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KMP एक्सप्रेसवे, RRTS कॉरिडोर, अब हाइड्रोजन ट्रेन ने लगाए चार चांद, उड़ने लगेगी इस शहर में प्रॉपर्टी

दिल्ली के पड़ोसी शहर सोनीपत की किस्मत खुल गई है. पहले कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे, फिर आरआरटीएस रैपिड रेल कॉरिडोर बनाने की तैयारी और अब यहां देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के चलने से सोनीपत नई उड़ान भर रहा है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से सोनीपत के लिए देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन ‘नमो ग्रीन रेल’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है. जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर दौड़ने वाली यह ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक का बेजोड़ उदाहरण है. हालांकि इससे भी खास है कि इस ट्रेन के चलने से सोनीपत शहर के विकास में चार-चांद लग गए हैं.

बता दें कि पिछले कुछ समस से सोनीपत एनसीआर का उभरता हुआ लॉजिस्टिक्स और रेजिडेंशियल हब बन गया है. रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोई भी मजबूत ट्रांसपोर्ट सिस्टम किसी शहर के आर्थिक और शहरी विकास की रीढ़ होता है. सोनीपत पहले से ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सबसे पसंदीदा निवेश केंद्रों में से एक है. वहीं अब पानी से चलने वाली ट्रेन के आने से यहां की प्रॉपर्टी को पंख लग गए हैं.

सोनीपत की मजबूती का ये हैं आधार

. शानदार सड़क नेटवर्क: दिल्ली से सीधी और आसान कनेक्टिविटी.
. KMP एक्सप्रेसवे: कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के कारण कमर्शियल गाड़ियों की सुगम आवाजाही.
. प्रस्तावित दिल्ली-पानीपत RRTS: रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम, जो आने वाले समय में कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल देगा.
. ऐसे में अब इस मजबूत नेटवर्क में हाइड्रोजन ट्रेन का जुड़ना सोनीपत के रियल एस्टेट मार्केट के लिए ‘चेरी ऑन द केक’ जैसा है. यह अत्याधुनिक रेल सेवा यहां चल रहे विकास को एक नई रफ्तार देने जा रही है.

न्यूस्टोन के सीईओ रजत बोकोलिया ने हाइड्रोजन ट्रेन ‘नमो ग्रीन रेल’ के शुरू होने को लेकर कहा कि देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन ‘नमो ग्रीन रेल’ भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तो है ही लेकिन सोनीपत के लिए वरदान है. बेहतर कनेक्टिविटी हमेशा किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और रियल एस्टेट विकास की मजबूत नींव होती है. जींद–सोनीपत रेल कॉरिडोर पर इस आधुनिक पहल से न केवल लोगों का आवागमन आसान होगा, बल्कि सोनीपत में निवेश, आवासीय विकास और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है.

वहीं मैपस्को ग्रुप के डायरेक्टर राहुल सिंगला कहते हैं कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सोनीपत कॉरिडोर से जुड़ना इस क्षेत्र के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. बेहतर और आधुनिक कनेक्टिविटी किसी भी शहर के विकास को नई गति देती है और इसका सकारात्मक प्रभाव आवासीय मांग तथा निवेश दोनों पर देखने को मिलता है. सोनीपत में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह पहल आवागमन को अधिक सुविधाजनक और सहज बनाएगी, जिससे वे दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे. हमें विश्वास है कि यह परियोजना सोनीपत को एक उभरते हुए आवासीय और निवेश गंतव्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाते हुए इसके रियल एस्टेट विकास को नई उड़ान देगी.”

प्रॉपर्टी डिमांड और निवेश में उछाल की उम्मीदविशेषज्ञों का कहना है कि लोग हमेशा वहीं आशियाना बनाना या निवेश करना पसंद करते हैं, जहां से काम पर जाना और आना तेज व तनावमुक्त हो. जींद-सोनीपत के बीच इस ट्रेन के चलने से रोजाना नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. जब यात्रा का समय घटेगा, तो सोनीपत में हाउसिंग डिमांड और उनकी कीमतों में सीधा उछाल देखने को मिलेगा.

इसके अलावा, एक मजबूत और आधुनिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क- उद्योगों, वेयरहाउसिंग और सर्विस सेक्टर के विस्तार का रास्ता साफ करता है. स्थानीय अर्थव्यवस्था में आ रही इस तेजी का सीधा फायदा सोनीपत में चल रहे इंटीग्रेटेड टाउनशिप, प्लॉटेड डेवलपमेंट और अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मिलेगा. डेवलपर्स और संस्थागत निवेशकों का भरोसा इस बेल्ट पर और ज्यादा मजबूत होगा.

लॉन्ग-टर्म विजन और भविष्यइस हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत से यह साफ संदेश मिलता है कि सरकार का पूरा ध्यान भविष्य के साफ-सुथरे और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर है. वैश्विक स्तर पर भी ऐसी पर्यावरण-अनुकूल पहल किसी शहर की ब्रांड वैल्यू को बढ़ाती हैं, जिससे विदेशी और बड़े घरेलू निवेशकों के लिए वह जगह निवेश का हॉटस्पॉट बन जाती है.

हालांकि, किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का जमीनी और अंतिम असर दिखने में थोड़ा समय लगता है. यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि स्थानीय स्तर पर नए रोजगार और औद्योगिक निवेश कितनी तेजी से आ रहे हैं.

इसके बावजूद, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का इस रूट पर चलना सोनीपत के स्वर्णिम भविष्य का एक बड़ा और सकारात्मक संकेत है. अगर आने वाले समय में प्रस्तावित RRTS और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी योजनाएं भी समय पर रफ्तार पकड़ती हैं, तो सोनीपत को उत्तर भारत का सबसे बड़ा और मजबूत रियल एस्टेट व निवेश हब बनने से कोई नहीं रोक पाएगा.

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