Health Tips : दिन में गर्मी, रात में ठंड…अंबाला में बदलते मौसम ने बढ़ाई परेशानी, बच्चों को खतरा ज्यादा

Last Updated:October 20, 2026, 16:28 IST
Children Health Tips : दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक वाले मौसम ने मुसीबत बढ़ा दी है. इसकी चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं. खांसी, जुकाम, गले में दर्द और तेज बुखार के मामले बढ़ते जा रहे हैं. अंबाला की होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता लोकल 18 से बताती हैं कि बच्चों में अचानक तेज बुखार, लगातार बदन दर्द, छींक आना, नाक बहना, गले में दर्द और निगलने में परेशानी वायरल संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं. अगर बच्चा बहुत सुस्त हो, सांस लेने में परेशानी हो या पानी की कमी के संकेत दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. सुबह और शाम बच्चों को मौसम के अनुसार पूरे बाजू के कपड़े पहनाएं. पंखे या एसी से निकलकर अचानक गर्म वातावरण में जाने से बचाएं.
अंबाला. मौसम में बदलाव के साथ ही अंबाला शहर में वायरल संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं. दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक के कारण बच्चे खांसी, जुकाम, गले में दर्द और तेज बुखार की चपेट में आ रहे हैं. इसका असर नागरिक अस्पताल से लेकर निजी क्लीनिकों तक की OPD में दिखाई दे रहा है. अस्पताल की बाल रोग OPD में रोजाना 100 से अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं. इनमें करीब 60 बच्चे तेज वायरल बुखार से पीड़ित और दूसरे बच्चों में खांसी, जुकाम, गले में संक्रमण और दस्त जैसी शिकायतें होती हैं. डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव के दौरान बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच बच्चों में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के खानपान, कपड़ों और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए. अगर बच्चे को तेज बुखार, लगातार बदन दर्द, खांसी या गले में परेशानी हो रही है, तो लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें.
न करें ये गलती
अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता लोकल 18 से बताती हैं कि बच्चों में अचानक तेज बुखार, लगातार बदन दर्द, छींक आना, नाक बहना, गले में दर्द और निगलने में परेशानी वायरल संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं. बच्चों का सुस्त रहना, चिड़चिड़ापन, दूध या खाना कम लेना, बार-बार उल्टी होना और पेट खराब होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. अगर बच्चा बहुत सुस्त हो, सांस लेने में परेशानी हो या पानी की कमी के संकेत दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए. बदलते मौसम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायतें बढ़ रही हैं. बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द की समस्या भी देखने को मिल रही है.
डॉ. रजिता कहती हैं कि सर्दियों के कपड़े और गद्दे इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह धूप में रखना चाहिए. भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और खानपान पर ध्यान दें. बाहर के खुले भोजन से परहेज करते हुए घर का ताजा खाना खाएं. हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और सलाद को आहार में शामिल करें. सुबह और शाम बच्चों को मौसम के अनुसार पूरे बाजू के कपड़े पहनाएं. पंखे या एसी से निकलकर अचानक गर्म वातावरण में जाने से बचाएं. बच्चों को स्वच्छ पानी पिलाएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें.
जरूरत के अनुसार सूप और अन्य तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं. बासी, खुले में रखे या अस्वच्छ भोजन से बचें. बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न दें. डॉ. रजिता का कहना है कि तुलसी, अदरक और काली मिर्च वाली चाय भी पी सकते हैं, लेकिन छोटे बच्चों को कोई हर्बल पदार्थ या घरेलू नुस्खा देने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.
About the AuthorPriyanshu Gupta
प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
और पढ़ेंFirst Published :
October 20, 2026, 16:28 IST



