Infrastructure: रेगिस्तान में मजबूत होगा सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसलमेर में एस्केप चैनल को 785.87 हेक्टेयर जमीन मंजूर

Last Updated:September 24, 2026, 07:56 IST
Jaisalmer Irrigation Infrastructure Project: पश्चिमी राजस्थान के सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जैसलमेर में बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में एस्केप चैनल निर्माण के लिए 785.87 हेक्टेयर भूमि आवंटन की स्वीकृति दी है. प्रस्तावित चैनल का निर्माण बाबा रामदेव सब ब्रांच की बुर्जी पर किया जाएगा. सरकार के अनुसार, यह परियोजना नहरी तंत्र के सुदृढ़ीकरण, जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण है. जैसलमेर जैसे शुष्क क्षेत्र में कृषि काफी हद तक नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर है. ऐसे में सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से किसानों के लिए जल सुविधा बेहतर करने का लक्ष्य है. यह मंजूरी पश्चिमी राजस्थान में जल संसाधन और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की कड़ी के रूप में सामने आई है.पश्चिमी राजस्थान के सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जैसलमेर में बड़ा कदम उठाया गया है.
जयपुर. पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जैसलमेर जिले में इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र के तहत एस्केप चैनल के निर्माण के लिए 785.87 हेक्टेयर भूमि आवंटन की स्वीकृति दी है. इस फैसले के बाद बाबा रामदेव सब ब्रांच की बुर्जी पर प्रस्तावित एस्केप चैनल के निर्माण का रास्ता साफ होगा. सरकार के अनुसार, इस परियोजना से नहरी तंत्र के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के साथ पश्चिमी राजस्थान में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
जैसलमेर जैसे सीमावर्ती और शुष्क जिले में कृषि गतिविधियां बड़े स्तर पर नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर हैं. ऐसे में एस्केप चैनल को केवल एक जल निकासी संरचना के तौर पर नहीं, बल्कि नहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है. इसके निर्माण से इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े सिंचाई तंत्र को और व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है. भूमि आवंटन की मंजूरी के बाद अब प्रस्तावित चैनल के निर्माण से जुड़े अगले चरण आगे बढ़ सकेंगे.
नहरी नेटवर्क को मिलेगा विस्तार
इंदिरा गांधी नहर परियोजना पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में कृषि और सिंचाई व्यवस्था का आधार है. नहरों, सब ब्रांच और संबंधित जल संरचनाओं का नेटवर्क रेगिस्तानी क्षेत्र में खेती के लिए जरूरी जल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाता है. इसी नेटवर्क के तहत बाबा रामदेव सब ब्रांच की बुर्जी पर एस्केप चैनल प्रस्तावित है. इसके लिए 785.87 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है. सरकार का कहना है कि इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से नहरी तंत्र को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी. एस्केप चैनल के निर्माण से जल प्रबंधन की व्यवस्था को बेहतर करने के साथ नहर प्रणाली की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा सकेगा.
किसानों के लिए सिंचाई सुविधा पर सरकार का फोकस
पश्चिमी राजस्थान में खेती के लिए पानी की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल है. नहरी क्षेत्र में सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने का सीधा संबंध कृषि गतिविधियों से है. सरकार के मुताबिक जैसलमेर में प्रस्तावित एस्केप चैनल से क्षेत्र में सिंचाई के लिए जल उपलब्धता और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. इससे नहरी क्षेत्र से जुड़े किसानों को कृषि कार्यों के लिए बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. सरकार की ओर से प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है. खास तौर पर पश्चिमी राजस्थान के नहरी इलाकों में जल आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है. जैसलमेर में भूमि आवंटन की मंजूरी इसी कड़ी का हिस्सा है.
रेगिस्तान में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर की अहम कड़ी होगी साबित
जैसलमेर का बड़ा भौगोलिक हिस्सा शुष्क और रेगिस्तानी क्षेत्र में आता है. ऐसे इलाकों में सिंचाई से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इंदिरा गांधी नहर परियोजना ने इस क्षेत्र में कृषि गतिविधियों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अब प्रस्तावित एस्केप चैनल को नहरी नेटवर्क की मौजूदा संरचना को और सुदृढ़ करने वाली परियोजना के रूप में देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद 785.87 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना के लिए उपलब्ध कराई जाएगी. इससे निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी होने का रास्ता साफ होगा. परियोजना के निर्माण और उसके बाद संचालन से जुड़े विभिन्न चरणों के पूरा होने पर इसके वास्तविक प्रभाव की तस्वीर सामने आएगी. फिलहाल सरकार का फोकस पश्चिमी राजस्थान के सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और किसानों तक बेहतर जल सुविधा पहुंचाने पर है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jaisalmer,Rajasthan
First Published :
September 24, 2026, 07:56 IST



