बीकानेर में कांग्रेस को मिली ‘संजीवनी’, बीजेपी फिर भी डटी है मैदान में

Last Updated:September 18, 2026, 17:08 IST
Bikaner Municipal Corporation Mayor Election 2026 : बीकानेर नगर निगम की जंग अब और तेज हो गई है. यहां कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला के साथ ही पार्टी के अन्य पार्षद नवरतन डागा ने मेयर पद के लिए भरा अपना नामांकन वापस ले लिया है. इससे कांग्रेस को राहत मिल गई है लेकिन बीजेपी की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है. अब मेयर पद के लिए बीजेपी और कांग्रेस में सीधा मुकाबला होगा. कांग्रेस के पास यहां बहुमत है. लेकिन बीजेपी का दावा है कि मेयर तो वही बनाएगी. बीकानेर नगर निगम में मेयर पद के लिए विक्ट्री का साइन दिखाते कांग्रेस पार्षद और नेता.
बीकानेर. बीकानेर नगर निगम चुनाव में आज नामांकन वापसी का दिन कांग्रेस के लिए राहत भरा रहा. कांग्रेस से बागी होकर नमांकन करने वाले नवरतन डागा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है. उसके बाद अब मेयर के लिए कांग्रेस और बीजेपी में सीधा मुकाबला होगा. राजस्थान के 10 नगर निगमों में से कांग्रेस को केवल बीकानेर नगर निगम में ही पूर्ण बहुमत मिला है. लेकिन नामांकन के दिन कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल कल्ला के सामने कांग्रेस के ही पार्षद नवरतन डागा ने अपना नामांकन दर्ज कर पार्टी में खलबली मचा दी थी. उससे यह माना जा रहा था कि कांग्रेस में गुटबाजी मेयर के चुनाव में नया गुल खिला सकती है. लेकिन अब इसकी संभावना कम हो गई है. हालांकि बीजेपी फिर भी दावा कर ही है बोर्ड वह ही बनाएगी.
बीकानेर में डागा के नामांकन दाखिल करने के बाद पार्टी ने अपने सभी पार्षदों को साथ रखने के प्रयास शुरू कर दिए थे. पहले नवरतन डागा नहीं माने. आखिरकार कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात के बाद डागा ने आज अपना नामांकन वापस ले लिया. डागा ने कहा कि मैंने अपनी बात को सभी के सामने रखने के लिए नामांकन भरा था. मैं कांग्रेस का सिपाही हूं. जब सभी ने कांग्रेस का उम्मीदवार अनिल कल्ला को चुना है तो मैं भी उनके साथ हूं. मेरी लड़ाई लोकत्रांत्रिक सिस्टम से थी. उसे प्रदेशाध्यक्ष ने भी सराहा है. इसलिए नामांकन वापस लिया है. यहां कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रही बीडी कल्ला के भतीजे हैं.
पूर्व मंत्री कल्ला बोले- मेरे घर से अभी तक को कोई आगे नहीं आया हैवही पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि नवरतन डागा ने पार्टी के समर्थन में नामांकन वापस लिया है. इसके लिए उनका आभार है. परिवारवाद के आरोप पर कल्ला ने कहा कि मुझे राजनीती में 50 साल हो गए. मेरे घर से अभी तक को कोई आगे नहीं आया है. यदि परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़ता है तो इसमें परिवारवाद कहां है. भाजपा में भी कई परिवार चुनाव लड़ते हैं. देहात जिलाध्यक्ष बिसनाराम सिहाग ने कहा कि कांग्रेस एक है और नगर निगम में 50 वोट से कांग्रेस का मेयर बनेगा.
कांग्रेस के पास 42 सीटों के साथ बहुमत है
अब मेयर चुनाव में अब कांग्रेस के अनिल कल्ला और बीजेपी के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच सीधी टक्कर होगी. भाजपा भी वोटों में सेंधमारी के सारे जतन कर रही है. उसे उम्मीद है कि बोर्ड उनका ही बनेगा. नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस के पास 42 सीटों के साथ बहुमत है. बेजेपी ने यहां 27 सीटें जीती हैं. इसके अलावा 10 निर्दलीय और एक आरएलपी के पार्षद है. कांग्रेस का दावा है कि उसके पास बहुमत के आंकड़े से आगे पांच निर्दलीयों का भी समर्थन है.
बीजेपी अभी भी कर रही है मेयर बनाने का दावा
वहीं बीजेपी निर्दलीयों के दम पर और क्रॉस वोटिंग के जरिये चुनाव जीतने का दावा कर रही है. अब 21 सितंबर को मेयर पद के लिए वोटिंग होगी. उसमें तय होगा कि बीकानेर का महापौर कौन होगा. कांग्रेस बहुमत के दम पर अपना मेयर बनाएगी या फिर बीजेपी तोड़फोड़ की राजनीति से अपना मेयर बनाएगी. बीकानेर नगर निगम में बीते दस साल से बीजेपी काबिज है. बीजेपी राजस्थान के 309 निकायों में से 25 में कब्जा जमा चुकी है. भीलवाड़ा और भरतपुर नगर निगम के महापौर के साथ ही बीजेपी ने 23 अन्य निकायों में निर्विरोध अपना कब्जा जमाया है. इनमें सीएम भजनलाल के गृह जिले भरतपुर और इससे सटे डीग जिले में तो सभी निकायों में बीजेपी का कब्जा हो गया. वहां सभी निकाय प्रमुख बीजेपी के बैनर से निर्विरोध चुने गए हैं.About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Bikaner,Bikaner,Rajasthan
First Published :
September 18, 2026, 17:08 IST



