Lumpy Skin Disease | Lumpy Virus in Bharatpur | भरतपुर में लंपी का कहर

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भरतपुर में लंपी का कहर, 3000 गोवंश संक्रमित, जानें विभाग की अहम एडवाइजरी
Last Updated:September 18, 2026, 08:52 IST
Lumpy Virus in Bharatpur: भरतपुर जिले में लंपी वायरस का संक्रमण फिर से फैल रहा है, जिससे लगभग 3000 गोवंश प्रभावित हुए हैं. राहत की बात यह है कि 80% पशुओं के टीकाकरण के कारण बीमारी कम गंभीर है और 828 पशु स्वस्थ भी हो चुके हैं. यूपी सीमा से सटे इलाकों, सेवर, नदबई और उच्चैन में मामले अधिक हैं. पशुपालन विभाग ने एक कंट्रोल रूम (05644-224375) स्थापित किया है और रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात की हैं. पशुओं में लक्षण दिखने पर तुरंत सूचना देने और उन्हें अलग रखने की सलाह दी गई है.
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Bharatpur: राजस्थान के भरतपुर जिले में एक बार फिर लंपी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) ने गोवंश को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है. पशुपालकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि संक्रमण तेजी से फैल रहा है. हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बार संक्रमण की गंभीरता पिछली बार की तुलना में कम देखी जा रही है. पशुपालन विभाग सतर्क है और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. आइए जानते हैं भरतपुर में लंपी वायरस की वर्तमान स्थिति और बचाव के उपाय.
भरतपुर जिले में लंपी वायरस के मामले अगस्त के तीसरे सप्ताह से, विशेषकर 20 अगस्त के आसपास से सामने आने लगे थे. पशुपालन विभाग के अनुसार, अब तक जिले में लगभग 3,000 गोवंश में लंपी संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है. अधिकारियों का मानना है कि बारिश के अंतिम दौर के बाद बढ़ी हुई आर्द्रता और मौसम में बदलाव ने इस संक्रामक बीमारी के फैलने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया. प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश सीमा से सटे इलाकों में संक्रमण के मामले अधिक देखे गए हैं. इसके बाद, यह बीमारी जिले के अन्य क्षेत्रों में भी फैलने लगी. वर्तमान में, सेवर, नदबई और उच्चैन क्षेत्रों में लंपी संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जो पशुपालकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं.
टीकाकरण और राहत की खबरभरतपुर जिले में लगभग एक लाख गोवंश की आबादी है. पशुपालन विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए करीब 80% पशुओं का टीकाकरण (Vaccination) पूरा कर लिया है. विभाग के अधिकारी मनोज कुमार ने जानकारी दी कि इसी व्यापक टीकाकरण अभियान का परिणाम है कि इस बार संक्रमित पशुओं में बीमारी गंभीर रूप नहीं ले रही है. टीकाकरण के कारण पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ी है, जिससे मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है. अब तक 828 संक्रमित पशु पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है. टीकाकरण अभियान अभी भी जारी है ताकि शत-प्रतिशत गोवंश को सुरक्षित किया जा सके.
लंपी वायरस के प्रमुख लक्षणपशुपालकों को अपने पशुओं की सेहत पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी गई है. लंपी से संक्रमित पशु शुरुआत में चारा और पानी कम कर सकता है, जो इसका पहला संकेत हो सकता है. इसके बाद, पशु के शरीर, गर्दन और पीठ पर गांठें (नोड्यूल) दिखाई देने लगती हैं. अन्य लक्षणों में तेज बुखार, आंखों और नाक से पानी आना, और दूध उत्पादन में कमी शामिल हो सकते हैं. समय पर उपचार मिलने पर, पशु तीन से पांच दिनों के भीतर सुधार के संकेत दिखाना शुरू कर सकता है.
पशुपालन विभाग की एडवाइजरी और कंट्रोल रूमभरतपुर में स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संक्रमित पशु की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम के नंबर 05644-224375 पर दें.
सूचना मिलने पर, विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (Rapid Response Team) तुरंत मौके पर पहुंचती है. इस टीम में एक पशु चिकित्सक (Veterinarian), एक एलएसआई (LSI), और एक पशुधन परिचर शामिल होते हैं. विभाग ने पशुपालकों को संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की भी एडवाइजरी जारी की है. मक्खी-मच्छरों से बचाव के उपाय करना भी संक्रमण को रोकने में मददगार साबित हो सकता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
September 18, 2026, 08:52 IST



