Karauli News I करौली में यहां नहीं निकलता ताजिया जुलूस I rajasthan news

Last Updated:June 26, 2026, 16:17 IST
Karauli News:देशभर में मोहर्रम पर ताजिया जुलूस निकाले जाते हैं, लेकिन राजस्थान के करौली में करीब एक सदी से यह परंपरा बंद है. राजशाही काल में हुए एक विवाद के बाद दोनों समुदायों की आपसी सहमति से लिया गया यह फैसला आज भी कायम है और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल माना जाता है. इसके पीछे सामाजिक सौहार्द से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी है. जिसे आपसी विश्वास और सांप्रदायिक सौहार्द की अनोखी मिसाल माना जाता है.
आज भी इस निर्णय का पालन किया जा रहा है और करौली में मोहर्रम शांतिपूर्ण एवं अलग तरीके से मनाया जाता है. स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बुजुर्ग हाफिज खलील बताते हैं कि पहले करौली में भी मोहर्रम पर ताजिया निकाला जाता था, लेकिन वर्षों पहले रामलीला बाजार में ताजिया जुलूस और रामलीला आयोजन का समय एक साथ होने से विवाद की स्थिति बन गई थी.
इसके बाद तत्कालीन राजदरबार में दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई और भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए ताजिया जुलूस नहीं निकालने पर सहमति बनी.तब से करौली में यह परंपरा पूरी तरह बंद है.
इस एक घटना के बाद राज दरबार में दोनों समुदायों के बीच विस्तृत चर्चा के बाद आपसी सहमति बनी कि भविष्य में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए ताजिया जुलूस करौली शहर में नहीं निकाला जाएगा.
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इतिहासकारों के अनुसार यह निर्णय किसी प्रशासनिक प्रतिबंध से अधिक सामाजिक सहमति का परिणाम था. यही वजह है कि आज भी करौली में मोहर्रम के दौरान ताजिया जुलूस की तैयारी नहीं होती. वर्षों से चली आ रही यह परंपरा अब शहर की सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी समझ का एक अनोखा उदाहरण मानी जाती है.
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