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IMD Weather Alert 22 October | बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर, कल दिखाएगा रौद्र रूप, 50KM की रफ्तार से आंधी-बारिश, 9 राज्यों में IMD का अलर्ट

IMD Weather Update, 22 October 2026: बारिश का मौसम खत्म हो गया है और अब धीरे-धीरे ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है. हालांकि इस बीच बंगाल की खाड़ी में मची हलचल ने एक फिर से देश के 9 राज्यों की टेंशन बढ़ा दी है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की परिस्थितियां तैयार हो रही हैं. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और 24 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला संभावित पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम के लिहाज से अहम रहने वाला है. इस कारण से 22 अक्टूबर को तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना , मध्य प्रदेश , गोवा और महाराष्ट्र में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है. वहीं दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत में फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के थाईलैंड-म्यांमार क्षेत्र में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) 21 अक्टूबर को भी सक्रिय है. इसके उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है. इसी मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने का अनुमान है. इसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और और अधिक तीव्र होने की संभावना जताई गई है.

बंगाल की खाड़ी में बनने वाला यह सिस्टम आने वाले दिनों में टेंशन बढ़ा सकता है, क्योंकि इसकी दिशा और तीव्रता के आधार पर पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मूसलाधान बारिश हो सकती है. इसी सिस्टम के चलते आईएमडी ने 22 अक्टूबर को दक्षिण भारत और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

अरब सागर में भी लो प्रेशर

दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र 21 अक्टूबर की सुबह भी उसी क्षेत्र में बना हुआ है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम 21 अक्टूबर को पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है और 22 अक्टूबर को पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर आगे बढ़ने की संभावना है. फिलहाल इस सिस्टम के कारण भारत के लिए उत्तर-पश्चिम या मध्य हिस्सों में किसी बड़े मौसम बदलाव का संकेत नहीं दिया गया है.

वहीं तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना एक अन्य निम्न दबाव क्षेत्र भी अपनी जगह बना हुआ है. इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर तक फैला है. दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने के पीछे यह सिस्टम भी महत्वपूर्ण है. IMD ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 और 22 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं केरल, माहे और लक्षद्वीप में 21 से 27 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है.

उत्तर भारत में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रीय एक नया पश्चिमी विक्षोभ यहां मौसम को अचानक से बदल सकता है. IMD के अनुसार, 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ होने का अनुमान है. पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र की ओर से आने वाली मौसमी प्रणाली है. इसके असर से कुछ क्षेत्रों में बादल, बारिश या पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है.

फिलहाल IMD ने पूरे सप्ताह उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में किसी महत्वपूर्ण मौसम गतिविधि की संभावना नहीं जताई है. ऐसे में 22 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में व्यापक बारिश या किसी बड़े मौसम अलर्ट के संकेत नहीं हैं. हालांकि, उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है. दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास भी करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऐसा ही परिसंचरण बना हुआ है. इन सिस्टमों की मौजूदगी के बावजूद IMD के मौजूदा पूर्वानुमान में उत्तर भारत के लिए कोई व्यापक बारिश चेतावनी जारी नहीं की गई है.

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार, 22 अक्टूबर को मौसम आम तौर पर साफ रहने का अनुमान है. इसका मतलब है कि फिलहाल दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश की उम्मीद नहीं है. वैसे दिल्ली के आसपास उत्तर हरियाणा में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में एक अन्य परिसंचरण सक्रिय है. आईएमडी के मुताबिक, 24 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ आगे मौसम में बदलाव ला सकता है.

उत्तर प्रदेश में भी स्थिर रहेगा मौसम

उत्तर प्रदेश के लिए IMD के मौसम बुलेटिन में 22 अक्टूबर को भारी बारिश या किसी बड़े मौसम अलर्ट का जिक्र नहीं है. मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मौसम सामान्य रहने की संभावना जताई है. हालांकि प्रदेश के मौसम पर आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि पर नजर रहेगी. IMD ने 24 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ की संभावना जताई है.

बिहार-झारखंड में फिलहाल कोई बड़ा अलर्ट

उधर बिहार और झारखंड में 22 अक्टूबर के लिए दिए गए IMD बुलेटिन में भारी बारिश या गरज-चमक को लेकर कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है. मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ मध्य, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में सप्ताह के दौरान किसी महत्वपूर्ण मौसम गतिविधि की संभावना नहीं जताई है.

दक्षिण भारत में आफत वाली बारिश का अलर्ट

22 अक्टूबर को दक्षिण भारत में भारी बारिश लोगों की मुसीबत बढ़ा सकता है. IMD ने केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.

इस दौरान अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं तटीय कर्नाटक में बिजली गिरने की आशंका है, जबकि आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं. केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में समुद्र की स्थिति भी खराब रह सकती है. यहां 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. मछुआरों और समुद्र में जाने की योजना बना रहे लोगों को स्थानीय चेतावनियों का पालन करना चाहिए.

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