में सारा अली खान को लॉन्च किया, जो 2013 की विनाशकारी बाढ़ की बैकग्राउंड पर थी.
‘सपने हिट या फ्लॉप नहीं होते’अभिषेक कपूर की कहानियां केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं. वे सामाजिक मान्यताओं को भी चुनौती देती हैं. साल 2021 में रिलीज हुई ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ पहली ऐसी कमर्शियल फिल्म थी, जिसने एक ट्रांस-वुमन की लव स्टोरी को पर्दे पर दिखाया. अभिषेक कपूर ने अपने पूरे करियर में असफलता को एक बेहतरीन शिक्षक माना है. वे मानते हैं कि आज का सिनेमा बदल रहा है, जहां आर्ट और कमर्शियल सिनेमा के बीच का अंतराल धुंधला हो गया है. उन्होंने पीरियड ड्रामा फिल्म ‘आजाद’ से राशा थडानी और आमन देवगन को लॉन्च किया, बॉक्स ऑफिस पर स्ट्रगल करती दिखी. इसके बावजूद, डायरेक्टर का नजरिया बेहद पॉजिटिव रहा. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक नोट में लिखा था, ‘सपने हिट या फ्लॉप नहीं होते, साकार होते हैं.’ स्वीडिश अभिनेत्री प्रज्ञा यादव से शादी करने वाले अभिषेक कपूर आज दो बच्चों के पिता हैं.
About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
New Delhi,Delhi
First Published :
August 06, 2026, 04:01 IST



