karauli news I दुनिया में अनोखी, स्वाद में लाजवाब! तीज पर करौली की ‘तिल चामड़ी’ की बढ़ जाती है डिमांड

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तीज पर करौली की अनोखी मिठाई ‘तिल चामड़ी’, सिर्फ एक महीने मिलता है स्वाद
Last Updated:August 14, 2026, 18:04 IST
राजस्थान के करौली में तीज के मौके पर घेवर के साथ एक अनोखी मिठाई की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है. ‘तिल चामड़ी’ नाम की यह खास मिठाई तिल पर चाशनी की बारीक परत चढ़ाकर तैयार की जाती है. कई पीढ़ियों से मुस्लिम परिवार इस पारंपरिक मिठाई को बनाने का हुनर संभाल रहे हैं. तीज से राखी तक करीब 15-20 दिनों के लिए बाजार में मिलने वाली यह मिठाई स्वाद के साथ अपनी लंबी शेल्फ लाइफ के लिए भी खास मानी जाती है.
सावनी तीज के अवसर पर अगर किसी मिठाई की सबसे ज्यादा मांग रहती है तो वह राजस्थान की पारंपरिक मिठाई घेवर है. लेकिन करौली में तीज के त्योहार पर घेवर के अलावा एक ऐसी खास मिठाई भी तैयार की जाती है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों का दावा है कि यह दुनिया में केवल करौली में ही बनाई जाती है.
स्वाद में मीठी और लंबे समय तक खराब न होने वाली तिल चामड़ी तीज के साथ-साथ राखी पर भेजी जाने वाली सोगियों में भी खास तौर पर शामिल की जाती है. स्थानीय निवासी राजेंद्र गुप्ता बताते हैं कि तिल चामड़ी करौली की खास पहचान वाली पारंपरिक मिठाइयों में शामिल है. सावनी तीज के अवसर पर इसकी मांग बढ़ जाती है. हिंदू परिवारों में तीज के त्योहार और रक्षाबंधन पर बेटियों और रिश्तेदारों के यहां भेजी जाने वाली सोगियों में इसका विशेष महत्व रहता है.
कई पीढ़ियों से तिल चामड़ी तैयार कर रहे कमर खान बताते हैं कि करौली में तीज के अवसर पर तिल से तैयार होने वाली इस खास मिठाई की मांग काफी बढ़ जाती है. करौली के साथ आसपास के इलाकों से भी लोग इसे खरीदने के लिए पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि तिल चामड़ी बनाने में अच्छी गुणवत्ता वाली तिल का इस्तेमाल किया जाता है. तिल के ऊपर विशेष तरीके से तैयार की गई चाशनी की परत चढ़ाई जाती है.
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करौली में इसके कारोबारियों का कहना है कि तिल और चाशनी से तैयार होने वाली यह मिठाई लंबे समय तक खराब नहीं होती. उचित तरीके से रखे जाने पर यह करीब एक महीने तक चल सकती है. यही कारण है कि इसे दूर रहने वाले रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के लिए सोगी के रूप में भी भेजा जाता है.
तिल चामड़ी तैयार करने के लिए पहले चाशनी को सही तरीके से तैयार किया जाता है. इसके बाद अच्छी गुणवत्ता वाली तिल पर चाशनी की परत चढ़ाई जाती है. पूरी प्रक्रिया में काफी मेहनत और अनुभव की जरूरत होती है. कई पीढ़ियों से इस मिठाई को तैयार करने वाले परिवारों ने इसके बनाने का हुनर आज भी संभालकर रखा है.
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August 14, 2026, 18:04 IST



