कर्नाटक में लोगों को लगेगा बिजली का झटका, जानें कब से जेब पर पड़ेगा भारी?

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कर्नाटक में लोगों को लगेगा बिजली का झटका, जानें कब से जेब पर पड़ेगा भारी?
Last Updated:April 18, 2026, 14:30 IST
कर्नाटक के लोगों को बिजली का झटका लगाने वाला है. राजस्व घाटे की वसूली के लिए कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने तैयारी कर ली है. बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी को अनुमति दे दी गयी है. इसके चलते बिजली बिलों में थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी.
कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने मंजूरी दी. फाइल फोटो
बेंगलुरु. कर्नाटक के लोगों को बिजली का झटका लगाने वाला है. राजस्व घाटे की वसूली के लिए कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने तैयारी कर ली है. बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी को अनुमति दे दी गयी है. इसके चलते बिजली बिलों में थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी. कर्नाटक में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है, लेकिन कंपनी को घाटा हो रहा है. कमीशन का यह फैसला सप्लाई कंपनी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार रेगुलेटरी कमीशन ने सप्लाई कंपनी की सालाना परफॉर्मेंस की समीक्षा के बाद 2024-25 के लिए 34,087.94 करोड़ रुपये की कुल राजस्व जरूरत को मंजूरी दे दी है. कंपनी ने इस दौरान 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व घाटा बताया था. अब इस घाटे को ‘ट्रू-अप चार्जेस’ के रूप में 12 मासिक किस्तों में वसूला जाएगा. मतलब यह कि मई या जून 2026 से बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में बिजली बिलों में अतिरिक्त राशि जुड़ने लगेगी.
यह बढ़ोतरी पहले से मंजूर 56 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ वृद्धि के अलावा होगी. हालांकि, कारपोरेशन ने एक साथ बड़ी बढ़ोतरी की अनुमति नहीं दी है, बल्कि इसे किस्तों में करके ग्राहकों पर बोझ कम करने की कोशिश की है.
सप्लाई कंपनी को अब स्मार्ट मीटर लगाने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में तेजी लानी होगी. रेगुलेटर ने कंपनी पर कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं. साथ ही, बार-बार बिजली कटौती से परेशान औद्योगिक उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया गया है.
सप्लाई कंपनी ने 3,164.79 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च का दावा किया था, जिसे कमीशन ने कुछ शर्तों के साथ मंजूर कर लिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरों में यह बढ़ोतरी जरूरी हो गयी है, हालांकि आम उपभोक्ताओं और छोटे उद्योगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा.
About the AuthorSharad Pandeyविशेष संवाददाता
करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
April 18, 2026, 14:30 IST



