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Sikar News: पक्षियों का घर ही नहीं किसानों की लाइफलाइन भी है रैवासा वेटलैंड, एक गलती से खत्म हो सकते हैं बड़े फायदे

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किसानों की लाइफलाइन है रैवासा वेटलैंड, फसल और पशुओं के चारे तक देता है सहारा

Last Updated:August 07, 2026, 15:57 IST

Sikar Rawasas Wetland : सीकर का रैवासा वेटलैंड पक्षियों के साथ किसानों और पशुपालकों के लिए भी महत्वपूर्ण है. यह भूजल रिचार्ज, कीट नियंत्रण और चारे का स्रोत है. प्लास्टिक और कचरा इसे नुकसान पहुंचा रहा है. यदि यह जैविक संतुलन बना रहे तो किसानों को कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम करने और अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलती है.

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Sikar News: आमतौर पर वेटलैंड की चर्चा पक्षियों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के रूप में होती है. लेकिन सीकर का रैवासा वेटलैंड इससे कहीं ज्यादा खास है. यह क्षेत्र आसपास के किसानों और पशुपालकों के लिए भी प्राकृतिक सहारे का काम करता है. यहां जमा होने वाला पानी भूजल रिचार्ज में मदद करता है और आसपास की जमीन में नमी बनाए रखता है. इसका सीधा लाभ खेती को मिलता है. यही वजह है कि रैवासा वेटलैंड को केवल पक्षियों का ठिकाना नहीं, बल्कि किसानों की लाइफलाइन भी माना जा सकता है.

वेटलैंड में लंबे समय तक पानी ठहरने से जमीन में पानी के रिसाव की प्रक्रिया चलती रहती है. इससे आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. बारिश के दौरान वेटलैंड पानी को एक जगह रोकने के साथ प्राकृतिक जल भंडार की तरह काम करता है. इसका फायदा आसपास के खेतों को मिलता है. जमीन में बनी रहने वाली नमी फसलों के लिए उपयोगी होती है और सिंचाई पर निर्भरता को भी कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकती है.

खेतों के प्राकृतिक कीट नियंत्रक हैं पक्षी

रैवासा वेटलैंड में आने वाले विभिन्न प्रजातियों के पक्षी केवल जैव विविधता की खूबसूरती नहीं बढ़ाते है, बल्कि कृषि पारिस्थितिकी तंत्र में भी अहम भूमिका निभाते हैं. यही रहने वाले कई पक्षी और छोटे जीव खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को खाते हैं. इससे कीटों की संख्या नियंत्रित रखने में प्राकृतिक मदद मिलती है. यदि यह जैविक संतुलन बना रहे तो किसानों को कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम करने और अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलती है.

घास और वनस्पतियां पशुपालकों का सहारा

वेटलैंड से जुड़े घास के मैदान और आसपास की प्राकृतिक वनस्पतियां पशुपालकों के लिए भी बेहद उपयोगी हैं. क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक घास पशुओं के चारे की जगह बनती है. पशुपालकों के लिए इसका महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि चारे की कीमत बढ़ने पर पशुपालन की लागत सीधे प्रभावित होती है। वेटलैंड सुरक्षित रहेगा तो घास और वनस्पतियों का प्राकृतिक चक्र भी बेहतर तरीके से कायम रह सकता है.

प्लास्टिक और कचरा बढ़ा तो चार मोर्चों पर नुकसान

रैवासा वेटलैंड में बढ़ता प्लास्टिक और कचरा सिर्फ पक्षियों और वन्यजीवों के लिए खतरा नहीं है. कचरे से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने पर इसका असर भूजल और आसपास की कृषि व्यवस्था पर भी पड़ सकता है. दूषित वातावरण पशुओं और पक्षियों के लिए भी नुकसानदायक बन सकता है. रैवासा वेटलैंड की असली अहमियत इसकी जैव विविधता के साथ उससे जुड़े ग्रामीण जीवन में छिपी है. पानी का प्राकृतिक भंडारण, भूजल रिचार्ज, खेतों में कीट नियंत्रण और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता ये सभी फायदे एक-दूसरे से जुड़े हैं. इसलिए इसका संरक्षण स्थानीय किसानों और पशुपालकों के लिए भी उतना ही जरूरी है, जितना प्रवासी पक्षियों और वन्यजीवों के लिए.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Sikar,Sikar,Rajasthan

First Published :

August 07, 2026, 15:57 IST

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