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Kele Ka Halwa Recipe: आप भी बनाए पुराने देसी तरीके से ‘मटकी वाला केले का हलवा’, स्वाद चखकर आपको भी याद आ जाए गांव

Last Updated:October 23, 2026, 08:26 IST

Matki Wala Kele Ka Halwa Recipe: पाली से सामने आई इस अनूठी पारंपरिक रेसिपी के अनुसार, आधुनिक किचन से दूर आज भी गांवों में लोग बिना गैस चूल्हे के मिट्टी की मटकी और देसी चूल्हे पर बेहद स्वादिष्ट ‘केले का हलवा’ तैयार करते हैं. मटकी को पारंपरिक तंदूर की तरह इस्तेमाल करके धीमी आंच पर पकाए गए इस हलवे में मिट्टी की सौंधी खुशबू और देसी घी का शाही स्वाद मिलता है. पाली के हेमंत लालवानी द्वारा साझा की गई इस रिपोर्ट में मटकी का चूल्हा बनाने और केले का हलवा तैयार करने की पूरी विधि बताई गई है.

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पाली: देशभर में भले ही आधुनिक तकनीक और गैस-इंडक्शन के साथ तरह-तरह के पकवान बनाने का दौर चल रहा हो, मगर गांवों में आज भी कुछ ऐसे परिवार मौजूद हैं जो पारंपरिक रूप से बिना गैस चूल्हे और आधुनिक बर्तनों के ऐसी अद्भुत रेसिपी तैयार करते हैं जो हर किसी के मन को सुकून दे देती है. इन पारंपरिक पकवानों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इनमें लाजवाब स्वाद के साथ-साथ हमारी प्राचीन संस्कृति और मिट्टी से गहरा जुड़ाव भी साफ झलकता है. आजकल के मॉडर्न किचन में नॉन-स्टिक पैन और इंडक्शन कुकटॉप्स अपनी जगह बना चुके हैं, लेकिन जो मिठास, सौंधापन और पौष्टिक गर्माहट गांव की पारंपरिक कुकिंग में मिलती है, उसका मुकाबला आज भी कोई नहीं कर सकता. अगर आप भी मीठे में कुछ पूरी तरह पारंपरिक, देसी और सेहतमंद ट्राई करना चाहते हैं, तो पाली के पारंपरिक अंदाज में बनी ‘मटकी वाले केले के हलवा’ का कोई जवाब नहीं है.

पाली से हेमंत लालवानी की रिपोर्ट के अनुसार, गांवों में यह खास हलवा तैयार करने के लिए मिट्टी की मटकी का इस्तेमाल बेहद अनोखे तरीके से किया जाता है:

छिद्र बनाना: सबसे पहले एक मजबूत और पुरानी मिट्टी की मटकी ली जाती है. इस मटकी के निचले या सामने वाले हिस्से को सावधानी से थोड़ा सा तोड़कर एक बड़ा छिद्र या मुंह बना दिया जाता है, ताकि उसमें सूखी लकड़ियां और उपले आसानी से डाले जा सकें.
बर्तन टिकाना: मटकी के सबसे ऊपरी मुंह पर मिट्टी की ही एक चौड़ी और उथली हंडी या कड़ाही को बहुत ही मजबूती के साथ टिका दिया जाता है.
आग जलाने की विधि: मटकी के नीचे बने छेद के रास्ते से लकड़ियां डालकर आग जलाई जाती है. यह पूरी मटकी किसी पारंपरिक तंदूर या ओवन की तरह काम करती है, जिससे ऊपर रखे बर्तन को बहुत ही धीमी और एकसमान आंच मिलती है, जो खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है.

मटकी वाला केले का हलवा बनाने के लिए आवश्यक सामग्रीइस स्वादिष्ट और शाही हलवे को तैयार करने के लिए रसोई में मिलने वाली कुछ सामान्य चीजों की जरूरत पड़ती है:

पके हुए ताजे केले: 4 से 5 बड़े आकार के
शुद्ध देसी घी: 3 से 4 बड़े चम्मच
गुड़ या चीनी: स्वादानुसार (पारंपरिक स्वाद और रंग के लिए गुड़ का इस्तेमाल ज्यादा बेहतर माना जाता है)
दूध या मावा (खोया): आधा कप
इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच
कटे हुए मेवे: काजू, बादाम और पिस्ता (2 बड़े चम्मच)

केले का हलवा तैयार करने की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपीपारंपरिक अंदाज में इस हलवे को बनाने की विधि बहुत ही दिलचस्प है:

केले तैयार करना: सबसे पहले ताजे और पूरी तरह पके हुए केलों को अच्छी तरह छीलकर मिट्टी के बर्तन में चम्मच या लकड़ी की मथानी की मदद से अच्छी तरह मैश कर लें.
भूनने की शुरुआत: अब मटकी के ऊपर रखे मिट्टी के बर्तन में शुद्ध देसी घी डालें. घी के गर्म होते ही उसमें कटे हुए मेवे डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनकर बाहर निकाल लें.
केले को धीमी आंच पर पकाना: अब उसी बचे हुए घी में मैश किए हुए केले डालें. मटकी के अंदर जल रही लकड़ियों की धीमी आंच पर केलों को लगातार चलाते हुए अच्छी तरह भूनें. धीरे-धीरे केलों का रंग सुनहरा होने लगेगा और उनमें से घी अलग होने लगेगा.
दूध और मिठास मिलाना: जब केले अच्छी तरह भून जाएं, तब इसमें ताजा दूध या मावा मिलाएं. इसे तब तक पकाएं जब तक पूरा मिश्रण गाढ़ा न हो जाए. इसके बाद इसमें स्वादानुसार गुड़ या पिसी हुई चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें.
सौंधी खुशबू और तड़का: हलवे के पूरी तरह गाढ़े होने पर इसमें इलायची पाउडर और पहले से भुने हुए मेवे मिला दें. इसे मिट्टी के बर्तन की धीमी आंच पर 2 से 3 मिनट और पकने दें.

मिट्टी के बर्तन का असली जादूमटकी और लकड़ियों की धीमी आंच पर पकने की वजह से केले का प्राकृतिक स्वाद और मिठास कई गुना बढ़ जाती है. मिट्टी के बर्तनों से मिलने वाले प्राकृतिक खनिज और जलती हुई लकड़ियों के धुएं की हल्की सौंधी खुशबू इस साधारण से हलवे को एक बिल्कुल शाही दर्जा देती है. अब इस गरमा-गरम ‘मटकी वाला केले का हलवा’ को कटोरी में निकालकर परोसें और अपनी फैमिली के साथ इस अद्भुत देसी मिठास का भरपूर आनंद उठाएं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Pali,Pali,Rajasthan

First Published :

October 23, 2026, 08:25 IST

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