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कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट आरटीयू समझौता

Last Updated:April 23, 2026, 08:14 IST

Kota Greenfield Airport RTU Quality Monitoring MoU: कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता की निगरानी अब राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) करेगा. एएआई और आरटीयू के बीच 800 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए ‘थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस’ का समझौता हुआ है. आरटीयू ने इस जिम्मेदारी को पाने के लिए आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों के साथ प्रतिस्पर्धा की थी. अगले दो वर्षों तक विश्वविद्यालय की टीम 440 हेक्टेयर में बन रहे एयरपोर्ट, टर्मिनल बिल्डिंग और 3200 मीटर लंबे रनवे के निर्माण की निगरानी करेगी.

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कोटा एयरपोर्ट के निर्माण की गुणवत्ता जांचेगा RTUZoomकोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट आरटीयू समझौता

Kota News: शिक्षा नगरी कोटा के बहुप्रतीक्षित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. अब इस एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की क्वालिटी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय को सौंपी गई है. इस संबंध में गुरुवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और आरटीयू के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. एएआई के जनरल मैनेजर सुनील प्रसाद और आरटीयू के कुलगुरु प्रो. निमित्त रंजन चौधरी ने इस समझौते को आधिकारिक रूप दिया. यह समझौता कोटा के विकास और विश्वविद्यालय की साख, दोनों के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है.

इस प्रोजेक्ट के लिए चयन प्रक्रिया काफी कड़ी थी जिसमें देश के प्रतिष्ठित संस्थान जैसे आईआईटी और एनआईटी भी दौड़ में शामिल थे. आरटीयू के कुलगुरु प्रो. निमित्त चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय की तकनीकी दक्षता और रिसर्च क्षमता के आधार पर ही यह जिम्मेदारी मिली है. करीब 1507 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले इस प्रोजेक्ट में से लगभग 800 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए आरटीयू को ‘थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस’ का जिम्मा दिया गया है. यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है बल्कि यह राज्य की तकनीकी शिक्षा के बढ़ते स्तर को भी दर्शाती है.

दो वर्षों तक विशेषज्ञ टीम करेगी निगरानीसमझौते के तहत आरटीयू की एक विशेष टीम अगले दो वर्षों तक एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की बारीकी से निगरानी करेगी. इसमें ‘एयरसाइड वर्क्स’ जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं जिनमें रनवे, टैक्सीवे और अन्य तकनीकी ढांचों का निर्माण होना है. इसके साथ ही टर्मिनल बिल्डिंग और अन्य सिविल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी नियमित जांच की जाएगी. इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 440 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में 3200 मीटर लंबा रनवे तैयार किया जाना है. आरटीयू की टीम यह सुनिश्चित करेगी कि निर्माण कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो.

छात्रों और शोधार्थियों के लिए सुनहरा अवसरइस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से न केवल विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत होगी बल्कि यहाँ के छात्रों और शोधार्थियों के लिए भी यह एक बड़ा अवसर है. उन्हें इतने बड़े और हाई-टेक प्रोजेक्ट के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा. निर्माण प्रक्रिया के दौरान तकनीकी बारीकियों को समझने और वैश्विक स्तर की इंजीनियरिंग को करीब से देखने का यह मौका छात्रों के करियर के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा. कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अब विशेषज्ञ निगरानी में होने से इसकी गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर शहरवासियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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First Published :

April 23, 2026, 08:14 IST

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