Kota News: कोटा दशहरा मेले ने तोड़ा कमाई का रिकॉर्ड, निगम की झोली में आए 5.15 करोड़; अभी और बढ़ेगी आय

Last Updated:October 30, 2026, 14:03 IST
Kota News: कोटा के राष्ट्रीय दशहरा मेले में इस बार नगर निगम ने कमाई का नया रिकॉर्ड बनाया है. दुकानों, झूलों और फुटपाथ की दुकानों के आवंटन से निगम को 5.15 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला है, जो पिछले साल से करीब 50 लाख रुपये ज्यादा है. खाली झूलों के आवंटन से आय में और बढ़ोतरी की उम्मीद है.
कोटा. राष्ट्रीय दशहरा मेले में इस बार नगर निगम ने राजस्व अर्जित करने का नया रिकॉर्ड बनाया है. मेले में दुकानों, झूलों और फुटपाथ पर लगने वाली दुकानों के आवंटन से नगर निगम की आय 5.15 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 50 लाख रुपये ज्यादा है. वहीं, कुछ खाली झूलों का आवंटन होने पर निगम की आय में 15 से 20 लाख रुपये और बढ़ोतरी होने की संभावना है.
नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि मेले में राजस्व बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए विजिलेंस टीमें भी लगाई गई हैं जो टीमें औचक निरीक्षण कर यह जांच कर रही हैं कि कहीं कोई व्यापारी बिना रसीद कटवाए दुकान तो नहीं लगा रहे ऐसे मामलों में रसीद काटकर राजस्व की वसूली की जा रही है. अगले साल दशहरा मेले के दूसरे चरण में अलग-अलग बाजार विकसित करने की योजना है. इसके तहत फूड मार्केट, मनियारी मार्केट और खिलौनों व स्पोर्ट्स के सामान की दुकानों के लिए अलग-अलग जगह तय की जाएगी. जो बाजारों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने से दुकानों का आवंटन आसान होगा और जो दुकानें खाली रह जाती हैं, उनके भी आवंटित होने की संभावना बढ़ेगी, इससे निगम को अतिरिक्त राजस्व मिल सकेगा.
तीन तरह की दुकानों से हुई कमाई
नगर निगम के उपायुक्त धीरज कुमार सोनी ने बताया कि मेले में स्थायी, अस्थायी और फुटपाथ की दुकानों से राजस्व मिलता है. इस बार पूरी योजना के साथ आवंटन प्रक्रिया पूरी की गई, ताकि व्यापारियों और आमजन को परेशानी नहीं हो और निगम की आय भी बढ़े. उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में नगर निगम को मेले से करीब 4.28 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में लगभग 4.70 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था. इस बार यह आंकड़ा 5.15 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। पिछले साल की तुलना में करीब 50 लाख रुपये अधिक राजस्व अर्जित हुआ है.
दशहरा मेले का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना नहीं है, निगम का प्रयास रहता है कि मेले के आयोजन पर होने वाले खर्च और उससे मिलने वाले राजस्व के बीच का अंतर कम किया जाए. इसके लिए एक ओर राजस्व बढ़ाने और दूसरी ओर खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने पर जोर दिया जा रहा है. इस बार बेहतर योजना और टीम के सामूहिक प्रयासों से राजस्व में बढ़ोतरी हुई है. आगे भी मेले को सुरक्षित, भव्य और आकर्षक बनाने के साथ आय बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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October 30, 2026, 14:03 IST



